काम की बात: LPG सिलेंडर के लिए 30 और 90 दिन के नए नियम क्या हैं? यह किन पर हो रहा लागू?
मुख्य बातें
- ताजा नियम 30 दिन से 90 दिन की एलपीजी-पीएनजी कनेक्शन प्रोटोकॉल से जुड़े हैं
- सरकार और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 'एक घर, एक गैस कनेक्शन' की नीति पर जोर दिया है
- सरकार ने शुरुआती नियमों में एलपीजी रिफिल के लिए 25 दिन और 45 दिन का नियम जारी किया था

हाल के महीनों में गैस सिलेंडर बुकिंग को लेकर कई बड़े बदलाव हुए हैं। अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध के दौरान एलपीजी को लेकर ढेरों नए नियम लागू किए गए हैं। इनमें 25 दिन और 45 दिन की बुकिंग अवधि के नियम भी शामिल हैं, जबकि ताजा नियम 30 दिन से 90 दिन की एलपीजी-पीएनजी कनेक्शन प्रोटोकॉल से जुड़े हैं।
इन नियमों का मुख्य उद्देश्य एलपीजी पर निर्भरता कम करना, सप्लाई संकट से निपटना और कालाबाजारी पर रोक लगाना है। सरकार और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 'एक घर, एक गैस कनेक्शन' की नीति पर जोर दिया है, जिसे 'कोई डबल कनेक्शन नहीं' के नाम से भी जाना जाता है।
30 दिन का नया नियम क्या है
यह नियम एलपीजी और पीएनजी दोनों तरह के ग्राहकों पर लागू होता है। 25 मई, 2026 को सरकार ने लिक्विफायड पेट्रोलियम गैस (LPG) के लिए नियम को संशोधित किया। इसके तहत, मोदी सरकार भारतीय घरेलू उपभोक्ताओं को अपने एलपीजी कनेक्शन समाप्त करने के लिए 30 दिन का समय देती है, चाहे वे इंडेन गैस, एचपी गैस या भारत गैस के ग्राहक हों।
नियम के अनुसार, "उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन लेने के 30 दिनों के भीतर एलपीजी कनेक्शन बंद करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।" उदाहरण के लिए, अगर आपको 23 जून, 2026 को पीएनजी कनेक्शन मिलता है, तो आपके पास अपने एलपीजी कनेक्शन को हटाने के लिए ठीक 30 दिन होंगे और इस उदाहरण में अंतिम तिथि 23 जुलाई, 2026 होगी।
90 दिन के नियम को लेकर भ्रम
90 दिन के नियम को लेकर काफी भ्रम की स्थिति है। दरअसल, 24 मार्च को सरकार ने घोषणा की थी कि जिन सभी एलपीजी ग्राहकों के क्षेत्र में पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है, उन्हें पीएनजी कनेक्शन पर स्विच करना होगा। इन ग्राहकों को पीएनजी पर स्विच करने के लिए तीन महीने की समय सीमा दी गई थी।
ऐसा न करने पर उनके कनेक्शन सस्पेंड किए जाने की बात कही गई थी। कई रिपोर्टों में दावा किया गया कि यह डेडलाइन 22 जून को समाप्त हो गई, लेकिन अगर आदेश की तारीख को देखें तो यह 24 जून या 30 जून तक हो सकती है। बता दें सरकार ने एलपीजी निलंबन के लिए कोई निश्चित अंतिम तारीख तय नहीं की है। साथ ही, 25 मई का नया आदेश इस नियम का विस्तार है और राहत भी प्रदान करता है।
गैस सिलेंडर बुकिंग के 25 दिन और 45 दिन के नियम
सरकार ने शुरुआती नियमों में एलपीजी रिफिल के लिए 25 दिन और 45 दिन का नियम जारी किया था। 25 दिन का नियम शहरी क्षेत्रों के ग्राहकों पर लागू होता है, जबकि 45 दिन का नियम ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहकों के लिए है। इसका मतलब है कि आपको अपनी एलपीजी रिफिल के लिए इस अवधि का इंतजार करना होगा। पहले बुकिंग अंतराल 21 दिन का हुआ करता था।
क्या कटने के बाद दोबारा कनेक्शन लिया जा सकता है?
25 मई को तेल मंत्रालय ने कहा, "उपभोक्ता गैर-पीएनजी क्षेत्र में एलपीजी कनेक्शन की भविष्य में बहाली के लिए ट्रांसफर वाउचर प्राप्त कर सकते हैं।" यह संशोधन उन उपभोक्ताओं को महत्वपूर्ण राहत देता है, जो बाद में ऐसे क्षेत्रों में ट्रांसफार हो सकते हैं, जहां पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर संभव नहीं हो सकता है।
यह प्रावधान विशेष रूप से ट्रांसफार वाले कर्मचारियों, प्रवासी परिवारों, किराएदारों, छात्रों और गैर-पीएनजी क्षेत्रों में जाने वाले परिवारों के लिए फायदेमंद है। इसका सीधा मतलब है कि आदेश या डेडलाइन की परवाह किए बिना, आपके पास अपने एलपीजी को दोबारा जोड़ने का विकल्प मौजूद है।
इंडेन गैस कनेक्शन कैसे फिर से एक्टिव करें?
सबसे पहले, अपने नए स्थान पर इंडेन गैस वितरक के पास जाएं। इसके बाद, मूल ट्रांसफर वाउचर, आधार कार्ड, एड्रेस प्रूफ, गैस वाली कॉपी या सब्सक्रिप्शन वाउचर और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे दस्तावेज जमा करें। फिर ट्रांसफर या रि-एक्टिवेशन फॉर्म भरें। वितरक आपके दस्तावेजों की पुष्टि करने के बाद नया कंज्यूमर नंबर जारी करेगा या मौजूदा नंबर को एक्टिव कर देगा। एक्टिवेशन के बाद अपनी पहली रिफिल बुक करें।
भारत गैस और एचपी गैस कनेक्शन कैसे पुनः सक्रिय करें?
भारत गैस और एचपी गैस के लिए भी प्रक्रिया लगभग इंडेन गैस के समान ही है। अपने नजदीकी भारत गैस या एचपी गैस वितरक के पास ट्रांसफर वाउचर के साथ जाएं, केवाईसी दस्तावेज और पता प्रमाण जमा करें। इंडेन के लिए ऊपर दिए गए सभी डॉक्यूमेंट्स को जमा करें।
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


