
आपका पैसा, आपका अधिकार: अपनी भूली हुई निवेश राशि को विभिन्न पोर्टलों से ढूंढ़कर वापस पाएं
बिना दावे वाली संपत्ति को वापस पाने के लिए सरकार ने अलग-अलग पोर्टल तैयार किए हैं। इनकी मदद से लोग अपने भूले हुई रकम की जानकारी आसानी से हासिल कर सकते हैं। इसके तहत आरबीआई के उद्गम पोर्टल से बैंक में पड़ी बिना दावे वाली राशि की जानकारी हासिल कर सकते हैं।
केंद्र सरकार ने निष्क्रिय बैंक खातों, म्यूचुअल फंड और डीमैट खातों में पड़ी बिना दावे वाली राशि को उनके दावेदारों तक पहुंचाने के लिए 'आपका पैसा, आपका अधिकार’ अभियान चलाया हुआ है। इसकी शुरुआत अक्तूबर से हुई है, जो दिसंबर तक सभी शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में चलेगा। सरकार ने अब संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस अभियान को और बढ़ाया जाएगा। इस अभियान को सफलता के लिए देशभर के 477 जिलों में सुविधा शिविर लगाए गए हैं।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों से अपील की है कि वे इस अभियान का हिस्सा बनें और यह अवसर भूली हुई संपत्ति को फिर से पाने का एक मौका है। इसका मकसद बैंक जमा, बीमा, लाभांश, शेयर, म्यूचुअल फंड और पेंशन सहित लावारिस पड़ीं वित्तीय संपत्तियों को उनके वैध दावेदारों तक पहुंचाने में मदद करना है।
अलग-अलग पोर्टल
बिना दावे वाली संपत्ति को वापस पाने के लिए सरकार ने अलग-अलग पोर्टल तैयार किए हैं। इनकी मदद से लोग अपने भूले हुई रकम की जानकारी आसानी से हासिल कर सकते हैं। इसके तहत आरबीआई के उद्गम पोर्टल से बैंक में पड़ी बिना दावे वाली राशि की जानकारी हासिल कर सकते हैं।
वहीं, इरडा का ‘बीमा भरोसा’ पोर्टल बीमा पॉलिसियों से जुड़े पैसे के लिए, सेबी का ‘मित्र’ पोर्टल म्यूचुअल फंड की लावारिस रकम के लिए और कॉर्पोरेट मंत्रालय का IEPFA पोर्टल डिविडेंड और बिना दावे वाले शेयरों को वापस पाने के लिए तैयार किया गया है।
1. बैंक जमा: उद्गम पोर्टल का लें सहारा
- आरबीआई के उद्गम पोर्टल (udgam.rbi.org.in) पर जाकर पहले रजिस्ट्रेशन करें।
- मोबाइल नंबर, नाम डालकर पासवर्ड बनाएं और लॉगिन करें। ओटीपी से सत्यापन होगा।
- खाताधारक का नाम और बैंक का नाम डालें। बैंक याद न हो तो ऑल बैंक विकल्प चुनें।
- पैन/वोटर आईडी/ड्राइविंग लाइसेंस/पासपोर्ट में से कोई एक और जन्मतिथि भरकर सर्च करें।
- जिन बैंकों में निष्क्रिय खाते होंगे, उनकी सूची और संभावित राशि दिख जाएगी।
- बैंक का नाम, शाखा और राशि नोट करें और संबंधित बैंक शाखा में जाकर दावा प्रक्रिया पूरी करें।
2. म्यूचुअल फंड: मित्र पोर्टल से ढूंढें रकम
- सबसे पहले एमएफ सेंट्रल की वेबसाइट पर जाकर ऊपर मित्र (MITRA) लिंक पर क्लिक करें।
- पैन नंबर डालें, फिर मोबाइल/ई-मेल पर आए ओटीपी से सत्यापन करें।
