जोमैटो ने ग्राहकों से दोपहर में ऑर्डर न करने की अपील क्यों की?
मुख्य बातें
- Zomato Heat Wave: जोमैटो ने अपने ग्राहकों से एक खास अपील की है
- कंपनी ने लोगों से आग्रह किया है कि वे दोपहर के समय केवल तभी खाना ऑर्डर करें जब बहुत जरूरी हो

गर्मी के कहर के बीच ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी ऐप जोमैटो ने अपने ग्राहकों से एक खास अपील की है। कंपनी ने लोगों से आग्रह किया है कि वे दोपहर के समय केवल तभी खाना ऑर्डर करें जब बहुत जरूरी हो। जोमैटो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "कृपया दोपहर के समय जब तक बहुत ज़रूरी न हो, ऑर्डर करने से बचें"
12 से 4 बजे के बीच सेवाएं बंद कर दें: जोमैटो के इसस अपील पर कुछ लोगों ने इस कदम तारीफ की, लेकिन कुछ लोगों को यह अच्छा नहीं लगा। एक यूजर ने कहा कि सुविधाओं पर निर्भर करता है। 12 से 4 बजे के बीच सेवाएं बंद कर दें। मुनाफे से पहले कभी-कभी इंसान बनना ठीक है। हाँ, हम ऑर्डर नहीं करेंगे, लेकिन फिर भी आपके द्वारा बंद किए जाने से ज़्यादा फायदा होगा।
क्या वास्तव में अपने कर्मचारियों की परवाह: दूसरे यूजर ने लिखा, "इसके बजाय दोपहर के समय अपनी सर्विस बंद क्यों नहीं कर देते?" एक अन्य ने लिखा, "भाई, आप फ़ूड सेवाओं में हैं और लोग तब खाना ऑर्डर करते हैं ,जब यह बहुत जरूरी होता है। अगर आपको वास्तव में अपने कर्मचारियों की परवाह है, तो आप पोस्ट कर रहे होते "दोपहर के समय हमारी सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं। "
एक अन्य यूजर ने कहा, "क्या यह सच भी है? हालांकि मैं आपकी चिंता की सराहना करता हूं, लेकिन दोपहर के भोजन के समय के ऑर्डर को रात के खाने के समय तक टाला नहीं जा सकता। अगर ऐसा है तो जोमैटो को "बेहद जरूरी" ऑर्डर और कम जरूरी ऑर्डर की पहचान करने की ज़रूरत है।"
हर ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म शुल्क: एक अन्य ने कहा, "अगर आप वाकई डिलीवरी करने वालों की भलाई के बारे में इतने चिंतित हैं तो उनके प्रोत्साहन बढ़ाए, आप लोग बिलों का भुगतान करने के लिए पहले से ही हर ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म शुल्क लेते हैं।"
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


