Agniveer Recruitment 2027: वोकेशनल कोर्स करने वाले भी बन सकेंगे टेक्निकल अग्निवीर, सेना ने दी 6 कोर्स को हरी झंडी
Agniveer Recruitment 2027: वोकेशनल कोर्स वाले अभ्यर्थी भी अग्निवीर बन सकते हैं। सेना ने छह वोकेशनल कोर्स को अग्निवीर बहाली में शामिल होने के लिए मान्यता दी है। इसका मुख्य उद्देश्य तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं को सेना की आधुनिक कार्यप्रणाली से जोड़ना है।

Agniveer Recruitment 2027: भारतीय सेना ने अपनी अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव किया है। अब वोकेशनल (व्यावसायिक) कोर्स करने वाले अभ्यर्थी भी सेना में 'अग्निवीर टेक्निकल' श्रेणी का हिस्सा बन सकते हैं। सेना ने शैक्षणिक सत्र 2027 के लिए 6 विशेष वोकेशनल कोर्स को मान्यता दी है। इसका मुख्य उद्देश्य तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं को सेना की आधुनिक कार्यप्रणाली से जोड़ना है।
मान्यता प्राप्त 6 नए वोकेशनल कोर्स
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के विजन को आगे बढ़ाते हुए, इन कोर्सेज को दो स्तरों—सीनियर सेकेंडरी और हायर एजुकेशन में विभाजित किया गया है। सेना भर्ती कार्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इन विषयों के छात्र अब आवेदन कर सकेंगे:
सीनियर सेकेंडरी लेवल (11वीं-12वीं): इस स्तर के तहत वेब एप्लीकेशन, इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी और जियोस्पेशियल (भू-स्थानिक) जैसे आधुनिक विषयों को रखा गया है।
हायर एजुकेशन (वोकेशनल डिग्री): उच्च शिक्षा स्तर पर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और रिन्यूएबल एनर्जी मैनेजमेंट जैसे कोर्स करने वाले छात्र अब टेक्निकल अग्निवीर बन सकेंगे।
पात्रता के कड़े मापदंड
अग्निवीर टेक्निकल बनने के लिए केवल वोकेशनल कोर्स होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सेना ने इसके लिए कुछ अनिवार्य शर्तें भी रखी हैं। पात्रता मापदंड के अनुसार:
अनिवार्य विषय: अभ्यर्थी ने अपने शैक्षणिक करियर में फिजिक्स और गणित जैसे बुनियादी विज्ञान विषयों की पढ़ाई जरूर की हो।
न्यूनतम अंक: दो वर्षीय वोकेशनल (व्यावसायिक) कोर्स में कम से कम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
शिक्षा नीति का समन्वय: व्यावसायिक विषयों के ये क्षेत्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशा-निर्देशों के तहत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से तय किए गए हैं।
तकनीकी दक्षता पर सेना का जोर
यह पहली बार नहीं है जब सेना ने तकनीकी शिक्षा को प्राथमिकता दी है। इससे पहले वर्ष 2025-26 की अग्निवीर भर्ती के दौरान भी भर्ती बोर्ड ने अग्निवीर टेक्निकल श्रेणी में दो साल के डिप्लोमा वाले 20 अलग-अलग कोर्सेज को मान्यता दी थी। अब इसमें वोकेशनल कोर्सेज को भी जोड़ दिया गया है, जिससे उन छात्रों के लिए वर्दी पहनने का रास्ता साफ हो गया है जो पारंपरिक किताबी ज्ञान के बजाय हुनर और तकनीक आधारित पढ़ाई कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विषयों के विशेषज्ञों के आने से सेना के तकनीकी संचालन और डेटा प्रबंधन में काफी मदद मिलेगी। यह बदलाव उन लाखों युवाओं के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है जो तकनीकी क्षेत्रों में डिग्री या डिप्लोमा तो रखते हैं, लेकिन सेना में जाने का सपना भी संजोए हुए हैं।