- अपना या संबंधित व्यक्ति का नाम दर्ज करें और पहचान विवरण चुनें (पैन/मोबाइल/ई-मेल/जन्मतिथि/बैंक खाता)।
- अतिरिक्त जानकारी के तौर पर पता/नॉमिनी/शहर/पिनकोड में से कोई एक भरें, फोलियो नंबर हो तो वह भी डालें।
- प्रोसीड पर क्लिक करें। संभावित निष्क्रिय खाते (फंड हाउस, स्कीम नाम) दिख जाएंगे।
- निष्क्रिय खाते मिलने पर संबंधित म्यूचुअल फंड कंपनी या आरटीए से संपर्क कर केवाईसी अपडेट करें और दावा प्रक्रिया को पूरा करें।
शेयर, डिविडेंड, बॉन्ड: IEPF पोर्टल से ऐसे करें दावा
- पोर्टल (www.mca.gov.in) पर जाकर MCA Services →विकल्प के तहत IEPF Related Services में Search Unclaimed Amount & Shares विकल्प चुनें।
- पहली बार उपयोग के लिए रजिस्ट्रेशन करें और लॉगिन आईडी–पासवर्ड बनाएं।
- लॉगिन के बाद पैन नंबर डालकर सर्च करें। अगर कोई बिना दावे वाला शेयर/डिविडेंड/बॉन्ड होगा तो दिख जाएगा।
- दावा करने के लिए IEPF-5 वेब फॉर्म भरें, जिसमें निवेशक और कंपनी का नाम, बैंक व डिमैट विवरण दर्ज करें।
- फॉर्म जमा कर SRN रसीद प्रिंट करें। IEPF-5 की कॉपी, जरूरी दस्तावेज और कवरिंग लेटर संबंधित कंपनी के नोडल अधिकारी (IEPF) को भेजें।
- कंपनी सत्यापन के बाद रिपोर्ट Investor Education and Protection Fund Authority को भेजेगी।
- मंजूरी मिलने पर डिविडेंड/बॉन्ड की रकम बैंक खाते में और शेयर डिमैट खाते में ट्रांसफर हो जाएंगे (आमतौर पर 2–4 महीने)।
जीवन बीमा : बीमा भरोसा पोर्टल पर करें भरोसा
- बीमा भरोसा पोर्टल (bimabharosa.irdai.gov.in) पर जाकर Unclaimed Amount टैब चुनें।
- पॉलिसीधारक का नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और जहां मांगा जाए वहां पैन/आधार, बीमा कंपनी व पॉलिसी का प्रकार भरें।
- सब्मिट करने पर पोर्टल अपने-आप रिकॉर्ड खोजेगा। कंपनी का नाम, पॉलिसी नंबर (आंशिक) और बिना दावे वाली रकम दिखेगी।
- जिस पॉलिसी का दावा करना हो, उस पर Claim Now क्लिक करें। आप सीधे संबंधित बीमा कंपनी के ऑनलाइन क्लेम फॉर्म पर पहुंच जाएंगे।
- जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करें, कमी होने पर SMS/ई-मेल से सूचना मिलेगी।
- जांच पूरी होने पर 15–30 दिन में राशि सीधे बैंक खाते में जमा हो जाती है।
सभी के लिए जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक या कैंसिल चेक, डिमैट खाते का ब्योरा, पते का प्रमाण, पॉलिसी कॉपी (यदि हो), शेयर सर्टिफिकेट (फिजिकल हो तो), डिविडेंड वारंट/पुराना स्टेटमेंट (अगर है), फोलियो नंबर/क्लाइंट आईडी
निवेश की मृत्य हो गई है तो
मृत्यु प्रमाण पत्र, उत्तराधिकार प्रमाण पत्र / वसीयत / लीगल हेयर सर्टिफिकेट, सभी वारिसों की अनापत्ति प्रमाणपत्र (जहां लागू हो)

लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
और पढ़ें



