एंटीबायोटिक दवा को मंजूरी मिलते रॉकेट बना यह शेयर, पस्त बाजार में 18% उछला भाव
मुख्य बातें
- शुक्रवार को दवा कंपनी वॉकहार्ट लिमिटेड के शेयर रॉकेट की रफ्तार से बढ़े
- भारत के सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑगनाइजेशन (CDSCO) ने कंपनी की नई एंटीबायोटिक दवा Zaynich के इम्पोर्ट और मार्केटिंग को मंजूरी दे दी है

Wockhardt share price: बाजार में भारी बिकवाली के बीच शुक्रवार को दवा कंपनी वॉकहार्ट लिमिटेड के शेयर रॉकेट की रफ्तार से बढ़े। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन वॉकहार्ट लिमिटेड के शेयर शुक्रवार को 18% से अधिक बढ़ गए। शेयर में यह तेजी कंपनी को मिली एक पॉजिटिव खबर की वजह से आई।
क्या है पॉजिटिव खबर?
भारत के सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑगनाइजेशन (CDSCO) ने कंपनी कीनई एंटीबायोटिक दवा Zaynich के इम्पोर्ट और मार्केटिंग को मंजूरी दे दी है। यह दवा विशेष रूप से वयस्क मरीजों में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (cUTI) और अन्य संक्रमणों के इलाज के लिए उपयोग की जाएगी। कंपनी के मुताबिक यह एक स्वदेशी रूप से विकसित फर्स्ट-इन-क्लास एंटीबायोटिक है, जिसे खास तौर पर दवा-प्रतिरोधी ग्राम-नेगेटिव संक्रमणों से लड़ने के लिए डिजाइन किया गया है।
यह मंजूरी मुख्य रूप से ENHANCE-1 नामक एक बड़े मल्टीनेशनल, रैंडमाइज्ड, डबल-ब्लाइंड फेज 3 क्लिनिकल ट्रायल के डेटा पर आधारित है, जिसमें Zaynich की तुलना Meropenem दवा से की गई थी। जानकारी के मुताबिक इस अध्ययन में मरीजों को 2:1 के अनुपात में Zaynich या Meropenem दिया गया। परिणामों में Zaynich ने बेहतर प्रदर्शन किया। इसके अलावा फेज 2 और फेज 1 स्टडीज में भी इस दवा ने मजबूत प्रभाव दिखाया था। फेज 2 ट्रायल भारत के 15 बड़े अस्पतालों में किया गया था, जिसमें 97% से अधिक क्लिनिकल इफिकेसी रिपोर्ट की गई।
शेयर का परफॉर्मेंस
बीएसई पर वॉकहार्ट लिमिटेड के शेयरों में 18 प्रतिशत का उछाल आया और शेयर का भाव ₹2092.6 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। शेयर की पिछली क्लोजिंग 1,771.65 रुपये पर थी। मार्च 2026 में शेयर 1,086.80 रुपये तक गया। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो है।
कैसे रहे तिमाही नतीजे?
वॉकहार्ट लिमिटेड का मुनाफा 31 मार्च, 2026 को समाप्त चौथी तिमाही में 164 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्तवर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 45 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। कंपनी ने बताया कि परिचालन आय 965 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 743 करोड़ रुपये थी।
बीते दिनों वॉकहार्ट ने कहा कि चौथी तिमाही में कुल खर्च बढ़कर 843 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 780 करोड़ रुपये था। वित्तवर्ष 2025-26 में मुनाफा 199 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को 57 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। कंपनी ने बताया कि वित्तवर्ष 2025-26 में परिचालन राजस्व 3,373 करोड़ रुपये रहा, जबकि इससे वित्त वर्ष में यह 3,012 करोड़ रुपये था।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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