
सोने-चांदी में निवेश के लिए ETF और म्यूचुअल फंड में से कौन बेहतर
Gold Silver: जेफरीज ने सोने की कीमत 6,600 डॉलर प्रति औंस, यार्डेनी ग्रुप ने 6,000 डॉलर, यूबीएस ने 5,400 डॉलर प्रति औंस रहने का अनुमान लगाया है। वहीं, प्रसिद्ध किताब रिच डैड पुअर डैड के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने कहा है कि चांदी की कीमत 2026 में 200 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है।
शुक्रवार की सुबह सोने और चांदी के भाव में तेजी के साथ शुरुआत हुई और नए रिकॉर्ड बनाए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव नए शिखर 4,969.69 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इसी तरह, चांदी ने भी तेजी के साथ शुरुआत करते हुए 99.190 डॉलर प्रति औंस का इंट्राडे हाई को छुआ, जो लगभग 2.50% की इंट्राडे बढ़त है।
कहां तक पहुंचेंगे सोने-चांदी के भाव
सोने-चांदी की ताजा तेजी को देखते हुए, एक छोटा निवेशक भी इस अवसर को गंवाने के डर से सकते में आ सकता है। हालांकि, विशेषज्ञ इन कीमती धातुओं पर आशावादी बने हुए हैं।
जेफरीज ने सोने की कीमत 6,600 डॉलर प्रति औंस, यार्डेनी ग्रुप ने 6,000 डॉलर, यूबीएस ने 5,400 डॉलर, जेपी मॉर्गन और चार्ल्स श्वाब ने 5,050 डॉलर तथा बोफा और एएनजेड ने 5,000 डॉलर प्रति औंस रहने का अनुमान लगाया है। वर्ष 2026 के लिए तय इन लक्ष्यों को साल के पहले तीन हफ्तों में ही पार कर लिया गया है।
रॉबर्ट कियोसाकी का चांदी पर दृष्टिकोण
वहीं, प्रसिद्ध किताब 'रिच डैड पुअर डैड' के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने कहा है कि चांदी की कीमत 2026 में 200 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी है कि वे इस सफेद धातु में हर बड़ी गिरावट पर निवेश का मौका तलाशें।
क्या सोने-चांदी के ईटीएफ में निवेश समझदारी है?
एक छोटे खुदरा निवेशक के लिए, भौतिक सोने-चांदी की कीमतें इतनी ऊंचाई पर पहुंच गई हैं कि उनका बजट निवेश में रुकावट बन सकता है। ऐसे छोटे निवेशकों के लिए, सोने और चांदी के ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) में निवेश एक अच्छा विकल्प हो सकता है, क्योंकि इनमें पर्याप्त तरलता, खरीदने-बेचने में आसानी, कोई मूल्यह्रास नहीं और बेचते समय कोई मेकिंग चार्ज नहीं जैसे फायदे हैं।
फिजिकल गोल्ड-सिल्वर के बजाय ईटीएफ क्यों
फिजिकल गोल्ड-सिल्वर के बजाय ईटीएफ को क्यों चुना जाना चाहिए, इस बारे में सेबी-रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट जितेंद्र सोलंकी ने कहा, "अगर कोई निवेशक सोने और चांदी में निवेश की योजना बना रहा है, तो भौतिक धातुओं की तुलना में ईटीएफ एक बेहतर विकल्प हो सकते हैं। ईटीएफ एक छोटे निवेशक को भी कुछ सौ रुपये से शुरुआत करने की सुविधा देते हैं। इस तरह, एक सीमांत निवेशक ईटीएफ के जरिए सोने-चांदी में निवेश कर सकता है, जो खुदरा भौतिक बाजार में उनके लिए मुश्किल लगता है।"
ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के एमडी और सीईओ पंकज मथपाल ने कहा, "आसमान छूती सोने-चांदी की कीमतों के बीच, आज के भाव रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास हैं। सोने और चांदी के ईटीएफ में निवेश करना अत्यधिक जोखिम भरा होगा क्योंकि वे पहले से ही बहुत ऊंचे प्रीमियम पर हैं।"
सोने-चांदी के ईटीएफ बनाम म्यूचुअल फंड
पंकज मथपाल ने सलाह दी कि यदि निवेशक की जोखिम उठाने की क्षमता कम है, तो उन्हें सोने-चांदी के म्यूचुअल फंड पर विचार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सोने-चांदी के म्यूचुअल फंड सिर्फ सोने-चांदी के ईटीएफ में ही निवेश करते हैं। इसलिए, यदि कोई निवेशक एसआईपी मोड में इन म्यूचुअल फंड में निवेश करता है, तो वह अपना जोखिम कम कर सकता है और सोने-चांदी में निवेशित रह सकता है।
उन्होंने कहा कि अधिक जोखिम लेने वाले निवेशक भौतिक धातुओं के बजाय ईटीएफ में निवेश कर सकते हैं, लेकिन कम जोखिम वाले निवेशकों को एसआईपी के माध्यम से म्यूचुअल फंड में निवेश करने की सलाह दी जाती है।
खरीदने के लिए सोने-चांदी के ईटीएफ और म्यूचुअल फंड
पंकज मथपाल ने आज खरीदने के लिए तीन सोने के ईटीएफ सुझाए: निप्पॉन इंडिया ईटीएफ गोल्ड बीईएस; आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल गोल्ड ईटीएफ; और एचडीएफसी गोल्ड ईटीएफ।
चांदी के ईटीएफ के लिए उनकी सिफारिशें हैं: एबीएसएल सिल्वर ईटीएफ; आईसीआईसीआई सिल्वर ईटीएफ; और कोटक सिल्वर ईटीएफ।
सोने-चांदी के म्यूचुअल फंड के लिए उन्होंने इन फंडों को खरीदने की सलाह दी: आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल रेगुलर गोल्ड सेविंग्स फंड (एफओएफ); एचडीएफसी गोल्ड ईटीएफ एफओएफ; आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ईटीएफ एफओएफ; निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ एफओएफ; और मोतीलाल ओसवाल गोल्ड एंड सिल्वर पैसिव एफओएफ।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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