Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़Why IndiGo flights are getting cancelled, when situation may normal
इस तारीख तक आपके अकाउंट में आ जाएगा इंडिगो फ्लाइट कैंसलेशन का रिफंड, जानिए उड़ाने रद्द होने की वजह

इस तारीख तक आपके अकाउंट में आ जाएगा इंडिगो फ्लाइट कैंसलेशन का रिफंड, जानिए उड़ाने रद्द होने की वजह

संक्षेप:

इस साल सर्दी अभी तक अपने चरम पर नहीं पहुंची है इसके बाद भी इंडिगो एयरलाइंस की सर्विस पूरी तरह से डगमगा चुकी है। देश के अलग-अलग कई शहरों से इंडिगो की उड़ानों में काफी देरी हो रही है। या फिर उड़ाने ही रद्द हो रही हैं। जिसके चलते एयरपोर्ट पर इंडिगो के काउंटर पर यात्रियों का गुस्सा भी जमकर फूट रहा है।

Dec 05, 2025 05:08 pm ISTNarendra Jijhontiya लाइव हिन्दुस्तान
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सर्दी का मौसम का असर जमीन के साथ आसमान पर भी पड़ता है। इस मौसम में हर साल कई एयलाइंस कंपनियों की सेवाएं प्रभावित होती हैं। हालांकि, इस साल सर्दी अभी तक अपने चरम पर नहीं पहुंची है इसके बाद भी इंडिगो एयरलाइंस की सर्विस पूरी तरह से डगमगा चुकी है। देश के अलग-अलग कई शहरों से इंडिगो की उड़ानों में काफी देरी हो रही है। या फिर उड़ाने ही रद्द हो रही हैं। जिसके चलते एयरपोर्ट पर इंडिगो के काउंटर पर यात्रियों का गुस्सा भी जमकर फूट रहा है। कंपनी पिछले कुछ दिनों में करीब 1,000 फ्लाइट्स कैंसिल कर चुकी है। ऐसे में आप भी इंडिगो से सफर कर रहे हैं तब आपको इस खबर में इस स्थिति की वजह और उससे सामान्य होने की जानकारी मिल जाएगी।

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इंडिगो में इस गड़बड़ी के पीछे क्या वजह है?

>> आपको सबसे पहले ये जानने की जरूरत है कि अचानक ऐसा क्या हो गया है कि देश की नंबर-1 एयरलाइंस इंडिगो की उड़ानों में देरी या रद्द होने जैसी नौबत आ गई। इस बारे में इंडिगो ने कहा कि यह रुकावट “कई अचानक ऑपरेशनल चैलेंज” की वजह से शुरू हुए। इनमें छोटी-मोटी टेक्नोलॉजी की दिक्कतें, सर्दियों के शेड्यूल में बदलाव, खराब मौसम, ज्यादा भीड़ और नए क्रू ड्यूटी नियम शामिल हैं।

>> हालांकि, इसका मुख्य कारण जनवरी 2024 में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) द्वारा लाए गए नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम हैं। नए नियम सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए पायलट और क्रू के आराम पर ध्यान देते हैं।

>> मुख्य बदलावों में सप्ताह में ज्यादा आराम, रात की ड्यूटी की एक वाइडर डेफिनेशन, ड्यूटी के घंटों की लिमिट और रात में कम लैंडिंग शामिल हैं। पायलटों के लिए नाइट शिफ्ट को पहले के छह से घटाकर हर रोस्टर पीरियड में दो कर दिया गया था। जब ये नियम लागू हुए, तो कई क्रू मेंबर पुराने शेड्यूल के अनुसार काम नहीं कर सकते थे। इससे रोस्टर की दिक्कतें, कैंसिलेशन और देरी होने लगी।

अब तक इतनी इंडिगो फ्लाइट्स कैंसिल हुईं?

