
अपनी कमाई कहां इन्वेस्ट कर रहा Gen Z, किस पर कर रहा अधिक भरोसा
Gen Z Investment: 1997 से 2012 के बीच पैदा हुए जेन-जी निवेशक अब बचत ही नहीं, बल्कि स्मार्ट निवेश भी कर रहे हैं। ये निवेशक तकनीक का सहारा लेकर म्यूचुअल फंड और इक्विटी में पैसा लगा रहे हैं। यह बदलाव सिर्फ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे शहरों के युवा भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
नवीन कुमार पांडेय
भारतीय शेयर मार्केट में अब युवाओं ने अपनी पैठ बना ली है। 1997 से 2012 के बीच पैदा हुए 'जेन-जी' निवेशक अब बचत ही नहीं, बल्कि स्मार्ट निवेश भी कर रहे हैं। ये निवेशक तकनीक का सहारा लेकर म्यूचुअल फंड और इक्विटी में पैसा लगा रहे हैं। खास बात यह है कि यह बदलाव सिर्फ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे शहरों के युवा भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
फिनटेक प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती ताकत
आज के दौर में युवा निवेशक पारंपरिक एजेंटों के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, अक्तूबर 2025 में हुए नए एसआईपी रजिस्ट्रेशन में से 8 रजिस्ट्रेशन फिनटेक ऐप्स के जरिए हुए। इसके अलावा, एसआईपी कलेक्ट करने वाले टॉप-50 संस्थानों में 14 केवल फिनटेक प्लेटफॉर्म हैं। यह दिखाता है कि निवेश अब मोबाइल ऐप के जरिए कितना आसान हो गया है।
शेयर बाजार में युवाओं की बढ़ती हिस्सेदारी
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़े बताते हैं कि बाजार में युवाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। मार्च 2019 में 30 साल से कम उम्र के निवेशक केवल 22.6% थे, जो अब बढ़कर लगभग 38% हो गए हैं। फोनपे वेल्थ की रिपोर्ट भी कुछ ऐसा ही इशारा करती है। उनके म्यूचुअल फंड निवेशकों में लगभग 48% लोग 30 साल से कम उम्र के हैं।
इक्विटी और बड़े जोखिम की ओर झुकाव
जेन जेड या जेन-जी निवेशक जोखिम लेने से पीछे नहीं हट रहे हैं। लगभग 95% युवा निवेशक अपनी निवेश यात्रा की शुरुआत इक्विटी वाले म्यूचुअल फंड से करते हैं। कोरोना महामारी के बाद बाजार में आई तेजी ने युवाओं का भरोसा बढ़ाया है। इसी वजह से वे अब इंडेक्स फंड और ईटीएफ जैसे लंबी अवधि के विकल्पों को ज्यादा चुन रहे हैं।
एसआईपी को दी जा रही है प्राथमिकता
निवेश के मामले में युवा निवेशक एसआईपी यानी हर महीने छोटी रकम जमा करने को सबसे बेहतर मानते हैं। कैम्स के डेटा के अनुसार, 57% जेन-जी निवेशक एसआईपी का रास्ता चुनते हैं। वहीं फोनपे वेल्थ के प्लेटफॉर्म पर तो यह आंकड़ा 90% से भी ज्यादा है। वे एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय किस्तों में निवेश करना सुरक्षित समझते हैं।
छोटे शहरों के स्मार्ट युवा निवेशक
यह सोचना गलत है कि निवेश केवल बड़े शहरों तक सीमित है। शेयर डॉट मार्केट के अध्ययन में पाया गया कि 81% युवा निवेशक देश के टॉप 30 शहरों से बाहर के हैं। इनमें जोधपुर, रायपुर और विशाखापत्तनम जैसे शहरों के नाम शामिल हैं। ये युवा खुद अपनी रिसर्च करते हैं और 'डू-इट-योरसेल्फ' मॉडल पर भरोसा करते हुए कम लागत वाले निवेश विकल्प तलाश रहे हैं।

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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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