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क्या इस साल भी बढ़ेगी ITR फाइलिंग की लास्ट डेट? जानें उठ रही है मांग

क्या इस साल भी बढ़ेगी ITR फाइलिंग की लास्ट डेट? जानें उठ रही है मांग

संक्षेप:

ITR filing last date: इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 9 सितंबर तक पूरे भारत में केवल 5.13 करोड़ आयकर रिटर्न (ITR) ही दाखिल किए गए हैं, जबकि इसकी आखिरी तारीख 15 सितंबर 2025 है। कई विशेषज्ञ चाहते हैं कि टैक्स फाइलिंग की समयसीमा आगे बढ़ाई जाए।

Wed, 10 Sep 2025 09:47 AMDrigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
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इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 9 सितंबर तक पूरे भारत में केवल 5.13 करोड़ आयकर रिटर्न (ITR) ही दाखिल किए गए हैं, जबकि इसकी आखिरी तारीख 15 सितंबर 2025 है। इनमें से 4.84 करोड़ रिटर्न सत्यापित किए गए हैं और 3.48 करोड़ रिटर्नों की प्रोसेसिंग हो चुकी है। पिछले साल आखिरी तारीख तक कुल 7.28 करोड़ आईटीआर दाखिल किए गए थे।

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डेट बढ़ाने की मांग

कई विशेषज्ञ चाहते हैं कि टैक्स फाइलिंग की समयसीमा आगे बढ़ाई जाए। उनका तर्क है कि ज्यादातर आयकर फॉर्म की एक्सेल यूटिलिटी काफी देर से जारी की गईं, जिससे रिटर्न दाखिल करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया।

आईटीआर-1 और आईटीआर-4 की ऑनलाइन सुविधाएं 4 जून को जारी हुई थीं। आईटीआर-2 की ऑनलाइन सुविधा 17 जुलाई और आईटीआर-3 की उपयोगिता 30 जुलाई को जारी की गई।

टैक्सपेयर्स की परेशानियां

कई टैक्सपेयर्स ने समय पर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाने की अपनी परेशानी जताई है। एक यूजर आरके चटर्जी ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा कि ई-फाइलिंग पोर्टल पर AIS (वार्षिक सूचना विवरण) एक्सेस नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने लिखा, "हर साल, जैसे ही फाइलिंग की डेडलाइन नजदीक आती है, AIS पोर्टल अपना नाटक शुरू कर देता है। ब्लैंक स्क्रीन, लॉगिन संबंधी समस्याएं, जीरो एक्सेस। करदाता महत्वपूर्ण समय में असहाय रह जाते हैं।"

सीए भी हैं परेशान

चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रतिभा गोयल ने बताया कि कुछ सीए कई कारणों से विस्तार की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "इनमें आईटीआर उपयोगिताओं का देर से जारी होना, आयकर पोर्टल से जुड़ी समस्याएं और ऑडिट की डेडलाइन (30 सितंबर) के साथ तारीखों का टकराव शामिल है।" एक अन्य सीए अजय बगड़िया ने भी AIS और TIS (टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट) तक पहुंच न होने की शिकायत की।

सोशल मीडिया पर रिएक्शन

एक यूजर मैथ्यू डिसूजा ने व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा कि अगर आयकर विभाग खुद की देरी के बावजूद समयसीमा नहीं बढ़ा सकता, तो उन्हें रिटर्न प्रोसेस करने के लिए एक से अधिक साल की जरूरत क्यों है? यूजर आरएस एंड कंपनी ने भी पोर्टल की खराब परफॉर्मेंस का हवाला देते हुए तुरंत तारीख बढ़ाने का अनुरोध किया।

बाढ़ भी एक वजह

चार्टर्ड अकाउंटेंट नितिन कौशिक ने फॉर्मों के देर से जारी होने से लेकर बाढ़ तक कई कारणों को विस्तार का आधार बताया। उन्होंने लिखा, "अगर सरकार इस साल टैक्स फाइलिंग के लिए विस्तार नहीं देती (देर से फॉर्म, पोर्टल गड़बड़ियां, हर जगह बाढ़), तो मेरे पास पेशेवरों के लिए कोई उम्मीद नहीं बचेगी।"

क्या विस्तार होगा? 5 दिन बाकी

हालांकि, कुछ का मानना है कि डेडलाइन समाप्त होने में केवल 5 दिन बचा है, इसलिए विस्तार दिए जाने की संभावना नहीं है। टैक्स इवेंजलिस्ट ओ पी यादव ने कहा कि नॉन-ऑडिट करदाताओं के लिए समयसीमा का 15 सितंबर तक बढ़ना राहत देने वाला है, लेकिन अब और विस्तार की कोई गारंटी नहीं है।

उन्होंने करदाताओं को देरी न करने और जल्दी अनुपालन करने की सलाह दी, ताकि ब्याज, जुर्माना और टैक्स देनदारी बढ़ने से बचा जा सके।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia
टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल मिलाकर 20 साल का अनुभव। एचटी डिजिटल से पहले दृगराज न्यूज नेशन, दैनिक जागरण, हिंदुस्तान, सहारा समय और वॉच न्यूज एमपी /सीजी में रिपोर्टिग और डेस्क पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। स्पेशल स्टोरीज,स्पोर्ट्स, पॉलिटिक्स, सिनेमा, स्पोर्ट्स के बाद अब बिजनेस की खबरें लिख रहे हैं। दृगराज, लाइव हिन्दुस्तान में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर काम कर रहे हैं। और पढ़ें
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