अब आपको ये जानना चाहिए कि इंडिगो अब तक कितनी फ्लाइट्स कैंसिल की जा चुकी हैं। तो इस बारे में कंपनी ने बताया कि दिल्ली से सभी फ्लाइट्स आज आधी रात 11:59 बजे तक कैंसिल कर दी गई हैं। वहीं, चेन्नई एयरपोर्ट से भी कंपनी की सभी फ्लाइट्स कैंसिल का जा चुकी हैं। बेंगलुरु में शुक्रवार (5 दिसंबर, 2025) सुबह बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (KIA) पर इंडिगो की करीब 102 फ्लाइट्स कैंसिल हुईं। गोवा एयरपोर्ट से सुबह 30 डोमेस्टिक फ्लाइट्स कैंसिल कर दीं।

इंडिगो उड़ाने रद्द होने की वजह

AAI के मैनेज किए जाने वाले डाबोलिम एयरपोर्ट ने शुक्रवार सुबह से बेंगलुरु, सूरत, चेन्नई, हैदराबाद, अहमदाबाद, जयपुर, दिल्ली, इंदौर, मुंबई और भोपाल जैसे शहरों के लिए इंडिगो की 30 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी हैं। PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर 172 फ्लाइट्स समेत अलग-अलग एयरपोर्ट पर 550 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल की गईं। गुरुवार तक पिछले 48 घंटों में 300 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल की गईं। इनमें से करीब 33 हैदराबाद से जुड़ी हैं। बेंगलुरु में 70 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हो सकती हैं।

इंडिगो की सर्विस कब तक नॉर्मल हो जाएंगी?

गुरुवार को एक ऑफिशियल बयान में इंडिगो ने बताया कि अगले 48 घंटों में ऑपरेशन नॉर्मल हो जाएंगे। एयरलाइन ने यात्रियों से माफी मांगते हुए कहा, "हमारी टीमें कस्टमर्स की परेशानी कम करने और ऑपरेशन को जल्द से जल्द स्टेबल करने के लिए 24 घंटे काम कर रही हैं।" PTI के मुताबिक, मुंबई (85 फ्लाइट्स), हैदराबाद (68), चेन्नई (31) जैसे दूसरे एयरपोर्ट्स पर भी असर पड़ा। हालांकि, PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिगो ने गुरुवार को एविएशन रेगुलेटर DGCA को बताया कि वह 8 दिसंबर से फ्लाइट्स कम कर देगी और स्टेबल फ्लाइट ऑपरेशन 10 फरवरी, 2026 तक पूरी तरह से ठीक हो जाएगा।

>> एविएशन रेगुलेटर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने अपने इंस्पेक्टर्स से इंडिगो की फ्लाइट्स ऑपरेट करने को कहा है। DGCA पायलट्स को 5 साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर हायर करता है, जिसके दौरान वे ऑडिटर के तौर पर काम करते हैं और उन्हें किसी भी एयरलाइन के लिए ऑपरेट करने पर रोक होती है।

>> इंडिगो संकट को देखते हुए, रेगुलेटर ने अब नए पायलट्स रेस्ट रूल्स में कई क्लॉज में ढील दी है। इससे रात के समय पायलट कितनी लैंडिंग कर सकता है, इसकी लिमिट भी शामिल है। DGCA ने एयरलाइंस को पायलट्स की ली गई छुट्टियों को जरूरी वीकली रेस्ट के समय के साथ जोड़ने की भी इजाजत दी है।

इंडिगो का इस मामले पर बयान

इंडिगो उड़ाने रद्द होने की वजह

"आज सबसे ज़्यादा कैंसिलेशन होने चाहिए, क्योंकि हम कल से धीरे-धीरे सुधार के लिए अपने सभी सिस्टम और शेड्यूल को रीबूट करने के लिए वह सब कुछ कर रहे हैं जो जरूरी है। हमारी टीमें मिनिस्ट्री और DGCA के साथ मिलकर रेगुलर ऑपरेशन फिर से शुरू करने के लिए काम कर रही हैं। ऑपरेशन को आसान बनाने और एयरपोर्ट पर भीड़ कम करने के लिए शॉर्ट टर्म प्रोएक्टिव कैंसिलेशन किए जा रहे हैं, ताकि मजबूती से शुरुआत की जा सके।"

इंडिगो फ्लाइट कैंसिलेशन का रिफंड कब मिलेगा?

