एलन मस्क के बाद कौन है दुनिया का सबसे महंगा CEO? जवाब है, ‘एक बंगाली शंख मित्रा’
मुख्य बातें
- कोलकाता में पले-बढ़े शंख मित्रा ने एलन मस्क के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी CEO सैलरी पैकेज हासिल किया है
- उनका पैकेज 821 मिलियन डॉलर है, जो आज के रेट के हिसाब से ₹7,749 करोड़ हुए
- जानिए कौन हैं शंख मित्रा और उनकी सफलता की कहानी

शंख मित्रा एक भारतीय मूल के कार्यकारी हैं, जो अमेरिका की एक बड़ी रियल एस्टेट कंपनी वेलटॉवर के CEO हैं। उन्होंने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी CEO सैलरी पैकेज हासिल किया है। उनका पैकेज 821 मिलियन डॉलर है, जो आज के रेट के हिसाब से ₹7,749 करोड़ हुए। इस लिस्ट में पहले स्थान पर टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क हैं। वे न केवल टेक कंपनियों, बल्कि अन्य सभी इंडस्ट्री के सीईओ से आगे निकल गए।
मित्रा के पैकेज का 99% हिस्सा स्टॉक अवॉर्ड था, जो कंपनी के लंबी अवधि के परफार्मेंस से जुड़ा है। 2025 के अंत तक इस स्टॉक की कीमत 1 अरब डॉलर से भी ज्यादा हो गई। यह राशि एलन मस्क के बाद किसी भी अन्य सीईओ से अधिक थी। इसमें से अधिकतर हिस्सा स्टॉक अवार्ड्स के रूप में था, जो कंपनी के शेयर की कीमत बढ़ने पर और भी अधिक मूल्यवान हो गया।
क्यों मिली इतनी सैलरी
इस पैकेज में लगभग 789 मिलियन डॉलर का एक बड़ा स्टॉक ग्रांट शामिल था।वेलटॉवर का प्रदर्शन शंख मित्रा के नेतृत्व में बहुत शानदार रहा। कंपनी मुख्य रूप से सीनियर हाउसिंग और मेडिकल ऑफिस बिल्डिंगों में निवेश करती है। बढ़ती उम्र की आबादी के कारण इस सेक्टर में जबरदस्त वृद्धि हुई और कंपनी का शेयर कई गुना चढ़ गया। इसी को देखते हुए बोर्ड ने उनके कांट्रैक्ट के मुताबिक उन्हें बड़ा स्टॉक-बेस्ड इनाम दिया।
कोलकाता से कोलंबिया तक पढ़ाई का सफर
शंख मित्रा का जन्म और पालन-पोषण कोलकाता में हुआ। उन्होंने जादवपुर यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की डिग्री ली। फिर अमेरिका गए और कोलंबिया बिजनेस स्कूल से MBA किया। यहां उन्होंने "एप्लाइड वैल्यू इन्वेस्टिंग" में महारत हासिल की।
करियर की शुरुआत: PwC से फिडेलिटी तक
PwC यानी प्राइस वॉटरहाउस कूपर्स में उन्होंने 5 साल तक फाइनेंस और बिजनेस सलाहकार के तौर पर काम किया और 2009 में फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स में एनालिस्ट बने। इसके बाद Citadel और Millennium Management जैसी दिग्गज निवेश फर्मों में काम किया। यहां उन्होंने रियल एस्टेट सिक्योरिटीज और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट में विशेषज्ञता हासिल की।
Welltower में शानदार सफर
2016 में Welltower में शामिल हुए और दो साल बाद ही 2018 में मुख्य निवेश अधिकारी (CIO) बन गए। इसके दो साल बाद 2020 में कंपनी का CEO बन गए। नियुक्ति के समय कंपनी के प्रमुख स्वतंत्र निदेशक जेफरी डोनाह्यू ने कहा, "शंख के नेतृत्व और निवेश कौशल ने कंपनी को लॉन्ग टर्म सफलता की ओर अग्रसर किया है।"
भारतीय मूल के CEOs का दबदबा: भारतीय मूल के सीईओ में मित्रा अकेले नहीं हैं। इस लिस्ट में एक और भारतीय मूल CEO निकेश अरोड़ा (Palo Alto Networks) भी शामिल हैं, जिनका पैकेज 100 मिलियन डॉलर था।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


