पीएम किसान की 23वीं किस्त कब आएगी? 22वीं अबतक नहीं मिली तो क्या करें?
PM Kisan 23rd Installments: पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त अब तक 9.46 करोड़ किसानों के खातों में पहुंच चुकी है। अब किसानों को 23वीं किस्त का इंतजार है। जिन किसानों को 22वीं किस्त अटकी है, वो क्या करें?

PM Kisan 23rd Installments: पीएम किसान की 23वीं किस्त कब आएगी? यह सवाल करोड़ों किसानों के मन में होंगे, लेकिन बहुत से किसानों के सवाल अभी ये हैं कि उनकी 22वीं किस्त क्यों नहीं आई। 13 मार्च 2026 को पीएम मोदी ने 22वीं किस्त जारी किया था। इस बात को एक महीने बीत चुके हैं। ऐसे में जिन किसानों की 22वीं किस्त नहीं मिली है, वो अपने जिले के नोडल अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। उससे पहले आप 22वीं किस्त से जुड़े सभी लेटेस्ट अपडेट आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in पर देख सकते हैं। यहां आपको पता चल जाएगा कि आपका पैसा कहां अटका हुआ है। इसके लिए आपको नीचे दिए स्टेप्स को फॉलो करते जाना है...
स्टेप-1: पीएम किसान सम्मान निधि की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर जाएं और Benificiary List को टैप करें।
स्टेप-2: एक नया पेज खुलेगा जिसमें Benificiary List लिखा होगा। यहां आप राज्य, जिला, तहसील भरें। ब्लॉक और गांव चुनें। इसके बाद Get Report पर टैप करें। आपके सामने पूरे गांव की सबसे ताजी लिस्ट खुल जाएगी।
अगर इसके बावजूद आपको दिक्कत आ रही है तो आप पीएम किसान पोर्टल के होम पेज पर जाएं और दाएं साइड बने बॉक्स में से Search your Point of Contact (POC) पर क्लिक करें।
यहां एक पेज खुलेगा, जिसमें लिखा होगा State Nodal Contact Detail, अगर स्टेट नोडल का का नाम पता और नंबर चाहिए तो सर्च स्टेट नोडल पर क्लिक करें और जिले के अधिकारियों से संपर्क करना हो तो Search district Nodal पर।
इस टैब में आप अपना स्टेट सलेक्ट करें और इसके बाद डिस्ट्रिक्ट। मान लीजिए स्टेट में आपने उत्तर प्रदेश चुना है और डिस्ट्रिक्ट में लखनऊ और जैसे ही आप Search पर क्लिक करते हैं। आपके सामने एक लिस्ट दिखाई देगी।
कब आएगी 23वीं किस्त
पीएम किसान की 23वीं किस्त के बारे में अभी सरकार ने कोई डेट तो तय नहीं की है, लेकिन अप्रैल से जुलाई के बीच 23वीं किस्त के 2000-2000 रुपये किसानों के खाते में पहुंच जाएंगे।
कब शुरू हुई थी पीएम किसान सम्मान निधि योजना
इस योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने साल 2019 में की थी। इस योजना के तहत, पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये तीन बराबर किस्तों में मिलते हैं। हर किस्त के रूप में किसानों को 2,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है।
किन लोगों की रुकी है 22वीं किस्त
बता दें कुछ मामलों में 22वीं किस्त रोक दी गई है। ये वे किसान हैं, जो योजना के 'exclusion criteria' में आते हैं, यानी ऐसे किसान लाभार्थी सूची से बाहर हो जाते हैं, जैसे, वे किसान जिन्होंने 1 फरवरी, 2019 के बाद जमीन खरीदी है और एक से अधिक परिवार के सदस्य (जैसे पति-पत्नी दोनों, या वयस्क और नाबालिग सदस्य) योजना के लाभ के लिए रजिस्टर्ड हैं।
ऐसे मामलों में किस्त तब तक रोक दी जाती है, जब तक फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा नहीं हो जाता। पोर्टल के जरिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी पात्रता की स्थिति आधिकारिक वेबसाइट या 'किसान ई-मित्र' चैटबॉट पर जाकर जांचें।
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


