
निर्मला सीतारमण के बजट ने शेयर बाजार को कब-कब और कितना किया प्रभावित
Budget Impacts on Stock Market: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश किया। वित्त मंत्री के बजट भाषणों के दौरान बाजार का प्रदर्शन कैसा रहा है। यहां 2026 का बजट दिन सबसे अधिक गिरावट वाले दिनों में से एक रहा। बाजार के हिसाब से 2021 का बजट अब तक का सबसे सफल रहा।
Budget Impacts on Stock Market: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश किया। वित्त मंत्री के बजट भाषणों के दौरान बाजार का प्रदर्शन कैसा रहा है। यहां 2026 का बजट दिन सबसे अधिक गिरावट वाले दिनों में से एक रहा। बाजार के हिसाब से 2021 का बजट अब तक का सबसे सफल रहा।
- 2026 यानी इस साल सेंसेक्स 1,546 अंक (-1.88%) और निफ्टी 495 (-1.98%) अंक लुढ़क गया। डेरिवेटिव्स पर एसटीटी बढ़ाने की घोषणा से भारी बिकवाली।
- 2025 में सेंसेक्स महज 5.39 (+0.01%) अंक चढ़ा और निफ्टी 26.25 (-0.11%) अंक गिरकर बंद हुआ। बाजार लगभग स्थिर और सतर्क रहा।
- 2024 (पूर्ण बजट) में सेंसेक्स 73.00 (-0.09%) अंक और निफ्टी 30.00 (-0.12%) अंक टूटकर बंद हुआ। वजह बना एलटीसीजी और एसटीसीजी टैक्स में बढ़ोतरी।
- 2024 (अंतरिम बजट) में सेंसेक्स 106.81 (-0.15%) अंक और निफ्टी 28.25 (-0.13%) अंक टूटकर बंद हुआ था। चुनावी वर्ष के कारण कोई बड़ी घोषणा न होने से सुस्ती।
- 2023 में सेंसेक्स 158.18 (+0.27%) अंक चढ़ा और निफ्टी 45.85 (-0.26%) अंक टूटा। इंट्रा-डे में 1,000 अंक उछलने के बाद घोषणा न होने से सुस्ती।
- 2022 में सेंसेक्स 849.40 (+1.46%) अंक उछला और निफ्टी ने 237.10 (+1.37%) अंकों की उड़ान भरी। इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल मुद्रा घोषणाओं सकारात्मक स्वागत।
- 2021 में सेंसेक्स 2,314.84 (+5.00%) और निफ्टी 646.60 (+4.74%) अंक उछला। पिछले 20 वर्षों में सबसे शानदार बजट डे।
- 2020 में सेंसेक्स 987.96 (-2.43%) और निफ्टी 318.30 (-2.66%) अंक लुढ़का। नए टैक्स स्लैब में राहत की कमी से बड़ी गिरावट।
- 2019 (पूर्ण) में सेंसेक्स 394.67 (-0.99%) अंक और निफ्टी 135.60 (-1.14%) अंक टूटा। अमीरों पर टैक्स और सार्वजनिक शेयरधारिता नियमों से नाराजगी।
इस बार एसटीटी ले डूबा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट में वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) खंड में अत्यधिक सट्टेबाजी रोकने के लिए डेरिवेटिव्स पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। वायदा अनुबंधों पर एसटीटी को वर्तमान के 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत किया जाएगा। इसके साथ ही विकल्प सौदों में प्रीमियम और विकल्प के उपयोग पर एसटीटी को बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत किया जाएगा जो वर्तमान में क्रमशः 0.1 और 0.125 प्रतिशत है।
शेयर बाजार को यह घोषणा पसंद नहीं आई
शेयर बाजार को यह घोषणा पसंद नहीं आई। यह घोषणा होते ही बीएसई सेंसेक्स 2,370.36 अंक यानी 2.88 प्रतिशत टूटकर 79,899.42 अंक पर आ गया जबकि एनएसई निफ्टी 748.9 अंक यानी 2.95 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 24,571.75 अंक पर आ गया। हालांकि, बाद में बाजार इस बड़ी गिरावट से थोड़ा उबरने में सफल रहा, लेकिन अंत में सेंसेक्स 1546 अंक और निफ्टी 391 अंक की गिरावट के साथ बंद हुए।
क्या है एसटीटी
यह एक प्रत्यक्ष कर है, जो स्टॉक एक्सचेंजों पर होने वाले लेन-देन पर लगाया जाता है. एसटीटी की शुरुआत एक अक्टूबर 2004 को की गई थी। यह कर हर उस सौदे पर लगता है, जिसमें इक्विटी शेयर, इक्विटी म्यूचुअल फंड, फ्यूचर्स और ऑप्शंस की खरीद-बिक्री होती है। एसटीटी मुनाफा या नुकसान देखे बिना हर लेन-देन पर वसूला जाता है।





