काम की बात: न गैस सिलेंडर मिलेगा और न सब्सिडी अगर 2 दिन में नहीं निपटाए ये जरूरी काम

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मुख्य बातें

  • 10 करोड़ से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं को 300 रुपये की सब्सिडी पर संकट मंडरा रहा है
  • 30 जून तक यानी दो दिन के अंदर आधार वेरिफिकेशन नहीं कराया तो उज्ज्वला गैस सब्सिडी रुक सकती है

न गैस सिलेंडर मिलेगा और न सब्सिडी अगर 2 दिन में नहीं निपटाए ये जरूरी काम

LPG e-KYC Alert: 10 करोड़ से अधिक एलपीजी सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर है। 30 जून तक यानी दो दिन के अंदर आधार वेरिफिकेशन नहीं कराया तो उज्ज्वला गैस सब्सिडी रुक सकती है। यही नहीं जिन घरों में अब PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन उपलब्ध है और फिर भी एलपीजी सिलेंडर लिया जा रहा है, उन्हें भी एलपीजी सिलेंडर वापस करना पड़ सकता है।

अगर आप प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थी हैं, तो बिना e-KYC (आधार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन) कराए उज्ज्वला योजना की एलपीजी सब्सिडी बंद हो सकती है। ग्राहकों को 30 जून 2026 तक e-KYC पूरा कराने की सलाह दी गई है। तय समय तक प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर सब्सिडी रोकने के साथ-साथ लंबे समय तक वेरिफिकेशन नहीं कराने वाले गैस कनेक्शनों को ब्लॉक भी किया जा सकता है।

इतना ही नहीं, जिन घरों में अब PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन उपलब्ध है और फिर भी एलपीजी सिलेंडर लिया जा रहा है, उन्हें भी एलपीजी सिलेंडर वापस करना पड़ सकता है। ऐसे में ग्राहकों को समय रहते अपने दस्तावेज अपडेट करा लेने चाहिए।

e-KYC कराने के दो आसान तरीके

1. मोबाइल ऐप से

अपनी गैस कंपनी (इंडेन, एचपी गैस या भारत गैस) का आधिकारिक ऐप डाउनलोड करें।मोबाइल नंबर से लॉगिन करें। e-KYC या Link Aadhaar विकल्प चुनें। आधार नंबर दर्ज करें। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए OTP से वेरिफिकेशन करें। इसके बाद फेस ऑथंटिकेशन पूरा करें। इसके लिए मोबाइल में UIDAI का Aadhaar FaceRD ऐप इंस्टॉल होना जरूरी है। प्रक्रिया पूरी होने पर आपके मोबाइल पर SMS के जरिए पुष्टि मिल जाएगी।

2. गैस एजेंसी जाकर

गैस कनेक्शन की पासबुक, आधार कार्ड और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर लेकर अपनी गैस एजेंसी जाएं। एजेंसी का कर्मचारी बायोमेट्रिक मशीन से आपका e-KYC अपडेट कर देगा।

गैस एजेंसी सिलेंडर देने से मना करे तो क्या करें?

यदि गैस एजेंसी सिलेंडर देने में देरी करती है या मना कर देती है, तो ग्राहक LPG हेल्पलाइन 1800-233-3555 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा MyLPG पोर्टल या अपनी गैस कंपनी की वेबसाइट पर भी ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है।

गैस एजेंसी बदलना भी है आसान

एलपीजी पोर्टेबिलिटी सुविधा के तहत ग्राहक अपनी पसंद की गैस एजेंसी चुन सकते हैं। इसके लिए गैस कंपनी की वेबसाइट या ऐप पर लॉगिन कर दूसरे डीलर का चयन करें और ऑनलाइन ट्रांसफर रिक्वेस्ट भेज दें। इस प्रक्रिया में NOC या अतिरिक्त शुल्क की आवश्यकता नहीं होती।

अगर आपका उज्ज्वला गैस कनेक्शन है और अभी तक e-KYC नहीं कराया है, तो अंतिम तिथि का इंतजार न करें। समय रहते प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि सब्सिडी और गैस सेवा में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

19 किलो वाले सिलेंडर के लिए भी DAC कोड अनिवार्य

19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की डिलीवरी के नियम भी बदल गए हैं। अब ग्राहकों को सिलेंडर लेने के बाद डीएसी देना होगा। यह OTP की तरह ही होता है। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे सिलेंडर लेने से पहले यह कोड किसी को न दें। डिलीवरी पूरी होने के बाद, ग्राहक को एक डिजिटल कैश मेमो (भुगतान और डिलीवरी की पूरी जानकारी) मिलेगी। इसलिए, अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अपडेट रखना बेहद जरूरी है।

एलपीजी सिलेंडर के आज के रेट

मुंबई में 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर 941.50 रुपये का है। बेंगलुरु में इसकी कीमत 944.50 रुपये, अहमदाबाद और गुरुग्राम में 949 रुपये, जयपुर में 952.50 रुपये और गोवा में 956 रुपये है। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 942 और कमर्शियल 3113.50 रुपये काा है। जबकि, चेन्नई में घरेलू सिलेंडर 957.50 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये और लखनऊ में 976.50 रुपये का मिल रहा है। वहीं हैदराबाद में घरेलू गैस सिलेंडर 994 रुपये तक पहुंच गया है।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें

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