पढ़ाकू छात्रों में होती हैं ये 6 अच्छी आदतें, जो बनाती है टॉपर; क्या आपमें है?
अक्सर लोग मानते हैं कि टॉप करने वाले छात्र बेहद तेज होते हैं, लेकिन उनकी सफलता के पीछे सिर्फ बुद्धिमत्ता नहीं होती, बल्कि उनकी कुछ अच्छी आदतें होती हैं, जो उन्हें दूसरों से आगे रखती हैं।

किसी भी परीक्षा में टॉप करने का सीक्रेट क्या होता है? या टॉपर बनने के लिए क्या करना होता है? ऐसे कई सवाल हैं, जो एक आम छात्र के दिमाग में हमेशा रहता है। अक्सर लोग मानते हैं कि टॉप करने वाले छात्र बेहद तेज होते हैं, लेकिन उनकी सफलता के पीछे सिर्फ बुद्धिमत्ता नहीं होती, बल्कि उनकी कुछ अच्छी आदतें होती हैं, जो उन्हें दूसरों से आगे रखती हैं। वे नियमित रूप से पढ़ाई करते हैं, समय का सही इस्तेमाल करते हैं और नई चीजें सीखने में रुचि रखते हैं। इसके अलावा, वे किसी विषय में परेशानी होने पर सवाल पूछने से नहीं डरते और किसी परीक्षा में खराब प्रदर्शन होने पर निराश होने के बजाय अपनी गलतियों से सीखते हैं। यही छोटी-छोटी आदतें समय के साथ बड़ी सफलता में बदल जाती हैं। आज हम आपको कुछ ऐसी ही अच्छी आदतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो ज्यादातर टॉप छात्रों में देखने को मिलती हैं।
नियमित करते हैं पढ़ाई
ज्यादातर छात्र परीक्षाएं जब नजदीक आते हैं, तब उसकी तैयारी में जुट जाते हैं। लेकिन टॉप करने वाले छात्रों की बात करें, तो उनकी सबसे बड़ी खासियत उनकी नियमित पढ़ाई होती है। वे परीक्षा नजदीक आने का इंतजार नहीं करते, बल्कि रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ते हैं। वे क्लास में पढ़ाए गए विषयों को समय-समय पर दोहराते रहते हैं, जिससे पढ़ाई का बोझ एक साथ नहीं बढ़ता। इससे विषयों को समझना आसान हो जाता है और परीक्षा के समय तनाव भी कम रहता है।
कक्षा में रहते हैं मौजूद, पढ़ाई पर रहता है पूरा ध्यान
टॉप के करने वाले छात्र हमेशा क्लास को अटेंड करते हैं। यानी वो हमेशा क्लास में मौजूत रहते हैं और पढ़ाई पर पूरा ध्यान भी देते हैं। जब शिक्षक कोई विषय समझा रहे होते हैं, तो वे ध्यान से सुनते हैं, जरूरी नोट्स बनाते हैं और विषय को उसी समय समझने की कोशिश करते हैं। इससे उन्हें बाद में कम मेहनत करनी पड़ती है और पढ़ाई में कमियां भी नहीं रह जातीं। कई शिक्षकों का मानना है कि यही आदत छात्रों को दूसरों से अलग बनाती है।
रटने की बजाय समझने पर देते हैं ध्यान
टॉप करने वाले छात्र किसी विषय को सिर्फ याद नहीं करत, बल्कि उसे अच्छी तरह समझने की कोशिश करते हैं। जब किसी टॉपिक की बुनियादी समझ मजबूत होती है, तो वे उससे जुड़े अलग-अलग तरह के सवालों का जवाब आसानी से दे पाते हैं। यही वजह है कि उनकी तैयारी सिर्फ परीक्षा तक सीमित नहीं रहती, बल्कि विषय पर उनकी पकड़ भी मजबूत होती है।
सवाल पूछने से नहीं घबराते
टॉप करने वाले छात्र सवाल पूछने से कभी नहीं घबराते हैं। अगर किसी विषय में परेशानी होती है, तो वे शिक्षक से सवाल पूछते हैं और अपनी शंका दूर करते हैं। वे जानते हैं कि सही समय पर पूछे गए सवाल उनकी समझ को बेहतर बनाते हैं। यही आदत उन्हें दूसरों से अलग बनाती है और आगे चलकर बड़ी परेशानियों से भी बचाती है।
अपनी गलतियों से सीखते हैं
टॉप छात्र अपनी गलतियों को नजरअंदाज नहीं करते। अगर किसी टेस्ट या अभ्यास में उनसे कोई गलती हो जाती है, तो वे उसे समझने और सुधारने की कोशिश करते हैं। वो यह जानने पर ध्यान देते हैं कि गलती क्यों हुई, ताकि उसे दोबारा न दोहराएं। शिक्षकों के मुताबिक, यही आदत छात्रों को लगातार बेहतर बनाती है। कई बार गलतियों से सीखना, पहली बार सही जवाब देने से भी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।
डिस्ट्रैक्शन से दूरी, बनाते हैं टाइम टेबल
जब भी टॉपर्स पढ़ाई करने बैठते हैं तो उस समय वे मोबाइल, टीवी, टैब और इसी तरह की अन्य चीजों से दूरी बना लेते हैं। उनका पूरा फोकस तो सिर्फ पढ़ाई पर होता है। ज्यादातर टॉपर्स की आदत होती है कि वे टाइम टेबल बनाते हैं और उसे ईमानदारी से फॉलो भी करते हैं। इससे वे हर विषय को उपयुक्त समय दे पाते हैं। कोई भी विषय कमजोर नहीं रहता।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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