
मुनाफा कम होने के बावजूद डिविडेंड देगी विप्रो, हर शेयर पर मिलेंगे इतने रुपये
तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर तक की अवधि में विप्रो का मुनाफा सात प्रतिशत घटकर 3,119 करोड़ रुपये पर आ गया। विप्रो के बोर्ड ने प्रति शेयर 6 रुपये का अंतरिम डिविडेंड देने की भी घोषणा की है, जिससे इस साल कुल पेआउट लगभग 1.3 बिलियन डॉलर हो गया है।
Wipro Q3 FY26 net profit: इंफोसिस के बाद एक और आईटी कंपनी विप्रो ने अपने तिमाही नतीजे जारी कर दिए हैं। तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर तक की अवधि में विप्रो का मुनाफा सात प्रतिशत घटकर 3,119 करोड़ रुपये पर आ गया। वहीं, कंपनी का राजस्व 5.5 प्रतिशत बढ़कर 23,555.8 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी के मुताबिक, विप्रो के बोर्ड ने प्रति शेयर 6 रुपये का अंतरिम डिविडेंड देने की भी घोषणा की है, जिससे इस साल कुल पेआउट लगभग 1.3 बिलियन डॉलर हो गया है।
क्या कहा विप्रो ने?
विप्रो ने एक बयान में कहा कि कमाई पर लागत के दबाव का असर पड़ा, जिसमें लेबर कोड से जुड़े एडजस्टमेंट से जुड़े खर्च भी शामिल हैं। लेबर कोड में बदलावों के असर को एडजस्ट करने के बाद तिमाही के लिए नेट इनकम 3,360 करोड़ रुपये थी।
प्रतिद्वंदी कंपनियों पर भी दिखा असर
आईटी कंपनी विप्रो की टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएलटेक जैसी बड़ी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों में भी नए लेबर कोड के लागू होने का प्रभाव दिखा है। टीसीएस को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में नए श्रम संहिता के लागू होने से 2,128 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ जबकि इंफोसिस ने 1,289 करोड़ रुपये का नुकसान उठाया। एचसीएलटेक ने भी कार्यान्वयन से संबंधित 8.2 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 719 करोड़ रुपये) के एकमुश्त प्रावधान की जानकारी दी है।
कंपनी के सीईओ ने क्या कहा?
विप्रो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) श्रीनि पल्लिया ने कहा-तीसरी तिमाही में हमने अपनी अपेक्षाओं के अनुरूप व्यापक वृद्धि दर्ज की। जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एक रणनीतिक अनिवार्यता बनता जा रहा है। विप्रो इंटेलिजेंस एक विशिष्ट भूमिका निभा रहा है। इसने इस तिमाही में भी कई सफलताओं में योगदान दिया है। हमने अपने एआई-सक्षम मंचों और समाधानों को अपनाया। ‘विंग्स’ और ‘वेगा’ के माध्यम से एआई-आधारित सेवाओं का विस्तार किया और वैश्विक स्तर पर अपने इनोवेशन नेटवर्क को बढ़ाया है।





