जेरोधा को सबसे बड़ी सफलता, अब IPO को भी मैनेज करने की मंजूरी

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

मुख्य बातें

  • सेबी ने जेरोधा (Zerodha) की मर्चेंट बैंकिंग लाइसेंस की अर्जी को मंजूरी दे दी है
  • लाइसेंस मिलने के बाद जेरोधा इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को मैनेज कर पाएगी
जेरोधा को सबसे सफलता
जेरोधा को सबसे बड़ी सफलता

मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने जेरोधा (Zerodha) की मर्चेंट बैंकिंग लाइसेंस की अर्जी को मंजूरी दे दी है। जेरोधा कॉर्पोरेट एडवाइजर्स के होल-टाइम डायरेक्टर मोहित मेहरा ने कहा, "हमें लाइसेंस मिल गया है और हम अगले कुछ महीनों में कामकाज शुरू कर देंगे।" हालांकि, जेरोधा को अभी भी बाकी सभी रेगुलेटरी प्रोसेस पूरे करने हैं। सेबी के रिकॉर्ड के मुताबिक जेरोधा कॉर्पोरेट एडवाइजर्स ने 27 अप्रैल 2026 को सेबी के पास अर्जी दाखिल की थी।

जेरोधा को लाइसेंस मिलने के मायने?

अगर लाइसेंस मिल जाता है तो जेरोधा इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को मैनेज कर पाएगी। इसके अलावा, कंपनियों को फंड जुटाने के बारे में सलाह और दूसरी मर्चेंट बैंकिंग सेवाएं दे पाएगी। कंपनी ने बताया कि हम अपने कारोबार को नए क्षेत्रों में बढ़ा रहे हैं। इन्वेस्टमेंट बैंकिंग हमारे लिए एक स्वाभाविक विस्तार है। अभी, इस ब्रोकिंग हाउस के पास 1.6 करोड़ से ज़्यादा ग्राहक हैं, जो हर साल अरबों ऑर्डर देते हैं।

इन कंपनियों ने भी दी है अर्जी

जेरोधा के अलावा इनक्रेड, नियो वेल्थ और दूसरी कंपनियों ने भी मर्चेंट बैंकिंग मंजूरी के लिए अर्जी दी है। ये कुल 12 कंपनियां हैं। दिसंबर 2025 में सेबी ने मर्चेंट बैंकर्स से जुड़े नियमों में बदलाव किया था। इसके तहत नेटवर्थ और लिक्विड नेटवर्थ की जरूरतों में बदलाव किया गया।

जेरोधा के फाइनेंशियल आंकड़ों की बात करें तो वित्तवर्ष 2026 में रेवेन्यू 7,464 करोड़ रुपये था। वहीं, टैक्स के बाद मुनाफा 4283 करोड़ रुपये था। दोनों आंकड़े कंपनी के FY24 के पीक से नीचे रहे। तब रेवेन्यू ₹9973 करोड़ और मुनाफा ₹5495 करोड़ था। वहीं, ब्रोकरेज रेवेन्यू वित्तवर्ष 2024 में ₹3600 करोड़ से घटकर वित्तवर्ष 2025 में ₹3066 करोड़ और वित्तवर्ष 2026 में ₹2738 करोड़ हो गया। इसके साथ ही, नेट ट्रांजैक्शन चार्ज वित्तवर्ष 2024 में ₹810 करोड़ से घटकर वित्तवर्ष 2025 में ₹400 करोड़ और वित्तवर्ष 26 में जीरो हो गए।

सेबी का मर्चेंट बैंकर की नियुक्ति पर नया प्रस्ताव

हाल ही में सेबी ने निजी नियोजन आधार पर जारी की जाने वाली छोटे मूल्य की सिक्योरिटीज के लिए सूचीबद्ध कंपनियों को मर्चेंट बैंकर की नियुक्ति अनिवार्य करने के नियम से छूट देने का प्रस्ताव किया है। मौजूदा नियम के तहत 10,000 रुपये फेस वैल्यू वाली डेट सिक्योरिटीज या गैर-परिवर्तनीय विमोच्य तरजीही शेयरों के निजी नियोजन के लिए जारीकर्ता को कम से कम एक मर्चेंट बैंकर नियुक्त करना होता है। हालांकि, इसके लिए कंपनी का कम से कम एक साल से शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना और वित्तीय नियामक के दायरे में होना जरूरी होगा। साथ ही कंपनी पर कोई लंबित जुर्माना या डिफॉल्ट नहीं होना चाहिए और उसे ऑडिटर का प्रमाणपत्र भी जमा करना होगा।

Deepak Kumar

लेखक के बारे में

Deepak Kumar

हिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।

और पढ़ें
बिजनेस न्यूज, आज के पेट्रोल और डीजल के दाम, शेयर बाजार की ताज़ा खबरें, आईटीआर न्यूज से जुड़ी जरूरी जानकारी पढ़ने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।
Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़जेरोधा को सबसे बड़ी सफलता, अब IPO को भी मैनेज करने की मंजूरी