इंडिगो उड़ाने रद्द होने की वजह

ऐसे कस्टमर्स जो इंडियो फ्लाइट से सफर नहीं कर पाए, या जिन्होंने टिकट कैंसिल किया है, उनके लिए भी कंपनी ने जरूरी जानकारी शेयर की है। कंपनी ने बताया, "हम कैंसिलेशन से जुड़ी जानकारी भी शेयर कर रहे हैं। हम यह पक्का करेंगे कि आपके कैंसिलेशन के सभी रिफंड आपके ओरिजिनल पेमेंट मोड में ऑटोमैटिकली प्रोसेस हो जाएंगे। हम 5 दिसंबर से 15 दिसंबर, 2025 के बीच यात्रा के लिए आपकी बुकिंग के सभी कैंसिलेशन/रीशेड्यूल रिक्वेस्ट पर पूरी छूट देंगे।"

DGCA के आदेश का प्रभाव इंडिगो पर सबसे ज्यादा क्यों हुआ?

इंडिगो की वेबसाइट के अनुसार, वह हर दिन 2200 से ज्यादा डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स चलाता है। यह एयर इंडिया के रोजाना के ऑपरेशन से लगभग दोगुना है। 10 से 20% की रुकावट भी 200 से 400 फ्लाइट्स और हजारों पैसेंजर्स पर असर डालती है। इंडिगो भी कम लागत वाले हाई-फ्रीक्वेंसी मॉडल पर चलती है, जिसमें रात में ज्यादा ऑपरेशन होते हैं। यह काम करने का तरीका DGCA की नई ड्यूटी लिमिट्स से मेल नहीं खा रहा।

इंडिया की एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ने कहा कि एयरलाइंस के पास इन बदलावों के लिए तैयारी करने के लिए लगभग दो साल थे। "काफी समय दिए जाने के बावजूद, ज्यादातर एयरलाइंस ने तैयारी काफी देर से शुरू की। वहीं, जरूरत के हिसाब से 15 दिन पहले क्रू रोस्टर को ठीक से एडजस्ट नहीं कर पाईं। इससे पता चलता है कि क्रू को उसी हिसाब से तैयार करने के लिए जरूरी स्ट्रेटेजिक प्लानिंग में शुरुआती मैनेजरियल कम अंदाजा या देरी हुई।"

स्टोरी सोर्स: PTI और द इकोनॉमिक टाइम्स

Narendra Jijhontiya

लेखक के बारे में

Narendra Jijhontiya
नरेंद्र जिझोतिया साल 2022 से 'लाइव हिंदुस्तान' के ऑटो सेक्शन में काम कर रहे हैं। नरेंद्र ने पत्रकारिता की शुरुआत 2008 में जी 24 घंटे छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के साथ की। साल 2014 में दैनिक भास्कर से डिजिटल जर्नलिज्म की पारी शुरू की। अपने 16 साल से लंबे जर्नलिज्म सफर के दौरान वे 5 मीडिया ऑर्गेनाइजेशन में काम कर चुके हैं। इस दौरान स्पोर्ट्स, बॉलीवुड, खबर जरा हटके, यूटिलिटी, बिजनेस, टेक्नोलॉजी, ऑटो समेत कई अलग-अलग सेक्शन में काम किया है। अपने एक्सक्लूसिव कंटेंट के बूते वो लगातार डिजिटल जर्नलिज्म में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। और पढ़ें
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