
IndiGo की इस गलती से देशभर में मचा हाहाकार, सेवाएं कब होंगी सामान्य? जानिए
Indigo Crisis In India: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) इन दिनों भारी ऑपरेशनल संकट से जूझ रही है। बुधवार और गुरुवार को मिलाकर 450 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द हुईं और सैकड़ों लेट रहीं। यह पूरा संकट किसी एक कारण से नहीं, बल्कि कई वजहों के ‘डोमिनो इफेक्ट’ का नतीजा है।
Indigo Crisis In India: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) इन दिनों भारी ऑपरेशनल संकट से जूझ रही है। बुधवार और गुरुवार को मिलाकर 450 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द हुईं और सैकड़ों लेट रहीं। यह पूरा संकट किसी एक कारण से नहीं, बल्कि कई वजहों के ‘डोमिनो इफेक्ट’ का नतीजा है। पहले एयरबस A320 में आए सॉफ्टवेयर ग्लिच की वजह से देरी शुरू हुई, फिर अचानक फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम लागू होने से बड़ी संख्या में पायलट और क्रू अनिवार्य ब्रेक पर चले गए। यह वही नियम हैं जो जनवरी 2024 में आए थे, लेकिन लगातार टलते रहे। एयरलाइंस को उम्मीद थी कि 1 नवंबर 2025 की नई तारीख भी आगे बढ़ाई जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बता दें कि इस बीच, DGCA ने शुक्रवार को पायलटों के साप्ताहिक आराम से जुड़ा नया नियम वापस ले लिया।
DGCA ने क्या कहा
DGCA ने अपने नोटिफिकेशन में कहा कि मौजूदा हालात और एयरलाइंस की तरफ से ऑपरेशन्स को स्थिर रखने की मांग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। नोटिफिकेशन में साफ लिखा गया, ‘चल रहे ऑपरेशनल डिसरप्शन और एयरलाइंस से मिली अपीलों को देखते हुए यह निर्देश कि साप्ताहिक आराम की जगह कोई छुट्टी नहीं दी जा सकती। तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाता है।’
इंडिगो की उड़ानें धड़ाधड़ रुकने लगीं
बता दें कि FDTL नियमों के लागू होते ही इंडिगो की उड़ानें धड़ाधड़ रुकने लगी थीं। इन नियमों के तहत पायलटों की साप्ताहिक आराम अवधि 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे कर दी गई है। रात की ड्यूटी का समय अब रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक माना जाएगा, और पायलट अब हफ्ते में सिर्फ 2 नाइट लैंडिंग ही कर सकते हैं, जबकि पहले यह सीमा 6 थी। लगातार दो नाइट ड्यूटी से भी रोक लगा दी गई है। साथ ही, 00:00–06:00 के बीच आने वाली उड़ानों की अधिकतम फ्लाइट टाइम सीमा 8 घंटे तय हुई है। चूंकि इंडिगो का बिजनेस मॉडल हाई-फ्रीक्वेंसी और रेड-आई फ्लाइट्स पर चलता है, ऐसे में अचानक क्रू की उपलब्धता बुरी तरह प्रभावित हुई।
FDTL नियमों में क्या बदला गया?
- पायलटों की साप्ताहिक अनिवार्य आराम अवधि 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे कर दी गई।
- नाइट ड्यूटी की परिभाषा बढ़ाकर अब रात 12 से सुबह 6 बजे तक कर दी गई।
- पायलट अब हफ्ते में केवल 2 नाइट लैंडिंग ही कर पाएंगे (पहले यह संख्या 6 थी)।
- नाइट ड्यूटी में पायलट की अधिकतम उड़ान अवधि में भी कटौती की गई है।
इन बदलावों ने पायलटों की उपलब्धता को सीधे प्रभावित किया, जिससे शेड्यूल गड़बड़ा गया और बड़ी संख्या में फ्लाइट कैंसिल या लेट होने लगीं।
ये भी हैं दिक्कतें
इससे पहले Airbus A320 के सॉफ्टवेयर एडवाइजरी ने दिक्कतें बढ़ा दी थीं। वीकेंड पर टेक्निकल अपडेट के कारण उड़ानें लेट हुईं। देर से उतरने या उड़ान भरने का सीधा मतलब था कि कई पायलटों की ड्यूटी नाइट विंडो में चली गई। नतीजतन, सोमवार से FDTL लागू होने पर बहुत-से क्रू मेंबर ऑटोमैटिकली अनिवार्य रेस्ट पीरियड में चले गए। इतनी बड़ी संख्या में क्रू अचानक उपलब्ध न होने से पूरा शेड्यूल चरमरा गया। विंटर शेड्यूल 26 अक्टूबर से शुरू हुआ था, जिससे फ्लाइट्स की संख्या और बढ़ी और परेशानी भी।
इंडिगो ने क्या गलत किया?
अब सवाल है—इंडिगो ने क्या गलत किया? तो बता दें एयरलाइन पिछले कई दिनों से 50% से कम ऑन-टाइम परफॉर्मेंस दिखा रही थी, यात्रियों की शिकायतें बढ़ रहीं थीं, ग्राउंड स्टाफ तक कह रहा था कि 'पायलट उपलब्ध नहीं हैं।' यानी संकट साफ दिख रहा था, फिर भी कंपनी ने समय रहते फ्लाइट्स को घटाया नहीं या क्रू प्लानिंग नहीं सुधारी। एक्सपर्ट कहते हैं कि DGCA को भी विंटर शेड्यूल में अतिरिक्त उड़ानों की मंजूरी देते वक्त नए FDTL नियमों का असर ध्यान में रखना चाहिए था। कई लोग इसे ‘स्टेज मैनेज्ड’ स्थिति मान रहे हैं, लेकिन एक लिस्टेड कंपनी अपनी साख दांव पर लगाने का जोखिम नहीं लेती। असलियत यही लगती है- एक सिस्टमेटिक फेल्योर, जिसके लिए अब तुरंत सुधारात्मक कदम जरूरी हैं, वरना हालात और बिगड़ सकते हैं।
IndiGo की सेवाएं कब होंगी सामान्य?
इंडिगो ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि अगले 48 घंटों में संचालन सामान्य होने लगेगा। कंपनी का कहना है कि उसकी टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं ताकि यात्रियों की असुविधा कम की जा सके और उड़ानों को जल्द से जल्द स्थिर किया जा सके। वहीं, PTI के मुताबिक मुंबई (85 फ्लाइट), हैदराबाद (68 फ्लाइट) और चेन्नई (31 फ्लाइट) समेत कई बड़े एयरपोर्ट भी इससे प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा, एक और PTI रिपोर्ट के अनुसार, इंडिगो ने गुरुवार को DGCA को बताया है कि वह 8 दिसंबर से फ्लाइट्स कम करेगी, और पूरी तरह से स्थिर संचालन 10 फरवरी 2026 तक बहाल हो जाएगा।





