सोना क्यों हो रहा है लगातार सस्ता? अगस्त में और गिरेगा या फिर आएगी गोल्ड में बड़ी तेजी
मुख्य बातें
- Gold Price: सोना खरीदने की सोच रहे हैं तो क्या अच्छा समय आ गया है
- पिछले छह हफ्तों में पहली बार गोल्ड में बड़ी वीकली गिरावट आई है
- ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अगस्त में सोना और सस्ता होगा या फिर कीमतों में दोबारा तेजी आएगी?

Gold Price: सोना खरीदने की सोच रहे हैं तो आपके लिए अच्छा समय आ गया है। पिछले छह हफ्तों में पहली बार गोल्ड में बड़ी वीकली गिरावट आई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अगस्त में सोना और सस्ता होगा या फिर कीमतों में दोबारा तेजी आएगी? सोने के दाम की दिशा अब अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी केंद्रीय बैंक के अगले फैसले पर टिकी हुई है।
इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड रेट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमत करीब 3,970 डॉलर प्रति औंस पर बनी रही, लेकिन पूरे सप्ताह में इसमें तीन फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। वहीं अगस्त डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी करीब 0.5 फीसदी की कमजोरी दर्ज की गई।
क्यों आई सोने में गिरावट?
1. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। तेल महंगा होने से दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। यही वजह है कि निवेशकों को लग रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ा सकता है या उन्हें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रख सकता है। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं तो निवेशकों का रुझान बॉन्ड और अन्य ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की तरफ बढ़ जाता है। दूसरी ओर सोना कोई ब्याज नहीं देता, इसलिए इसकी मांग कमजोर पड़ने लगती है। यही कारण है कि गोल्ड की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
2. अमेरिकी डॉलर भी लगातार मजबूत हो रहा है। डॉलर मजबूत होने से दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग और कीमत दोनों पर असर पड़ता है।
अगस्त में क्या हो सकता है?
अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और अमेरिका में महंगाई कम नहीं होती, तो अगस्त में भी सोने पर दबाव बना रह सकता है। ऐसे में कीमतों में और नरमी देखने को मिल सकती है। हालांकि दूसरी तरफ अमेरिका-ईरान तनाव अगर और बढ़ता है या वैश्विक हालात बिगड़ते हैं तो निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए फिर से सोने का रुख कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में गोल्ड की कीमतों में तेज रिकवरी भी देखने को मिल सकती है।
अगस्त में सोने की चाल पूरी तरह तीन बातों पर निर्भर करेगी। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अगली रणनीति। इस बीच सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी, प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी अन्य कीमती धातुओं में भी इस सप्ताह गिरावट देखने को मिली है। इससे साफ है कि फिलहाल वैश्विक बाजार में निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और बड़े फैसलों का इंतजार कर रहे हैं।


