DA Hike: पिछले 10 सालों में ऐसा नहीं हुआ, कर्मचारियों को कब मिलेगा सब्र का मीठा फल? जानें
DA Hike: पिछले 10 सालों का ट्रेंड देखें तो जनवरी साइकिल का DA अमूमन मार्च तक घोषित हो जाता था, लेकिन अबकी बार मार्च बीत गया और अप्रैल में भी 10 दिन बीतने को हैं, लेकिन DA ऐलान अभी तक नहीं हुआ है। फिलहाल, सभी कर्मचारियों की निगाहें सरकार के फैसले पर हैं कि आखिरकार उन्हें सब्र का मीठा फल कब मिलेगा?

जनवरी–जून 2026 के महंगाई भत्ते (DA) बढ़ोतरी का इंतजार इस बार लंबा हो गया है। अप्रैल शुरू होने के बावजूद सरकार ने अभी तक कोई घोषणा नहीं की है। पिछले 10 सालों के ट्रेंड को देखें तो जनवरी साइकिल का DA आमतौर पर मार्च तक घोषित हो जाता था, लेकिन 2026 में पहली बार ऐसा हुआ है कि मार्च गुजर गया और फैसला नहीं आया। फिलहाल, फिलहाल,सभी 1.2 करोड़ कर्मचारियों की निगाहें सरकार के फैसले पर हैं कि आखिरकार उन्हें सब्र का मीठा फल कब मिलेगा?
DA में क्यों हो रही है देरी? क्या बदली है नीति?
विशेषज्ञों के मुताबिक यह देरी किसी पॉलिसी बदलाव की वजह से नहीं, बल्कि प्रक्रियात्मक कारणों से हो रही है। DA अब 60% के करीब पहुंच रहा है, इसलिए वित्तीय मंजूरी और कैलकुलेशन में ज्यादा सावधानी बरती जा रही है। इसके अलावा 1 जनवरी 2026 से लागू हो रहे 8वें वेतन आयोग के ट्रांजिशन का भी असर इस टाइमिंग पर पड़ रहा है। सरकार इस बार DA ऐलान को नए वित्तीय वर्ष (FY 2026-27) के साथ जोड़कर जारी कर सकती है।
अब कितना बढ़ सकता है DA
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 58% DA मिल रहा है। इस बार करीब 2% बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिससे DA बढ़कर 60% हो सकता है। यह एक महत्वपूर्ण स्तर माना जाता है और 7वें वेतन आयोग के बाद का पहला बड़ा बदलाव भी होगा।
क्या कर्मचारियों के अधिकार पर असर पड़ेगा?
इस देरी से कर्मचारियों के अधिकारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। DA बढ़ोतरी का मूल नियम वही है, महंगाई के आधार पर साल में दो बार संशोधन। यानी जब भी घोषणा होगी, DA 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा और कर्मचारियों को पूरा एरियर मिलेगा।
कर्मचारियों पर अभी क्या पड़ रहा असर ?
हालांकि, एरियर मिल जाएगा, लेकिन देरी का असर फिलहाल कर्मचारियों की जेब पर पड़ रहा है। कर्मचारी अभी पुरानी सैलरी के आधार पर बढ़ती महंगाई का सामना कर रहे हैं, जिससे खर्च और सेविंग प्लानिंग पर दबाव बढ़ रहा है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹56,100 है, तो जनवरी से मार्च तक का एरियर करीब ₹6,700 से ₹7,000 तक हो सकता है।
टैक्स और सैलरी पर भी पड़ सकता है असर
एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब एरियर एक साथ मिलेगा तो वह एक महीने की इनकम बढ़ा सकता है, जिससे टैक्स स्लैब पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा HRA और PF जैसे कंपोनेंट्स भी DA से जुड़े होते हैं, इसलिए देरी का असर इन पर भी अस्थायी रूप से पड़ सकता है।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


