
SBI Funds IPO से दिग्गज बैंकर्स क्यों कर रहे हैं किनारा? स्टेट बैंक ऑफ इंडिया भी बेच रहा है हिस्सा
SBI Funds IPO: एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड के प्रस्तावित आईपीओ से दिग्गज बैंकर्स ने किनारा कर लिया है। मामले की जानकारी रखने वाले व्यक्ति के अनुसार कम फीस की वजह से इन दिग्गज बैंकर्स ने 1.4 बिलियन डॉलर के प्रस्तावित आईपीओ से नहीं जुड़ने का फैसला किया है।
SBI Funds IPO: एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड के प्रस्तावित आईपीओ से दिग्गज बैंकर्स ने किनारा कर लिया है। मामले की जानकारी रखने वाले व्यक्ति के अनुसार कम फीस की वजह से इन दिग्गज बैंकर्स ने 1.4 बिलियन डॉलर के प्रस्तावित आईपीओ से नहीं जुड़ने का फैसला किया है। रिपोर्ट के अनुसार सिटी ग्रुप पहले एसबीआई फंड मैनेजमेंट के आईपीओ का हिस्सा था। लेकिन कम फीस की वजह से अब एसबीआई के प्रस्तावित आईपीओ से नहीं जुड़ने का फैसला किया है।
एक और ब्रोकरेज ने किया SBI फंड के आईपीओ से किनारा
एसबीआई फंड ने आईपीओ के लिए जेपीमॉर्गन चेज़ एंक को ने भी इस ट्रांजैक्शन से दूरी बना ली है। इस ब्रोकरेज हाउस ने भी कम पैसों की वजह से एसबीआई फंड आईपीओ से किनारा किया है।
0.01 प्रतिशत फीस दे रहे हैं विक्रेता
इस आईपीओ में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और France’s Amundi SA की तरफ से हिस्सेदारी को घटाया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार दोनों विक्रेताओं की तरफ से इश्यू के साइज का 0.01 प्रतिशत का ऑफर दिया गया था। लेकिन ब्रोकरेज हाउस ने इस कम बताकर किनारा कर रहे हैं। एलएसईजी डाटा के अनुसार पिछले साल कंपनियों ने औसतन इश्यू साइज के 1.86 प्रतिशत को दिया था। 2024 में यह फीस 1.67 प्रतिशत थी।
किसे-किसे चुना गया था?
कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस बैंक लिमिटेड, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड, मोतिलाल ओसवाल इंवेस्टमेंट एडवाइजर्स लिमिटेड, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज लिमिटेड और जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड को आईपीओ पर काम करने के लिए चुना गया था। इन घरेलू ब्रोकरेज हाउस के साथ-साथ सिटी ग्रुप, एचएसबीसी होल्डिंग पीएलसी और बैंक ऑफ अमेरिका को भी सलाह देने के लिए जोड़ा गया था।
इस पूरे मामले पर अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं है। ना स्टेट बैंक, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और सिटी ग्रुप ने कमेंट करने से मना कर दिया है।
एसबीआई फंड्स में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और Amundi की बराबर की हिस्सेदारी है। पिछले साल बताया गया था कि दोनो सहयोगी मिलकर 10 प्रतिशत हिस्सेदारी को आईपीओ के जरिए बेचेंगे।





