
BITS पिलानी से इंजीनियरिंग, अब MBBS का अंतिम वर्ष; गजब है आकृति गोयल की जर्नी
aakriti goel story : BITS पिलानी से इंजीनियरिंग के बाद स्टार्टअप लीडर और फिर NEET AIR 1118 के बाद MBBS छात्रा बनीं अकृति गोयल की अनोखी कहानी हजारों युवाओं को नया करियर शुरू करने की प्रेरणा देती है।
aakriti goel story : जिंदगी में करियर बदलने के किस्से तो बहुत हैं, लेकिन आकृति गोयल की कहानी उन सब पर भारी पड़ती है। एक लड़की, जिसने BITS पिलानी जैसे टॉप के संस्थान से इंजीनियरिंग की, फिर तेज-तर्रार स्टार्टअप दुनिया में लीडरशिप रोल्स निभाए, फिर सब कुछ छोड़कर NEET की तैयारी की, AIR 1118 हासिल किया और आज हिंदू राव हॉस्पिटल में MBBS की आखिरी साल की छात्रा है। और यह सब करते हुए उसने इंस्टाग्राम-यूट्यूब पर एक लाख से ज्यादा लोगों की डिजिटल कम्युनिटी भी खड़ी कर दी। उसकी जिंदगी जैसे किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है, जैसे कोई स्क्रिप्ट से चल रही है। आकृति की कहानी यह बताती है कि चाहे दोबारा शुरू करना हो या बिल्कुल दूसरा रास्ता चुनना हो... इसके लिए कभी देर नहीं होती।
अकृति की कहानी उन हजारों युवाओं के दिल से उतरती है जो अपनी पहली नौकरी, पहला करियर, या पहली असफलता के बाद सोचते हैं कि “क्या अब बहुत देर हो गई है?” इंस्टाग्राम पर engineer_to_doctor बनकर वह आज भारत की सख्त करियर धारणाओं को चुनौती दे रही है। आकृति की कहानी उम्र, डिग्री और तयशुदा टाइमलाइन की सारी दीवारें ढहा देती है।
बचपन का सपना था डॉक्टर बनना
अकृति हमेशा डॉक्टर बनना चाहती थी। स्कूल में बायोलॉजी में टॉप करती थी, 12वीं में 94% लाईं, स्पोर्ट्स में भी आगे थीं। लेकिन सामाजिक दबाव, करियर का डर और 'इंजीनियरिंग ही सही है' वाली सोच ने उसे मोड़ दिया। AIPMT में क्वालिफाई नहीं कर पाईं। IIT-NIT में भी मनचाहा परिणाम नहीं मिला। तभी BITS पिलानी का दरवाजा खुला और इंजीनियरिंग का सफर शुरू हो गया।
BITS पिलानी खूब की मेहनत
BITS पिलानी में उन्होंने MSc इकोनॉमिक्स और BTech EEE का डुअल डिग्री कोर्स चुना। इकोनॉमिक्स में उन्होंने 10/10 GPA हासिल किया लेकिन EEE ने उन्हें कड़ी चुनौती दी। कई बार छोड़ देने की इच्छा हुई, फिर भी उन्होंने डटे रहकर 8.8 CGPA के साथ ग्रेजुएशन पूरा किया। यहीं से उन्हें वह मानसिक मजबूती मिली जो बाद में NEET की तैयारी में काम आई। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने कैंपस प्लेसमेंट नहीं लिया और सीधे स्टार्टअप्स की दुनिया में कदम रख दिया।
थकाने वाला था कॉर्पोरेट दुनिया का सफर
स्टार्टअप्स ने उनकी शख्यित को एक नई दिशा दी तेज फैसले लेने की क्षमता, नेतृत्व, जोखिम उठाने की तैयारी लेकिन ये दुनिया थकाने वाली भी थी। Healofy में उन्होंने CEO के साथ नए इनिशिएटिव, ऑपरेशन, डिजाइन, PR जैसे कई बड़े काम संभाले। काम ने बहुत कुछ सिखाया, मगर शरीर और मन पर बोझ भी बढ़ता गया। जनवरी 2020 में उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया और आखिरकार मार्च 2020 में लॉकडाउन शुरू होने के दो दिन बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी।
दोबारा उठाई बायोलॉजी
नौकरी छोड़ने के बाद उनके सामने कई रास्ते थे, योगा टीचर बनना, HR कंसल्टिंग करना, जेंडर स्टडीज पढ़ना, लॉ करना या कोई NGO शुरू करना। लेकिन उन्हें खुद भी नहीं पता था कि क्या चुनें। 17 जुलाई 2020 को करियर कोच के साथ की गई Ikigai एक्सरसाइज ने उन्हें सेल्स में जाने की सलाह दी, लेकिन उनका मन आश्वस्त नहीं हुआ। उन्होंने खुद ही दोबारा Ikigai किया और अचानक डॉक्टर बनने का पुराना सपना दिल में दस्तक देने लगा। पहले तो उन्हें खुद यह मजाक लगा, उम्र और पढ़ाई की चिंता हुई, लेकिन फिर उन्होंने अपने दिल की बात सुनी और बायोलॉजी दोबारा उठाई।
NEET के लिए खूब की मेहनत
अकृति ने YouTube से पढ़ाई शुरू की, फिर 12 अगस्त 2020 को ऑनलाइन कोचिंग जॉइन की। इंजीनियर की तरह उन्होंने पढ़ाई को भी एक सिस्टम में बदला, 100 से ज्यादा मॉक टेस्ट, 10 घंटे पढ़ाई और नियमित रिविजन। परिवार और दोस्तों की चिंता और सवालों के बावजूद उन्होंने रुकना नहीं चुना। आखिरकार 2021 का NEET उन्होंने AIR 1118 के साथ पास किया। उनका एक विचार आज हजारों युवाओं को प्रेरित करता है।
आज अकृति MBBS फाइनल ईयर में हैं, एनाटॉमी और माइक्रोबायोलॉजी में डिस्टिंक्शन हासिल कर चुकी हैं, और साथ-साथ स्टार्टअप्स के लिए पार्ट-टाइम कंसल्टिंग भी करती हैं। इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर उनका कंटेंट लाखों युवाओं को करियर रीस्टार्ट, अनुशासन और आत्मविश्वास की दिशा दिखाता है। उनका मिशन है कि भारत को ये समझाना कि करियर कभी भी बदल सकता है, हम कभी भी दोबारा शुरू कर सकते हैं, और जिंदगी किसी एक डिग्री या नौकरी के आगे खत्म नहीं होती। उनकी कहानी हमें यह एहसास कराती है कि करियर सीढ़ी नहीं, बल्कि एक खेल का मैदान है, जहां चाहो, जब चाहो, नए सिरे से खेल शुरू किया जा सकता है।





