
इंटर में 99.5% मार्क्स, देश में तीसरी रैंक; फिर UPSC पर साधा निशाना, बनीं अफसर बिटिया
अदिति ने यूपीएससी में 97वीं रैंक लाकर आईएफएस तक का सफर तय किया है। अदिति ने यूपीएससी के लिए खूब मेहनत की थी। आइए जानते हैं अदिति की सक्सेस स्टोरी।
संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद की रहने वाली अदिति छापड़िया ने UPSC 2023 के नतीजों में अपना झंडा गाड़कर साबित किया है कि हुनर, अनुशासन और जज्बे से कोई भी मुकाम पाया जा सकता है। अदिति ने यूपीएससी में 97वीं रैंक लाकर आईएफएस तक का सफर तय किया। अदिति ने दूसरे राज्यों और बड़े शहरों में पढ़ाई के बाद जब उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में जगह बनाना चाहा तो परिवार, गुरुजन और परिचितों ने उनका साथ दिया। आखिर में अदिति ने अफसर बिटिया बन सभी का नाम रोशन किया।

परिवार का मजबूत सहारा और सपनों को पंख
अदिति एक प्रतिष्ठित व्यावसायिक परिवार से आती हैं। पिता आशीष छापड़िया और मां सीमा छापड़िया ने शुरू से ही पढ़ाई को सर्वोपरि रखा और बेटी के हर फैसले में उसका साथ दिया। अदिति बताती हैं कि उनकी राह जितनी कठिन थी, उतनी ही मजबूत उनके माता पिता का विश्वास भी था। इसी भरोसे ने उन्हें बड़ी चुनौतियों से गुजरने की ताकत दी।
शुरू से मेधावी हैं अदिति
अदिति की शैक्षिक यात्रा उनकी लगन का प्रमाण है। अदिति ने आठवीं तक की पढ़ाई लिटिल फ्लावर स्कूल, गोरखपुर से की। हाईस्कूल और इंटर की शिक्षा मेयो कॉलेज गर्ल्स स्कूल, अजमेर से की। अदिति हाईस्कूल में राजस्थान टॉपर रहीं और इंटर में देशभर में तीसरी रैंक लाकर 12वीं में 99.5% अंक हासिल किए। इसके बाद अदिति दिल्ली के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स पहुंचीं। यहीं उनकी सोच और स्पष्ट हुई कि उन्हें प्रशासनिक भूमिका में देश की सेवा करनी है।
असफलता का सामना और फिर वापसी
अदिति के लिए UPSC का रास्ता चुनौतीपूर्ण है। अदिति ने 2023 में पहली बार परीक्षा दी, लेकिन मुख्य परीक्षा में रुकावट आ गई। उन्होंने इस स्थिति को ठहराव नहीं बनने दिया। तुरंत 2024 की तैयारी शुरू की, रफ्तार वही रखी, फोकस वही रखा। प्रीलिम्स पास किया और आगे की तैयारी में लगी रहीं। इसी दौरान UPSC 2023 की दूसरी सूची आई और उसमें उनका नाम देखकर हर किसी की खुशी दोगुनी हो गई।
अदिति छापड़िया की कहानी इस बात की गवाही है कि बड़ी सफलता एक दिन में नहीं आती। यह लगातार मेहनत, गहरी एकाग्रता और अपने लक्ष्य से न हटने की जिद का नतीजा होती है। गोरखपुर और संतकबीरनगर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में रैंक हासिल करने वाली अदिति न सिर्फ अपने परिवार की शान बनीं, बल्कि उन युवाओं के लिए प्रेरणा भी जो यूपीएससी को अपने जीवन का महत्वपूर्ण सपना मानते हैं।





