जेप्टो के IPO को सेबी की मंजूरी, शेयर बाजार में जोमैटो-स्विगी से है टक्कर
मुख्य बातें
- सेबी ने जेप्टो आईपीओ को मंजूरी दे दी है
- अब जेप्टो अगले छह से आठ हफ्तों में एक अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल करेगा
- शेयर बाजार में जोमैटो और स्विगी से जेप्टो की टक्कर है
- बता दें कि जोमैटो और स्विगी भी क्विक कॉमर्स कारोबार से जुड़ी कंपनी है

क्विक कॉमर्स की चर्चित स्टार्टअप जेप्टो (Zepto) के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को लेकर एक बड़ा अपडेट आया है। इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक शेयर बाजार को रेग्युलेट करने वाली संस्था सेबी ने जेप्टो आईपीओ को मंजूरी दे दी है। अब जेप्टो अगले छह से आठ हफ्तों में एक अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल करेगा। इसके बाद सेबी की हरी झंडी मिलेगी और फिर कंपनी आईपीओ की लॉन्चिंग से इश्यू प्राइस तक की डिटेल जारी करेगी। ऐसा माना जा रहा है कि यह पूरी प्रक्रिया दशहरा या दिवाली तक हो जाएगी और साल के अंत तक कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है। हालांकि, जेप्टो ने आईपीओ की मंजूरी को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया है।
बता दें कि बेंगलुरु की इस कंपनी ने दिसंबर में करीब 12,000 करोड़ रुपये के IPO के लिए गोपनीय DRHP फाइल किया था। वहीं, आईपीओ के फाइनल साइज और कीमत पर अभी फैसला नहीं हुआ है।
बीते साल के दिसंबर महीने में जेप्टो ने एक असाधारण आम बैठक में IPO के लिए शेयरधारकों की मंजूरी दी थी। कंपनी ने इस इश्यू के लिए मॉर्गन स्टैनली, एक्सिस कैपिटल, HSBC, गोल्डमैन सैक्स, जेएम फाइनेंशियल, IIFL सिक्योरिटी और मोतीलाल ओसवाल को बैंकर के तौर पर नियुक्त किया है। जेप्टो ने जनवरी में अपना डोमिसाइल सिंगापुर से वापस भारत शिफ्ट कर लिया था।
जेप्टो ने वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में अपनी कुल बिक्री को दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा दिया है। हालांकि, इसी दौरान कंपनी के नुकसान में भी बढ़ोतरी हुई। कंपनी ने FY25 में कुल बिक्री 9668.8 करोड़ रुपये बताई, जो पिछले वित्त वर्ष (2023–24) के 4223.9 करोड़ रुपये से 129% अधिक है। इसका घाटा 177% बढ़कर 3,367.3 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले यह 1,214.7 करोड़ रुपये था।
क्विक कॉमर्स में किससे टक्कर?
जेप्टो पहली ऐसी कंपनी है जो पूरी तरह से क्विक कॉमर्स कारोबार में सक्रिय है और अब शेयर बाजार में लिस्ट होगी। शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी स्विगी और जोमैटो भी क्विक कॉमर्स कारोबार से जुड़ी हैं लेकिन इनका मुख्य बिजनेस फूड डिलीवरी का रहा है। कारोबार विस्तार के तहत स्विगी ने इंस्टामार्ट की शुरुआत की थी और जोमैटो ने ब्लिंकिट का अधिग्रहण किया। शेयर बाजार में जोमैटो, इटरनल के नाम से ट्रेड कर रही है। यह शेयर बीएसई पर 256.35 रुपये का है। स्विगी की बात करें तो यह शेयर 280.80 रुपये पर है। ये दोनों ही कंपनियां पिछले 6 साल में शेयर बाजार में लिस्ट हुई हैं।
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