19 वर्षीय छात्र ने बनाई ड्रोन की कपंनी, चुपके से कराया था रजिस्ट्रेशन; सफाई कर्मचारियों को दान किए 95 लाख रुपये
ज्यादातर युवा 19 साल की उम्र में अपने करियर को लेकर चिंता में रहते हैं, लेकिन 19 वर्षीय छात्र वेई सियुआन की कहानी काफी अलग है। चीन के वेई सियुआन ने अपने स्कूल के सफाई कर्मचारियों को 1 लाख युआन यानी करीब करीब 95 लाख रुपये दान किए हैं।

ज्यादातर युवा 19 साल की उम्र में अपने करियर को लेकर चिंता में रहते हैं, लेकिन 19 वर्षीय छात्र वेई सियुआन की कहानी काफी अलग है। चीन के वेई सियुआन ने अपने स्कूल के सफाई कर्मचारियों को 1 लाख युआन यानी करीब करीब 95 लाख रुपये दान किए हैं। ऐसे में उन्हें एक युवा समाजसेवी के बारे में पहचान मिल रही है। दरअसल, दक्षिणी चीन के गुआंगदोंग प्रांत के शेनझेन स्थित बाओआन मिडिल स्कूल से पढ़ाई पूरी करने वाले वेई सियुआन को पिछले साल हुनान यूनिवर्सिटी में दाखिला मिला था। पढ़ाई के साथ-साथ वह एक ऐसी कंपनी के सीईओ भी हैं, जो ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम बनाती है। इसी वजह से लोग उन्हें "स्कूल यूनिफॉर्म वाला सीईओ" भी कहते हैं।
दोस्तों के साथ शुरू की कंपनी
जब उनके ज्यादातर साथ में पढ़ने वाले साथी अच्छे विश्वविद्यालयों में एडमिशन पाने की तैयारी कर रहे थे, तब वेई सियुआन ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर कंपनी शुरू कर दी। ये दोस्त जूनियर सेकेंडरी स्कूल के समय से उनके साथ काम कर रहे थे। तीनों हर साल रोबोमास्टर (RoboMaster) प्रतियोगिता में हिस्सा लेते थे और एक बार अपनी श्रेणी में दूसरा स्थान भी हासिल कर चुके थे।
माता-पिता को बताए बिना शुरू किया कारोबार
वेई ने अपने माता-पिता को बताए बिना कंपनी का रजिस्ट्रेशन करा लिया था। उनके माता-पिता इस फैसले के पक्ष में नहीं थे, क्योंकि उन्हें डर था कि इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। लेकिन 16 साल से अधिक उम्र होने की वजह से वो काम करने लिए एलिजिबल थे। हालांकि वेई सियुआन के लिए यह सब आसान नहीं था। अपने खर्च चलाने के लिए उन्होंने रेस्तरां में वेटर का काम किया और फूड डिलीवरी भी की। इसी दौरान उन्होंने अपने स्टार्टअप को आगे बढ़ाया।
सस्ते ड्रोन बनाने का सपना
वेई सियुआन और उनकी टीम का लक्ष्य था कि आम लोगों के लिए कम कीमत वाले ड्रोन बनाना। इसी लक्ष्य के साथ उन्होंने काम करना शुरू किया। उन्होंने ड्रोन को शुरुआत से खुद डिजाइन और विकसित किया। प्रोटोटाइप तैयार होने के बाद उन्होंने उसके निर्माण का काम दूसरी कंपनियों को सौंप दिया। इसी तरह अक्टूबर 2024 में उन्होंने अपना पहला चीनी शैली का ड्रोन बाजार में उतारा।
मां ने दिया साथ
शुरुआत में उनकी मां, जो विदेशी व्यापार (फॉरेन ट्रेड) से जुड़ी हैं, इस योजना के पक्ष में नहीं थीं। लेकिन बाद में उन्होंने बेटे का साथ दिया और विदेशों में ऑनलाइन स्टोर शुरू करने में मदद की। जल्द ही टीम ने करीब 47.5 लाख रुपये की कमाई की, जिसका इस्तेमाल वेई ने अपने कर्मचारियों को वेतन देने में किया।
सफाई कर्मचारियों के लिए किया दान
स्कूलल की पढ़ाई पूरी करते-करते उनके स्टार्टअप में 11 कर्मचारी काम करने लगे थे। इनमें कुछ लोग 30 वर्ष की उम्र के भी थे। बाद में वेई ने अपने स्कूल को 1 लाख युआन (करीब 95 लाख रुपये) दान दिए, ताकि सफाई कर्मचारियों के लिए आराम करने का एक विशेष कक्ष बनाया जा सके।
कर्मचारियों के लिए उचित जगह नहीं
दरअसल, स्कूल के दौरा वेई ने देखा था कि सफाई कर्मचारियों के पास आराम करने की उचित जगह नहीं थी और उन्हें अपना खाना भी गर्म पानी में गर्म करना पड़ता था। उनका कहना है कि जैसे-जैसे उनका कारोबार बढ़ा, वे इन कर्मचारियों की मदद करना चाहते थे। यह उनकी कंपनी के उस उद्देश्य से भी मेल खाता है, जिसके तहत आम लोगों के लिए किफायती उत्पाद बनाए जाते हैं।
बचपन से थी तकनीक में रुचि
वेई के माता-पिता साधारण कर्मचारी थे। बचपन में वह अक्सर अपनी मां के साथ फैक्ट्री जाते थे। वहीं मशीनों और उपकरणों को देखकर उनकी तकनीक में रुचि पैदा हुई।
शुरू किया नया कारोबार
हाल ही में वेई ने एक और कंपनी शुरू की है। उन्होंने एक नया AI आधारित प्रोडेक्ट भी लॉन्च किया है, जो स्कीइंग करने वाले व्यक्ति की शारीरिक गतिविधियों को पहचान सकता है और प्रदर्शन बेहतर बनाने के लिए रियल-टाइम कोचिंग और सुझाव देता है।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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