₹21000 की सैलरी लिमिट बढ़ने वाली है? मोदी सरकार ने सदन में दिया जवाब
मुख्य बातें
- श्रम और रोजगार मंत्रालय से संसद में पूछा गया था कि क्या मौजूदा ₹21,000 की ESIC वेतन सीमा को बढ़ाने की कोई योजना है
- सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल इसे बढ़ाने के लिए कोई नई समयसीमा या प्रस्ताव घोषित नहीं किया गया है

कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) योजना के तहत इलाज और आर्थिक सुरक्षा पाने वाले कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर है। दरअसल, सरकार ने सदन में स्कीम से जुड़ी अहम जानकारी दी है। आइए डिटेल में जान लेते हैं।
संसद में पूछे गए थे सवाल
दरअसल, इस योजना को चलाने वाले श्रम और रोजगार मंत्रालय से संसद में पूछा गया था कि क्या मौजूदा ₹21,000 की ESIC वेतन सीमा को बढ़ाने की कोई योजना है। यह सवाल सांसद एन.के. प्रेमचंद्रन ने पूछा था। सांसद ने यह भी पूछा कि क्या सरकार ESIC स्कीम का दायरा और सेक्टरों तक बढ़ाने की योजना बना रही है। इसके अलावा, क्या सरकार मौसमी कर्मचारियों (जैसे काजू उद्योग के कर्मचारी) के लिए सुपर स्पेशियलिटी इलाज से जुड़ी अटेंडेंस और दूसरी पाबंदियों में ढील देने का इरादा रखती है?
सरकार का क्या था जवाब?
श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने जवाब में कहा कि सरकार ESIC की वेतन सीमा में समय-समय पर संशोधन करती है। पिछली बार 1 जनवरी 2017 से वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹21,000 प्रति माह किया गया था। दिव्यांग कर्मचारियों के लिए इसे ₹25,000 रखा गया है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि वेतन सीमा समय-समय पर बढ़ाई जाती है, लेकिन फिलहाल इसे बढ़ाने के लिए कोई नई समयसीमा या प्रस्ताव घोषित नहीं किया गया है।
करंदलाजे ने यह भी बताया कि 'एम्प्लॉइज स्टेट इंश्योरेंस एक्ट, 1948' को अब 'कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020' में शामिल कर लिया गया है, जिसे 21 नवंबर, 2025 से लागू किया गया है। इसके तहत ESIC का दायरा कई तरह के प्रतिष्ठानों और कामगारों तक बढ़ाया जा सकता है।
सामाजिक सुरक्षा संहिता के अनुसार, 'एस्टेब्लिशमेंट' में फैक्ट्री, मोटर ट्रांसपोर्ट कंपनियां, समाचार पत्र संस्थान, ऑडियो-विजुअल प्रोडक्शन इकाइयां, निर्माण प्रतिष्ठान, प्लांटेशन, खदानें, बंदरगाह और डॉक वर्क से जुड़े क्षेत्र शामिल हैं।
गिग वर्कर्स को भी कवर करता ESIC
ESIC अब असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों और गिग वर्कर्स को भी कवर करता है। करंदलाजे का कहना है कि 'सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020' की धारा 45 केंद्र सरकार को एक ऐसी स्कीम बनाने का अधिकार देती है, जिससे असंगठित क्षेत्र के वर्कर्स, गिग वर्कर्स और प्लेटफार्म वर्कर्स को ESIC का फायदा मिल सके। सांसद के सवाल के जवाब में सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल मौसमी फैक्ट्री कर्मचारियों के सुपर स्पेशियलिटी इलाज से जुड़ी उपस्थिति और अन्य शर्तों में छूट देने का कोई प्रावधान नहीं है। सरकार के अनुसार ऐसे कर्मचारी वर्तमान व्यवस्था में ESIC के कवरेज से बाहर हैं।


