पूर्वांचल-बिहार के छात्रों के लिए खुशखबरी, AIIMS गोरखपुर में शुरू होंगे 5 नए सुपर स्पेशियलिटी कोर्स
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, गोरखपुर यानी (AIIMS GORAKHPUR) जल्द ही पांच नए सुपर स्पेशियलिटी और पोस्ट डॉक्टोरल सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने जा रहा है। चिकित्सा शिक्षा और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पूर्वांचल, बिहार और नेपाल के उन छात्रों के लिए बड़ी खबर है जो डॉक्टर बनने की तैयारी कर रहे हैं। दरअसल, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, गोरखपुर यानी (AIIMS GORAKHPUR) जल्द ही पांच नए सुपर स्पेशियलिटी और पोस्ट डॉक्टोरल सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने जा रहा है। चिकित्सा शिक्षा और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इन नए पाठ्यक्रमों को संस्थान की नौवीं स्टैंडिंग एकेडमिक कमेटी (SAC) की बैठक में मंजूरी दी गई है।
पूर्वांचल-बिहार और नेपाल के छात्रों को नए अवसर
बताते चलें कि इन 5 नए कोर्स शुरू होने के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ पूर्वांचल, बिहार और नेपाल के छात्रों को भी चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। साथ ही, क्षेत्र में सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। चलिए जानते हैं कि 5 नए कोर्स कौन-कौन से हैं।
किन 5 कोर्स को मिली है मंजूरी
एम्स गोरखपुर के अनुसार, नए पाठ्यक्रमों में एमसीएच न्यूरोसर्जरी, डीएम क्लीनिकल फार्माकोलॉजी, पीडीसीसी इन एफेरेसिस एंड कंपोनेंट थेरेपी, पीडीसीसी इन आर्थ्रोप्लास्टी और पीडीसीसी इन आर्थ्रोस्कोपी एंड स्पोर्ट्स इंजरी शामिल हैं। ये सभी पाठ्यक्रम क्रमशः न्यूरोसर्जरी, फार्माकोलॉजी, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन और ऑर्थोपेडिक्स विभागों के अंतर्गत संचालित किए जाएंगे। संस्थान का मानना है कि इन कोर्सों के शुरू होने से सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और छात्रों को विशेषज्ञता हासिल करने के नए अवसर प्राप्त होंगे।
5 नए कोर्स के नाम
1. एमसीएच न्यूरोसर्जरी
2. डीएम क्लीनिकल फार्माकोलॉजी
3. पीडीसीसी इन एफेरेसिस एंड कंपोनेंट थेरेपी
4. पीडीसीसी इन आर्थ्रोप्लास्टी
5. पीडीसीसी इन आर्थ्रोस्कोपी एंड स्पोर्ट्स इंजरी
इन कोर्स से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
मीडिया प्रभारी डॉ. अरूप मोहंती ने बताया कि एमसीएच न्यूरोसर्जरी पाठ्यक्रम शुरू होने से गंभीर मस्तिष्क और रीढ़ संबंधी बीमारियों के इलाज को मजबूती मिलेगी, वहीं इस क्षेत्र में शोध एवं नवाचार के नए अवसर भी विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि डीएम क्लीनिकल फार्माकोलॉजी पाठ्यक्रम के जरिए दवाओं के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग, क्लीनिकल रिसर्च तथा नई औषधियों के मूल्यांकन में विशेषज्ञ चिकित्सक तैयार किए जा सकेंगे।
अन्य कोर्स से फायदे
इसके अलावा, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग में शुरू होने वाला पीडीसीसी इन एफेरेसिस एंड कंपोनेंट थेरेपी पाठ्यक्रम ब्लड और ब्लड अवयवों से संबंधित आधुनिक उपचार पद्धतियों में विशेषज्ञता प्रदान करेगा। वहीं, ऑर्थोपेडिक्स विभाग के अंतर्गत शुरू किए जा रहे पीडीसीसी इन आर्थ्रोप्लास्टी और पीडीसीसी इन आर्थ्रोस्कोपी एंड स्पोर्ट्स इंजरी पाठ्यक्रमों के माध्यम से जोड़ों के प्रत्यारोपण और खेल संबंधी चोटों के उपचार में विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार किए जाएंगे।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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