₹104 करोड़ के घाटे से हिली ये कंपनी, 6% टूटा शेयर; निवेशकों में मची बेचैनी
जी एंटरटेनमेंट इंटरप्राइसेस (Zee Entertainment Enterprises) को मार्च तिमाही में ₹104 करोड़ का घाटा हुआ, जिसके बाद कंपनी के शेयर करीब 6% टूट गए। मिडिल ईस्ट संकट के कारण विज्ञापन खर्च में कमी आई, जिससे कंपनी की कमाई प्रभावित हुई। बढ़ते ऑपरेशनल और कंटेंट खर्च ने भी मार्जिन पर दबाव डाला।

जी इंटरटेनमेंट एंटरटेनमेंट (Zee Entertainment Enterprises) के शेयरों में मंगलवार को भारी गिरावट देखने को मिली और स्टॉक करीब 6% टूटकर ₹82 के आसपास पहुंच गया। कंपनी ने जनवरी-मार्च तिमाही में ₹104 करोड़ का घाटा दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में उसे ₹188 करोड़ का मुनाफा हुआ था। इस खराब प्रदर्शन के पीछे सबसे बड़ी वजह विज्ञापन आय में गिरावट और बढ़ते खर्च बताए जा रहे हैं। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के कारण कई बड़े विज्ञापनदाताओं ने मार्च के आखिर में अपने एड खर्च रोक दिए, जिसका सीधा असर जी (Zee) की कमाई पर पड़ा।
जी इंटरटेनमेंट (Zee Entertainment) की कमाई का बड़ा हिस्सा टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आने वाले विज्ञापनों से आता है। लेकिन, इस बार विज्ञापन राजस्व में करीब 3.5% की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के CFO मुकुंद गलगली ने बताया कि अगर मिडिल ईस्ट संकट नहीं होता, तो विज्ञापन आय में हल्की बढ़त देखने को मिल सकती थी। वहीं, दूसरी तरफ कंपनी के खर्च तेजी से बढ़े। ऑपरेशनल कॉस्ट में 17% की बढ़ोतरी हुई, क्योंकि जी (Zee) ने फिल्मों और कंटेंट राइट्स पर ज्यादा खर्च किया। इसके अलावा नए बच्चों के चैनल ‘KidZ’ लॉन्च करने और कानूनी मामलों पर बढ़े खर्च ने भी कंपनी की बैलेंस शीट पर दबाव बढ़ा दिया।
हालांकि कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म Zee5 ने थोड़ी राहत दी। Zee5 का रेवेन्यू 71% बढ़कर ₹470 करोड़ पहुंच गया और इसका घाटा भी काफी कम हुआ। इससे साफ है कि कंपनी अब डिजिटल कारोबार पर ज्यादा फोकस कर रही है। सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू में भी करीब 4% की बढ़त देखने को मिली, जो बढ़ते यूजर्स और बेहतर ARPU की वजह से संभव हुआ। इसके बावजूद कुल रेवेन्यू में 5.4% की गिरावट आई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
ब्रोकरेज फर्म (Elara Securities) ने इस खराब नतीजे के बाद स्टॉक को ‘Sell’ रेटिंग दे दी और ₹88 का टारगेट प्राइस रखा। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी तेजी से कमजोर हुई है और FY07 के बाद पहली बार EBITDA स्तर पर नुकसान देखने को मिला है। साथ ही Reliance-Disney मर्जर के बाद टीवी ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है, जिससे Zee के लिए आने वाले समय में रिकवरी आसान नहीं होगी।
मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) ने भी कहा कि FMCG कंपनियों के कम होते विज्ञापन खर्च का असर Zee के कारोबार पर लगातार पड़ रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक विज्ञापन आय में मजबूत रिकवरी नहीं आती, तब तक Zee Entertainment के शेयरों में बड़ी तेजी की उम्मीद करना मुश्किल हो सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर कंपनी की अगली रणनीति और डिजिटल ग्रोथ पर बनी हुई है।
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Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
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उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
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