शेयर मार्केट में तेजी के पीछे काैन से वो 5 कारण हैं, जिससे सेंसेक्स ने 800 अंकों की लगाई छलांग
Stock Market Updates: सेंसेक्स 800 से अधिक अंकों की तेजी के साथ 85272 के स्तर को टच कर चुका है। वहीं, निफ्टी 50 ने 188.60 अंकों (0.73%) की बढ़त के साथ 26,057.20 पर शुरुआत की और 26099 तक पहुंचा। आइए जानें इस तेजी के पीछे क्या वजह हैं…
Stock Market Updates: भारतीय शेयर मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50 ने गुरुवार को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। यह उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही भारत और अमेरिका के बीच एक व्यापार समझौता हो सकता है, जिसके चलते बाजार में यह तेजी देखने को मिल रही है। हालांकि, एशियाई बाजारों में कमजोरी थी और अमेरिकी बाजार में भी गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन घरेलू बाजार में हर तरफ खरीदारी देखी गई।

सेंसेक्स और निफ्टी कहां पहुंचे?
सेंसेक्स 800 से अधिक अंकों की तेजी के साथ 85272 के स्तर को टच कर चुका है। वहीं, निफ्टी 50 ने 188.60 अंकों (0.73%) की बढ़त के साथ 26,057.20 पर शुरुआत की और 26099 तक पहुंचा। दूसरी ओर स्मॉल और मिड कैप शेयरों के बाजार में मिला-जुला रुख देखा गया। बैंक निफ्टी 0.5% की बढ़त के साथ 58,200 के स्तर से ऊपर पहुंच गया।
कौन से सेक्टर चमके, कौन से डूबे: आईटी, प्राइवेट बैंक, FMCG और मेटल कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखी गई। वहीं, रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों में गिरावट रही।
तेजी के 5 कारण
कारण 1: भारत-अमेरिका ट्रेड डील की अटकलें
बाजार में इस बात की चर्चा तेज है कि भारत और अमेरिका जल्द ही एक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सौदे से अमेरिका को निर्यात पर लगने वाला वर्तमान टैरिफ 50% से घटकर 15-16% हो सकता है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए एक बहुत बड़ा सकारात्मक कदम माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि इस सौदे में भारत, रूस से तेल आयात धीरे-धीरे कम करने पर सहमत हो सकता है।
कारण 2: कंपनियों के नतीजों ने बढ़ाया उत्साह
रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे बड़े शेयरों के बेहतर नतीजों ने निवेशकों का मनोबल बढ़ाया है। विश्लेषकों का मानना है कि कंपनियों की कमाई में सुधार की राह शुरू हो गई है। बैंकों और एनर्जी क्षेत्र में सुधार की उम्मीद से अगले कुछ सालों में मुनाफे में 15% की बढ़ोतरी की संभावना है।
कारण 3: बड़े शेयरों ने बढ़ाई रफ्तार
बाजार के बड़े शेयरों, खासकर आईटी कंपनियों में तेजी ने निफ्टी को 26,000 और सेंसेक्स को 85,000 के स्तर से ऊपर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। इन्फोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, टीसीएस, टेक महिंद्रा और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे शेयरों में एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।
कारण 4: विदेशी निवेशक बने खरीदार
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार पांचवें दिन भी शेयरों की खरीदारी करते नजर आए। 21 अक्टूबर को उन्होंने 96.72 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) उस दिन शेयर बेचने वालों की तरफ थे और उन्होंने 607 करोड़ रुपये से अधिक की शेयर बिकवाली की।
कारण 5: शॉर्ट-कवरिंग से मिली मदद
हाल के दिनों के कंसॉलिडेशन के बाद बाजार में एक 'शॉर्ट-कवरिंग' की रैली देखी जा रही है। इसका मतलब है कि जिन निवेशकों ने यह उम्मीद करते हुए शेयर बेचे थे कि बाजार गिरेगा, अब वे तेजी देखकर अपनी पोजीशन बंद कर रहे हैं। इससे बाजार को और ऊपर जाने का रास्ता मिल रहा है। भारत-अमेरिका व्यापार सौदे की अटकलों के बीच टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों में खासी खरीदारी देखी जा सकती है।
आगे का रास्ता और सलाह
तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, बाजार का रुख अभी बुलिश बना हुआ है। हालांकि, बढ़ते उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि गिरावट पर खरीदारी (बाई-ऑन-डिप्स) का रुख अपनाना चाहिए। अगर निफ्टी 26,200 के स्तर से ऊपर टिका रहता है, तो नई लंबी पोजीशन (खरीदारी) बनाई जा सकती है। मुनाफा कमाने का मौका मिलने पर कुछ हिस्से की बिकवाली और स्टॉप-लॉस का इस्तेमाल करना जोखिम कम करने में मददगार होगा।





