₹7500 न्यूनतम पेंशन और DA पर सरकार का क्या है प्लान? सदन को बताया
मुख्य बातें
- श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि सरकार को ट्रेड यूनियनों, जनप्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों से न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की कई मांगें मिली हैं
- हालांकि, सरकार ने फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया है

ईपीएस-95 (कर्मचारी पेंशन योजना) के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन को ₹1000 से बढ़ाकर ₹7500 करने की मांग एक बार फिर संसद में गूंजी है। लंबे समय से पेंशन बढ़ाने और महंगाई भत्ता (DA) जोड़ने की मांग की जा रही है। अब इस मुद्दे पर सरकार ने लोकसभा में अपना जवाब दिया है। दरअसल, बीते 20 जुलाई को लोकसभा में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लिखित जवाब देते हुए स्वीकार किया कि सरकार को ट्रेड यूनियनों, जनप्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों से न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की कई मांगें मिली हैं। हालांकि, फिलहाल ₹7500 न्यूनतम पेंशन लागू करने पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।
सरकार ने क्या कहा?
सरकार से पूछा गया कि क्या वह पेंशन की रकम बढ़ाने के लिए अतिरिक्त बजट सहायता देने या पेंशन फंड में बदलाव करने पर विचार कर रही है। इस मुद्दे का जवाब देते हुए करंदलाजे ने बताया कि EPS, 1995 एक "डिफाइंड कंट्रीब्यूशन-डिफाइंड बेनिफिट" (तय योगदान-तय लाभ) वाली सोशल सिक्योरिटी स्कीम है, जिसमें मिलने वाले लाभ किए गए योगदान से जुड़े होते हैं और इसमें तय भुगतान भी मिलता है।
केंद्र सरकार का कितना है योगदान
शोभा करंदलाजे ने बताया कि पेंशन फंड में नियोक्ता की ओर से वेतन का 8.33% योगदान दिया जाता है तो केंद्र सरकार की ओर से 1.16% योगदान होता है। ये अधिकतम ₹15,000 मासिक वेतन सीमा तक लागू होता है। इसी फंड से पेंशन का भुगतान किया जाता है और इसकी हर साल वैल्यूएशन की जाती है ताकि भविष्य की देनदारियों का आकलन किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि EPS, 1995 की जगह अब EPS, 2026 ने ले ली है।
करंदलाजे ने बताया कि सरकार EPS-95 पेंशनभोगियों के लिए ₹1,000 प्रति माह की मिनिमम पेंशन पक्की करने के लिए बजट सपोर्ट दे रही है। उन्होंने साफ किया कि यह EPS के लिए सरकार के सालाना 1.16% वेज कंट्रीब्यूशन से अलग है, जिसे एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) मैनेज करता है।
कब तक सरकार ले सकती है फैसला
सरकार से यह भी पूछा गया कि लाखों बुज़ुर्ग पेंशनभोगियों की मांग पर वह कब तक कोई फाइनल फैसला ले सकती है। इस पर मंत्री ने सदन को बताया कि सरकार EPFO सदस्यों के लिए सोशल सिक्योरिटी कवरेज को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। कोई भी फैसला लेते समय पेंशन फंड की सस्टेनेबिलिटी और भविष्य की देनदारियों का ध्यान रखना होगा। कहने का मतलब सरकार ने फिलहाल पेंशन बढ़ाने की कोई समय-सीमा या तारीख घोषित नहीं की है।


