LPG सिलेंडर पर सब्सिडी अगले महीने से इन लोगों को नहीं मिलेगी? चेक करें 3 जुलाई के रेट
मुख्य बातें
- अगर किसी उज्ज्वला लाभार्थी के घर में हर महीने 1 सिलेंडर का खर्च है तो इस जुलाई में उसे वित्त वर्ष 2026-27 का आखिरी सब्सिडी वाला सिलेंडर मिलेगा
- इंडियन ऑयल के 3 जुलाई रेट के अनुसार देश में सबसे महंगा सिलेंडर लेह में है
- आज यहां घरेलू सिलेंडर 1196.5 और कमर्शियल 3594.50 रुपये का है

LPG Price Today: इस वित्त वर्ष यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक केवल 4 सिलेंडर पर ही सब्सिडी मिलेगी। पहले 9 सिलेंडर पर कुल 2700 रुपये की सब्सिडी मिलती थी। यह घटकर अब 1200 रुपये रह गई है। अगर किसी उज्ज्वला लाभार्थी के घर में हर महीने 1 सिलेंडर का खर्च है तो इस जुलाई में उसे वित्त वर्ष 2026-27 का आखिरी सब्सिडी वाला सिलेंडर मिलेगा। क्योंकि अप्रैल, मई, जून में वह सब्सिडी वाला सिलेंडर ले चुका है।
इस महीने 300 रुपये की छूट वाला आखिरी सिलेंडर
इस महीने उसका 300 रुपये की छूट वाला आखिरी सिलेंडर होगा। अगले महीने अगस्त से उसे घरेलू सिलेंडर सामान्य रेट पर ही मिलेगा। अगर अगस्त में दाम में कोई बदलाव नहीं होता है है दिल्ली के उज्ज्वला लाभार्थियों को घरेलू सिलेंडर 942 रुपये में मिलेगा। अभी उन्हें यही सिलेंडर 300 रुपये कम दाम में पड़ रहे हैं।
घरेलू सिलेंडर के रेट इस साल 89 रुपये बढ़े
7 मार्च को घरेलू सिलेंडर 60 रुपये महंगा हो गया। दिल्ली में इसकी कीमत 853 रुपये से 913 रुपये पर पहुंच गईं। घरेलू सिलेंडर के दाम 3 महीने बाद 7 जून को 29 रुपये और बढ़ गए। दिल्ली में यह सिलेंडर 942 रुपये का हो गया। कुल मिलाकर इस साल अब तक घरेलू LPG सिलेंडर 89 रुपये महंगा हो चुका।
बता दें 1 जुलाई को 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के रेट में बड़ी कटौती की गई। इस साल पहली बार कमर्शियल सिलेंडर के दाम कम हुए हैं। छह महीने में दाम 1580.50 रुपये बढ़ने के बाद आज 183.50 रुपये कम हुए हैं।
3 जुलाई के एलपीजी के रेट
इंडियन ऑयल के 3 जुलाई रेट के अनुसार देश में सबसे महंगा सिलेंडर लेह में है। आज यहां घरेलू सिलेंडर 1196.5 और कमर्शियल 3594.50 रुपये का है। जयपुर में भी आज घरेलू एलपीजी सिलेंडर 945.5 और कमर्शियल सिलेंडर 2957.50 रुपये का है। लखनऊ में घरेलू सिलेंडर 979.50 तो कमर्शियल 3052.5 रुपये का है। पटना में घरेलू सिलेंडर 1031.5 रुपये और कमर्शियल का दाम 3227 रुपये है।
कोलकाता घरेलू सिलेंडर 968 और कमर्शियल 3081.50 रुपये का है। जबकि, चेन्नई में नीला वाला सिलेंडर 3106 रुपये और लाल वाला रसोई गैस सिलेंडर 957.5 रुपये का है। इंदौर में कमर्शियल सिलेंडर 3040.50 रुपये जबकि, घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 970 रुपये पर स्थिर है।
रांची में घरेलू सिलेंडर के दाम 999.5 रुपये हैं और कमर्शियल के दाम सिलेंडर 3131 रुपये है। देहरादून में घरेलू सिलेंडर के दाम आज 961 रुपये पर स्थिर हैं, जबकि 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर 2983 रुपये पर है।
किस महीने कितना बढ़े कमर्शियल सिलेंडर के दाम
- 1 जून को 42 रुपये बढ़कर 3,113.50 रुपये पर पहुंचे।
- 1 मई को सबसे बड़ी उछाल 993 रुपये की हुई और दाम पहुंच गए 3071.50 पर
- 1 अप्रैल को 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर 195.50 रुपये महंगा होकर 2078.50 रुपये पर पहुंच गया।
- 7 मार्च को सिलेंडर के रेट में 114.50 रुपये की वृद्धि हुई और रेट पहुंच गए 1883.00 रुपये पर।
- 1 मार्च को गैस सिलेंडर 28 रुपये महंगा होकर 1768.50 रुपये पर पहुंच गया।
- 1 फरवरी को सिलेंडर 1740.50 रुपये का हो गया। इसमें 49 रुपये की बढ़ोतरी की गई।
- नए साल की शुरुआत 111 रुपये के झटके के साथ हुई और कमर्शियल सिलेंडश्र के दाम 1 जनवरी को 1691.50 रुपये पर पहुंच गए।
नोट: 19 किलो वाले सिलेंडर के ये रेट दिल्ली के हैं। आंकड़े IOCL की वेबसाइट से लिए गए हैं।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


