
एटीएम से कब निकाल पाएंगे पीएफ का पैसा, आज EPFO बोर्ड की बैठक में मिलेगा जवाब
डिजिटल सेवाओं को सरल और आधुनिक बनाना है, जिससे करीब आठ करोड़ ईपीएफओ सदस्यों के लिए निकासी, फंड स्थानांतरण और दावों निस्तारण जैसी प्रक्रियाएं तेज होगी। साथ ही, ईपीएफओ की अन्य सेवाओं को भी सदस्यों की जरूरतों के अनुकूल बनाया जाएगा।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन () अगले वर्ष की शुरुआत से अपने सदस्यों को एटीएम के जरिए अंशदान निकासी की सुविधा देने जा रहा है। इस सुविधा को शुरू करने के लिए मौजूदा सिस्टम को अपग्रेड कर नया आईटी सिस्टम 3.0 लाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। सोमवार यानी आज होने वाली ईपीएफओ से केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की बैठक में इसे मंजूरी मिल सकती है।

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय चाहता है कि जनवरी 2026 से ईपीएफओ में यह सुविधा अनिवार्य तौर पर लागू हो जाए। इसके चलते केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की बैठक में 3.0 सिस्टम को लागू कराने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस अपग्रेड का उद्देश्य ईपीएफओ की डिजिटल सेवाओं को सरल और आधुनिक बनाना है, जिससे करीब आठ करोड़ ईपीएफओ सदस्यों के लिए निकासी, फंड स्थानांतरण और दावों निस्तारण जैसी प्रक्रियाएं तेज होगी। साथ ही, ईपीएफओ की अन्य सेवाओं को भी सदस्यों की जरूरतों के अनुकूल बनाया जाएगा।
बैंकिंग जैसी सुविधाएं मिलेंगी
ध्यान रहे कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय बीते वर्ष से ईपीएफओ 3.0 पर काम कर रहा है, जिस अब तक लागू किया जाना था, लेकिन कई तकनीकी कारणों के चलते काम में देरी हुई। ऐसे में अब मंत्रालय चाहता है कि काम तय समय सीमा के अंदर पूरा हो।
नया सिस्टम लागू होने के बाद ईपीएफओ बैंकिंग सिस्टम की तर्ज पर काम करने लगेगा। आपात स्थिति में आवश्यकता होने पर सदस्य एक निर्धारित धनराशि की निकासी कर पाएंगे। इसके जरिए ईपीएफओ ऐप के जरिए भी सदस्यों को बैंकिंग जैसी सेवाएं प्रदान करेगा।
बैठक में अन्य मुद्दों पर भी होगी चर्चा
चर्चा है कि बैठक में 11 वर्ष के बाद न्यूनतम पेंशन को बढ़ाने का फैसला लिया जा सकता है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि अभी तक पेंशन बढ़ोतरी का मुद्दा बैठक से जुड़े एजेंडे में शामिल नहीं है। क्योंकि, सरकार सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर अलग से यूनिवर्सल पेंशन स्कीम लाने की दिशा में काम कर रही है, जिसमें सदस्य अपनी इच्छा के हिसाब से योगदान करके पेंशन को बढ़ा सकते हैं।
इसलिए ऐसी संभावना बेहद कम दिखाई देती है कि न्यूनतम पेंशन बढ़ाने को लेकर कोई फैसला लिया जाए। हालांकि, ऐन मौके पर भी कई बार कुछ मुद्दों को एजेंडे में शामिल किया जाता है।
बैठक में ईपीएफओ से जुड़े रिजर्व फंड की निकासी और उसके इस्तेमाल को लेकर भी फैसला लिया जा सकता है। वहीं, एक अगस्त से शुरू की गई ईपीएफओ रोजगार प्रोत्साहन योजना (ईएलआई) से जुड़े कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी।
ये सुविधाएं मिलेगी
- आवश्यकता की स्थिति में सदस्यों को एक निश्चित सीमा तक बिना किसी पूर्व अनुमति के फंड निकासी की सुविधा दी जाएगी, जिसे सदस्य एटीएम से निकाल सकेंगे।
- नया सिस्टम को बैंकिंग प्रणाली पर तैयार होगा, जिससे निकासी होने पर पीएफ खाता स्वचालित तरीके से रियल टाइम में अपडेट हो जाएगा।
- सदस्य के निकासी दावे का पूरा स्टेटस ऑनलाइन दिखेगा। दवां कहां अटका है और कब निपटेगा, पता चल सकेगा।
- नौकरी बदलने पर आपका पीएफ खाता अपने आप नए नियोक्ता के खाते में स्वचालित रूप से ट्रांसफर हो जाएगा।
- आधार और केवाईसी की प्रक्रिया को तेज और आसान बनाया जाएगा। पीएफ खाते में किसी भी सुधार या अपडेट को ऑनलाइन कर सकेंगे।
- खाते में लॉगिन या बदलाव के लिए चेहरे से पहचान या एक-बार के पासवर्ड (ओटीपी) का उपयोग होगा, जिससे धोखाधड़ी कम होगी।
- सदस्य की मृत्यु की स्थिति में दावा के आसानी और जल्दी निपटाया जा सकेगा। नाबालिगों के लिए अभिभावक प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं होगी।



