ऐसा क्या हुआ कि शेयर मार्केट आज हो गया क्रैश? एक दिन पहले ही भरी थी उड़ान
शेयर मार्केट आज क्रैश हो गया। गिरावट से निवेशकों की एक ही दिन में लगभग ₹9 लाख करोड़ की संपत्ति साफ हो गई। आइए समझते हैं कि ऐसा क्या हुआ कि एक दिन पहले बमबम बोलने वाला मार्केट आज क्रैश हो गया...

Stock Market Updates: भारतीय शेयर बाजार में बुधावार की तेजी के तूफान के बाद आज बड़ा भूचाल देखने को मिल रहा है। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स करीब 1500 अंक गिरकर 71,608 तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 450 अंक से ज्यादा टूटकर 22,209 के स्तर पर आ गया। इस गिरावट से निवेशकों को बड़ा झटका लगा और एक ही दिन में लगभग ₹9 लाख करोड़ की संपत्ति साफ हो गई। आइए समझते हैं कि ऐसा क्या हुआ कि एक दिन पहले बमबम बोलने वाला मार्केट आज क्रैश हो गया...
ट्रंप के बयान से बढ़ी चिंता
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने मार्केट का माहौल बिगाड़ दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका अगले 2-3 हफ्तों में ईरान पर और कड़े हमले करेगा। इस बयान से यह आशंका बढ़ गई कि मध्य-पूर्व का तनाव जल्द खत्म नहीं होगा, जिससे निवेशकों में डर का माहौल बन गया।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
पीएल कैपिटल के एडवाइजरी हेड विक्रम कसाट के मुताबिक तेल की कीमतों में अचानक तेजी आई। ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि WTI भी 103 डॉलर के पार चला गया। तेल की कीमत बढ़ने की वजह होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अनिश्चितता रही, जो ग्लोबल फ्यूल सप्लाई के लिए बेहद अहम है। भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। ऐसे में निवेशकों के बीच एक डर पैदा हो गया है, जो बाजार को गिराने में एक अहम रोल निभाया।
ग्लोबल मार्केट का इंपैक्ट
भारतीय बाजार अकेला नहीं गिरा, बल्कि एशिया के अन्य बाजारों में भी भारी गिरावट देखी गई। जापान और दक्षिण कोरिया के प्रमुख सूचकांक भी तेजी से टूटे। वैश्विक बाजारों की इस कमजोरी का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विजयकुमार बाजार की गिरावट के पीछे विदेशी निवेशकों की बिकवाली को भी एक वजह मानते हैं। उन्होंने बताया कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। 1 अप्रैल को ही उन्होंने ₹8,331 करोड़ के शेयर बेच दिए। महंगे तेल, कमजोर रुपये और बढ़ते व्यापार घाटे के कारण विदेशी निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ रहा है।
डॉलर और बॉन्ड यील्ड का दबाव
अमेरिकी डॉलर मजबूत हो गया है और 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.38% तक पहुंच गई है। मजबूत डॉलर और ऊंची यील्ड की वजह से निवेशक उभरते बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिका की ओर रुख करते हैं, जिससे भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ता है।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


