इनसाइडर ट्रेडिंग की खबर से इस शेयर की बिगड़ी चाल, ₹21 से नीचे आया भाव
प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक के शेयर करीब 4 पर्सेंट टूटकर 20.82 रुपये के निचले स्तर तक आ गए। शेयर की क्लोजिंग 3.23% टूटकर 20.94 रुपये पर हुई। यह गिरावट ऐसे समय में आई जब बैंक के 2022 के फंड जुटाने के मामले में नियामक जांच की खबरें सामने आई थीं।

YES Bank share: प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक के शेयरों में शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखी गई। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बैंक के शेयर करीब 4 पर्सेंट टूटकर 20.82 रुपये के निचले स्तर तक आ गए। शेयर की क्लोजिंग 3.23% टूटकर 20.94 रुपये पर हुई। शेयर में यह गिरावट ऐसे समय में आई जब बैंक के 2022 के फंड जुटाने के मामले में नियामक जांच की खबरें सामने आई थीं।
सेबी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। बाजार नियामक ने कथित तौर पर परामर्श क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों EY और PwC की भारतीय इकाइयों के साथ-साथ कार्लाइल ग्रुप और एडवेंट इंटरनेशनल के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों पर इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। जांच की शुरुआत जुलाई 2022 से हुई, जब कार्लाइल और एडवेंट ने यस बैंक में संयुक्त रूप से 10% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए 1.1 बिलियन डॉलर का निवेश किया।
रॉयटर्स द्वारा देखे गए नियामक नोटिस के अनुसार, इन फर्मों के अधिकारियों ने कथित तौर पर आगामी डील से संबंधित अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील जानकारी (यूपीएसआई) साझा की। इस लीक के कारण अधिकारियों के मित्रों और परिवार के सदस्यों सहित कुछ विशिष्ट व्यक्तियों को डील की सार्वजनिक घोषणा से पहले यस बैंक के शेयरों में ट्रेडिंग करने और अवैध लाभ कमाने का अवसर मिला। जांच में कुल 19 व्यक्तियों के नाम हैं। यस बैंक के एक पूर्व बोर्ड सदस्य पर भी जानकारी लीक करने का आरोप है।
बैंक के तिमाही नतीजे
दिसंबर तिमाही में यस बैंक का नेट प्रॉफिट 55 प्रतिशत की उछाल के साथ 952 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान अवधि (दिसंबर तिमाही) में बैंक का मुनाफा 612 करोड़ रुपये था, जबकि चालू वित्त वर्ष की पिछली सितंबर तिमाही में यह आंकड़ा 654 करोड़ रुपये था। बैंक की मुख्य शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) 10.9 प्रतिशत बढ़कर 2,466 करोड़ रुपये रही। यह वृद्धि शुद्ध ब्याज मार्जिन में 0.10 प्रतिशत के विस्तार और ऋण में 5.2 प्रतिशत की बढ़त के कारण हुई है। हालांकि, नए श्रम कानून के कार्यान्वयन के कारण बैंक को ग्रेच्युटी के मद में 155 करोड़ रुपये का प्रावधान करना पड़ा।
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