सोने और चांदी पर सख्ती! सिल्वर बार के इम्पोर्ट पर क्यों हुई कड़ाई? इन 2 वजहों ने सरकार की बढ़ाई टेंशन

Tarun Pratap Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Gold and Silver import: केंद्र सरकार ने सोने और चांदी की कीमतों के आयात को लेकर सख्ती दिखाई है। शनिवार को केंद्र सरकार ने कुछ खास सिल्वर बार के इंपोर्ट को प्रतिबंधित कर दिया। इसके पहले सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था। 

सोने और चांदी पर सख्ती! सिल्वर बार के इम्पोर्ट पर क्यों हुई कड़ाई? इन 2 वजहों ने सरकार की बढ़ाई टेंशन

Why Govt Tighten rule on Gold and Silver import: सरकार की तरफ से सोने और चांदी के आयात को लेकर काफी कड़े हुए फैसले पिछले दिनों लिए गए हैं। मौजूदा अनिश्चितता के बीच सरकार ने कुछ खास प्रकार के सिल्वर बार (चांदी के ईंट) के आयात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है। शनिवार को इसको लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी गई थी। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार ने सिल्वर बार को फ्री कैटगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है।

इसके अलावा केंद्र सरकार ने सोने इंपोर्ट करने के लिए एडवांस ऑथराइजेशन जारी करने और उसकी निगरानी से जुड़े नियमों को भी काफी कड़ा कर दिया है। केंद्र सरकार सोने और चांदी के इंपोर्ट को लेकर कितना सख्त है इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि इम्पोर्ट ड्यूटी को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। आखिर ऐसा क्या हुआ है जिसकी वजह से सरकार सोने और चांदी के आयात को लेकर सख्ती दिखा रही है। आइए समझने का प्रयास करते हैं।

1- खपत में तेज इजाफा

सरकार की तरफ से की गई सख्ती का बड़ा कारण खपत में हुआ तेज इजाफा है। देश मौजूदा समय में भारी मात्रा में चांदी का आयात कर रहा है। मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल के महीने में भारत ने 411 मिलियन डॉलर का सिल्वर इम्पोर्ट किया था। जोकि सालाना आधार पर 157.16 प्रतिशत अधिक है।

पिछले वित्त वर्ष में हुई 12 अरब डॉलर की चांदी की खरीद

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने कुल 12 अरब डॉलर की चांदी को आयात किया था। जोकि इसके पहले के वित्त वर्ष की तुलना में 150 प्रतिशत अधिक है। बुलियन मार्केट में कीमतें अधिक होने के बाद भी फिजिकल डिमांड में कोई कमी नहीं आई है। भारत ग्रीन एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी आवश्यकताओं और परंपरागत खपत के लिए 7334.96 टन चांदी इस वित्त वर्ष आयात किया है। जोकि 42 प्रतिशत अधिक है।

2- विदेशी मुद्रा की बचत

पश्चिमी देशों में जारी तनाव के बीच भारत सरकार इस समय विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने पर ज्यादा जोर दे रही है। युद्ध की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बाधित है। जिसके कारण कच्चे तेल का रेट 70 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल को क्रॉस कर गया है। भारत जैसे देश जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करते हैं उनके लिए महंगा कच्चा तेल बड़ी मुसीबत है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की बचत के साथ-साथ सोना अगले 1 साल तक ना खरीदने की अपील की है। इन सबके बीच भारत रुपये की स्थिति लगातार खराब हो रही है। शुक्रवार को 1 डॉलर की कीमत 96 रुपये हो गया था। भारत के पास अभी पर्याप्त मात्रा में फॉरेक्स रिजर्व है। मौजूदा समय में 11 महीने के आयात का खर्च उठाने के लिए भारत के रिजर्व में पैसा है।

Tarun Pratap Singh

लेखक के बारे में

Tarun Pratap Singh

तरुण प्रताप सिंह, लाइव हिन्दुस्तान के साथ अक्टूबर 2020 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस टीम का हिस्सा हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर पर लिखने के साथ-साथ आईपीओ पर वीडियो इंटरव्यू की भी जिम्मेदारी सम्भालते हैं। लाइव हिन्दुस्तान की वीडियो टीम के लिए 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में टीम लीड करते हुए 200 विधानसभा सीट में ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरीज कर चुके हैं। श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उत्तर प्रदेश में ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है। साल 2025 में प्रयागराज में सम्पन्न हुए महाकुंभ में 40 दिन से अधिक दिन तक कुंभ नगरी में रहकर अनेकों वीडियो इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरिज किए थे।

शिक्षा
बी.ए (ऑनर्स) और एम.ए की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी से पूरा किया है। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है।

अनुभव -
HT का हिस्सा बनने से पहले स्वतंत्र तौर पर 2019 में लोकसभा चुनाव, 2019 में हरियाणा विधानसभा, 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2020 में दिल्ली दंगा की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है। श्री राम मंदिर भूमि पूजन (साल 2020) के दौरान भी बतौर स्वतंत्र पत्रकार अपनी सेवाएं दिए हैं।

दैनिक जागरण के एक स्पेशल कार्यक्रम के तहत वाराणसी में दो अलग-अलग साल में 100-100 बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली की 15 दिनों की ट्रेनिंग भी देने का अनुभव प्राप्त है।

विशेषताएं -
वीडियो रिपोर्टिंग में दक्षता हासिल है। कई इंटरव्यू और ग्राउंड ओपनियन वीडियो नेशनल लेवल पर विमर्श का केंद्र बने हैं। बिजनेस और राजनीति के अलावा क्रिकेट, धर्म और साहित्य पर लिखना-पढ़ना पसंद है।

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