सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट: आज 22 अप्रैल को क्यों क्रैश हुआ शेयर मार्केट?
तीन दिनों की तेजी के बाद आज शेयर मार्केट क्रैश हो गया। सेंसेक्स 800 अंकों से अधिक टूटकर 78,442 के निचले स्तर पर पहुंच गया। जबकि, निफ्टी 50 200 अंकों लुढ़ककर 24,353 पर आ गया। आइए जानें इस गिरावट के 4 बड़े कारण…

Share Market Crash Today: घरेलू शेयर मार्केट के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 50 ने बुधवार, 22 अप्रैल को कारोबार के दौरान जोरदार गिरावट दर्ज की। लगातार तीन दिनों की तेजी के बाद आज बाजार लुढ़क गया। सेंसेक्स 800 अंकों से अधिक (लगभग 1%) टूटकर 78,442 के निचले स्तर पर पहुंच गया। जबकि, निफ्टी 50 200 अंकों (करीब 1%) लुढ़ककर 24,353 पर आ गया। हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूती रही। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 सूचकांक 0.5% तक चढ़ गए।
आखिर क्यों गिरा बाजार? ये हैं 4 बड़े कारण
1. बैंक और आईटी शेयरों में मुनाफावसूली
चौथी तिमाही के नतीजों के बीच बैंक और आईटी दिग्गज शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग से बाजार नीचे आया। बैंक निफ्टी 0.5% से अधिक गिर गया। पिछले तीन दिनों में यह 2.3% चढ़ा था। दूसरी ओर निफ्टी IT इंडेक्स लगभग 4% टूट गया। इसकी वजह कुछ आईटी कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजे हैं। HCL Tech के शेयर सबसे ज़्यादा नुकसान में रहे, जिनमें 9.7% की भारी गिरावट दर्ज की गई। इन्फोसिस, TCS और टेक महिंद्रा समेत अन्य बड़ी कंपनियों के शेयरों में भी 2-3% की गिरावट आई।
2. ईरान-अमेरिका युद्ध को लेकर बनी चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष विराम बढ़ाने का ऐलान किया है, लेकिन बातचीत को लेकर असमंजस बना हुआ है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का पाकिस्तान दौरा टल गया है। बाजार पश्चिम एशिया से ताजा अपडेट का इंतजार कर रहा है। अगर यह संघर्ष लंबा चला तो दुनिया की ग्रोथ धीमी होगा और महंगाई बढ़ सकती है।
3. कमजोर ग्लोबल संकेत
अमेरिकी बाजारों में गिरावट के बाद एशिया के प्रमुख बाजार (जापान का निक्केई, कोरिया का कोस्पी) मामूली लाभ में चल रहे हैं। ईरान-अमेरिका युद्ध को लेकर विरोधाभासी संकेतों से मार्केट में नाजुक स्थिति है। मजबूत डॉलर और बढ़ती अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड भी भारत जैसे उभरते बाजारों पर दबाव डाल रही है।
4. कच्चे तेल की कीमतें गिरीं, लेकिन $95 से ऊपर बनी रहीं
ब्रेंट क्रूड की कीमतें गिरीं, लेकिन $95 प्रति बैरल से ऊपर बनी रहीं, जिससे निवेशक भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर मार्केट पर इसके असर को लेकर चिंतित हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का लंबे समय तक बने रहना भारतीय कंपनियों के लिए इनपुट लागत बढ़ा सकता है, जिससे उनके मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कमाई में 2% से 4% की कटौती हो सकती है। अगर कोई शांति समझौता हो जाता है, तो नुकसान का जोखिम कम हो जाएगा।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


