विप्रो निवेशकों के लिए आज का दिन अहम, बायबैक पर फैसला लेगी कंपनी
विप्रो मार्केट से 16,000-18,500 करोड़ रुपये के शेयर वापस खरीद सकती है। अगर विप्रो के बोर्ड बैठक में बायबैक को मंजूरी मिलती है तो तीन साल बाद ऐसा होगा। यह तीन साल बाद पहला बायबैक होगा।

Wipro share buyback: IT सेक्टर की बड़ी कंपनी विप्रो के निवेशक हैं तो ये खबर आपके लिए है। विप्रो के निवेशकों के लिए आज गुरुवार यानी 16 अप्रैल का दिन काफी अहम रहने वाला है। दरअसल, कंपनी के बोर्ड की अहम बैठक होने वाली है और इस बैठक में इक्विटी शेयरों के बायबैक की घोषणा की जा सकती है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विप्रो मार्केट से 16,000-18,500 करोड़ रुपये के शेयर वापस खरीद सकती है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक यह घोषणा नहीं की है कि बायबैक टेंडर ऑफर के जरिए होगा या ओपन मार्केट से खरीद के जरिए प्रक्रिया पूरी होगी।
बायबैक के 2 तरीके
बता दें कि दोनों (टेंडर ऑफर और ओपन मार्केट से खरीद) ही शेयर बायबैक के तरीके हैं लेकिन दोनों में कुछ अंतर हैं। ओपन मार्केट बायबैक में कंपनी लंबे समय तक स्टॉक एक्सचेंज से सीधे मौजूदा बाजार कीमतों पर शेयर खरीदती है। हालांकि, विप्रो जैसे पहले से घोषित बायबैक आमतौर पर टेंडर ऑफर के जरिए किए जाते हैं। दूसरी ओर, टेंडर ऑफर शेयरधारकों को एक तय समय-सीमा के भीतर एक निश्चित, अक्सर प्रीमियम कीमत पर शेयर बेचने का एक औपचारिक, अस्थायी निमंत्रण होता है।
टेंडर ऑफर की अवधि कम होती है, जिसमें शेयर टेंडर करने के लिए 7-10 दिनों का समय मिलता है जबकि ओपन मार्केट बायबैक कई हफ्तों से लेकर महीनों तक चल सकता है। टेंडर ऑफर में निवेशकों को एक निश्चित कीमत मिलती है, जो आमतौर पर प्रीमियम होती है लेकिन ओपन मार्केट बायबैक में निश्चित कीमत की कोई गारंटी नहीं होती।
तीन साल बाद फिर से बायबैक
अगर आईटी कंपनी विप्रो के बोर्ड बैठक में बायबैक को मंजूरी मिलती है तो तीन साल बाद ऐसा होगा। यह तीन साल बाद पहला बायबैक होगा। इससे पहले अप्रैल 2023 में कंपनी ने 12,000 करोड़ रुपये के बायबैक का ऐलान किया था, जिसमें हर शेयर की कीमत 223 रुपये तय की गई थी।
विप्रो शेयर और ब्रोकरेज का टारगेट प्राइस
विप्रो शेयर की बात करें तो यह 210 रुपये पर है। एक दिन पहले के मुकाबले यह शेयर करीब 4 पर्सेंट बढ़ गया। ब्रोकरेज Elara कैपिटल के मुताबिक कंपनी का मार्जिन तिमाही-दर-तिमाही 30 बेसिस पॉइंट्स (bps) तक कम होने की संभावना है। ऐसे में ब्रोकरेज ने विप्रो को 'रिड्यूस' रेटिंग दी है और इसके लिए 205 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है।
BNP Paribas के अनुसार, रेवेन्यू ग्रोथ के मामले में कंपनी अपने प्रतिस्पर्धियों से पीछे बनी हुई है, फिर भी बड़े प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले इसका वैल्यूएशन डिस्काउंट ऐतिहासिक औसत से काफी नीचे है। ब्रोकरेज ने कहा कि हम अपनी 'अंडरपरफॉर्म' रेटिंग को बनाए रखे हैं और इसके लिए हमने 210 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। इसके अलावा, Axis सिक्योरिटीज के मुताबिक, Harman के अधिग्रहण से ज्यादा योगदान मिलने की वजह से विप्रो का रेवेन्यू तिमाही-दर-तिमाही 3 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। ब्रोकरेज ने 'होल्ड' रेटिंग और 290 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
और पढ़ें

