काम की बात: PM Kisan Yojana: पीएम किसान की 23वीं किस्त कब आएगी? अगर ये नहीं किया तो वह भी नहीं मिलेगी
मुख्य बातें
- PM Kisan 23rd Installment Update: पिछली बार अप्रैल-जुलाई की किस्त बहुत लेट मिली थी
- 2 अगस्त 2025 को पीएम नरेंद्र मोदी ने इसी वाराणसी से जारी की थी
- इस बार अगर 23वीं किस्त अगर जल्दी मिल जाती तो करोड़ों किसानों का भला हो जाता

PM Kisan 23rd Installment Update: मानसून से पहले की बारिश ने धान की खेती करने वालों को व्यस्त कर दिया है। किसान इस समय धान की नर्सरी तैयार करने में बिजी हैं और अगले कुछ ही दिनों में उन्हें धान की रोपाई करने पड़ेंगे। ऐसे में उन्हें पीएम किसान की 23वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है। उनके मन में एक ही सवाल है कि पीएम किसान की 23वीं किस्त कब आएगी?
पीएम किसान की 23वीं किस्त को लेकर सरकार की तरफ से अभी तक कोई डेट तय नहीं की गई है। पिछली बार अप्रैल-जुलाई की किस्त बहुत लेट मिली थी। 2 अगस्त 2025 को पीएम नरेंद्र मोदी ने इसी वाराणसी से जारी की थी।
कब जारी हुई थी 22वीं किस्त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 मार्च 2026 को असम के गुवाहाटी से PM-KISAN की 22वीं किस्त जारी की थी। इस दौरान करीब 9.3 करोड़ किसानों के खातों में सीधे DBT के माध्यम से राशि भेजी गई थी।
बता दें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत करोड़ों किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता 2000-2000 की तीन किस्तों में दी जाती है। हर वित्तवर्ष में अप्रैल से जुलाई, अगस्त से नवंबर और दिसंबर से मार्च के बीच किसानों के खाते में डायरेक्ट पैसे भेजे जाते हैं।
किन किसानों की किस्त रोकी गई है?
हालांकि, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने कुछ ऐसे मामलों की पहचान की है, जिनमें लाभार्थियों की पात्रता पर संदेह है। ऐसे किसानों की अगली किस्त फिलहाल रोक दी गई है और उनका भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। विभाग के अनुसार निम्नलिखित मामलों में लाभ अस्थायी रूप से रोका गया है।
1 फरवरी 2019 के बाद जमीन खरीदने वाले किसान: यदि किसी किसान ने 1 फरवरी 2019 के बाद कृषि भूमि खरीदी है और योजना की पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करता है, तो उसका मामला जांच के दायरे में आ सकता है।
पति-पत्नी दोनों ले रहे हैं लाभ: PM-KISAN के नियमों के अनुसार एक परिवार से केवल एक पात्र सदस्य को लाभ मिल सकता है। ऐसे में अगर पति और पत्नी दोनों लाभ ले रहे हैं, माता-पिता और अविवाहित बच्चे दोनों लाभ ले रहे हैं, परिवार के एक से अधिक सदस्य योजना का लाभ उठा रहे हैं, तो उनकी किस्त रोकी जा सकती है।
क्या करें किसान?
पीएम किसान पोर्टल के जरिए सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे अपना स्टेटस तुरंत चेक करें। इसके लिए किसान PM-KISAN पोर्टल पर "Know Your Status" सुविधा का उपयोग कर सकते हैं। PM-KISAN मोबाइल ऐप पर स्टेटस देख सकते हैं या फिर किसान eMitra चैटबॉट के जरिए जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
e-KYC कराना जरूरी: सरकार ने स्पष्ट किया है कि PM-KISAN के सभी रजिस्टर्ड किसानों के लिए e-KYC जरूरी है।
e-KYC कैसे करें: ई-केवाईसी के लिए आप PM-KISAN पोर्टल पर OTP आधारित e-KYC करें। इसके अलावा नजदीकी CSC सेंटर पर बायोमेट्रिक e-KYC कर सकते हैं। अगर e-KYC पूरी नहीं हुई है तो अगली किस्त अटक सकती है।
23वीं किस्त पाने के लिए क्या करें?
e-KYC तुरंत पूरा करें। आधार और बैंक खाते की जानकारी अपडेट रखें। PM-KISAN पोर्टल पर स्टेटस चेक करें। अगर सत्यापन लंबित है तो स्थानीय कृषि विभाग से संपर्क करें। साथ ही परिवार में किसी अन्य सदस्य के नाम पर लाभ लिया जा रहा है या नहीं, इसकी जांच करें।
किसानों के लिए बेहद जरूरी सलाह
अगर आपके खाते में पिछली किस्त आई थी लेकिन इस बार स्टेटस में "Withheld", "Under Verification" या "Eligibility Under Review" दिख रहा है, तो जल्द से जल्द जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर लें। ऐसा नहीं करने पर अगली किस्त मिलने में देरी हो सकती है।
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


