यस बैंक ने कर दिया बड़ा ऐलान… अब शेयर पर नजर, 25 रुपये से भी कम है भाव
मुख्य बातें
- यस बैंक का निदेशक मंडल 29 जून को होने वाली बैठक में फंड जुटाने पर विचार करेगा
- बैंक ने बताया कि बॉन्ड के जरिये भी फंड जुटाने के विकल्पों पर विचार किया जाएगा
Yes bank share: निजी क्षेत्र के यस बैंक के शेयर बुधवार को फोकस में रहने वाले हैं। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि बैंक ने एक बड़ा ऐलान किया है। आइए शेयर परफॉर्मेंस और बैंक के ऐलान के बारे में जान लेते हैं।
29 जून को निदेशक मंडल की बैठक
यस बैंक का निदेशक मंडल 29 जून को होने वाली बैठक में फंड जुटाने पर विचार करेगा। बैंक ने मंगलवार को यह जानकारी दी। यस बैंक ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में कहा कि निदेशक मंडल यह तय करेगा कि इक्विटी सिक्योरिटीज जारी करके पूंजी जुटाई जाए या नहीं। बैंक ने बताया कि इसके अलावा बॉन्ड के जरिये भी फंड जुटाने के विकल्पों पर विचार किया जाएगा। बैंक ने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए यह कदम उठाया जा सकता है और इसके लिए आवश्यक शेयरधारकों की मंजूरी भी ली जाएगी ताकि कंपनी अधिनियम 2013 के तहत जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जा सकें।
शेयर का परफॉर्मेंस
यस बैंक के शेयरों में बीते तीन महीनों से तेजी है। इस दौरान शेयरों में कुल मिलाकर लगभग 50% की बढ़त हुई है और इनकी कीमत ₹24.55 प्रति शेयर तक पहुंच गई है। बैंक शेयर के 52 हफ्ते का हाई 25.77 रुपये है। वहीं, 52 हफ्ते का लो 17.19 रुपये है। ये बैंक के शेयर का परफॉर्मेंस तीन महीने के भीतर का रहा है।
दरअसल, मार्च तिमाही में बैंक के शानदार प्रदर्शन की वजह से निवेशकों का फोकस इस शेयर पर गया, जिससे शेयर को हालिया नुकसान की भरपाई करने और अगस्त 2024 के बाद के उच्चतम स्तर तक पहुंचने में मदद मिली।
ये भी मिली सफलता
पिछले हफ्ते यस बैंक ने क्रेडिट तक एक्सेस बढ़ाने, अपनी डिजिटल लेंडिंग क्षमताओं को तेज करने और ग्राहकों को डेट इन्वेस्टमेंट के मौके देने के लिए नॉर्दर्न आर्क कैपिटल के साथ एक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा की।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के विदेशी मुद्रा फ्लो को बढ़ाने के हालिया उपायों के बाद बैंकिंग शेयरों में आई तेजी का भी यस बैंक के शेयर को फायदा मिला है। इन उपायों से बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ने की उम्मीद है।
कैसे रहे मार्च तिमाही के नतीजे
प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक ने 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की, जिसमें लोन ग्रोथ में सुधार और एसेट क्वालिटी का स्थिर रहना मददगार साबित हुआ। बैंक ने चौथी तिमाही में ₹1,068 करोड़ का प्रॉफिट हासिल किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹739 करोड़ था। बैंक ने 1% का रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) भी दर्ज किया। 2020 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब बैंक इस स्तर पर पहुंचा है।
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