आज शेयर मार्केट क्रैश होने के क्या हैं 5 कारण? अभी एक दिन पहले आई थी तूफानी तेजी

Apr 09, 2026 11:32 am ISTDrigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
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Why Stock Market Crash Today: सीजफायर पर संशय के बादल घिरने समेत शेयर बाजार फिलहाल कई जोखिमों से घिरा हुआ है, जैसे जियो-पॉलिटिकल टेंशन, महंगाई और विदेशी निवेशकों की बिकवाली। अगर हालात सुधरते हैं तो बाजार में रिकवरी आ सकती है।

आज शेयर मार्केट क्रैश होने के क्या हैं 5 कारण? अभी एक दिन पहले आई थी तूफानी तेजी

Why Stock Market Crash Today:अभी एक दिन पहले ही शेयर मार्केट में तूफानी तेजी थी। निवेशकों के चेहरों पर मुस्कान थी और सेंसेक्स-निफ्टी बंपर बढ़त के साथ बंद हुए थे, लेकिन आज तस्वीर बिल्कुल इसके उलट है। आज गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 को भारतीय शेयर बाजार दबाव में नजर आ रहा है। निफ्टी 50 इंडेक्स करीब 238 अंकों की गिरावट के साथ 23,759 तक फिसल गया, जबकि सेंसेक्स लगभग 938 अंक टूटकर 76,624 के स्तर तक पहुंच गया। बैंक निफ्टी में भी कमजोरी रही।

इस गिरावट के चलते कुछ ही घंटों में निवेशकों की करीब ₹1.5 लाख करोड़ की संपत्ति कम हो गई, जिससे बाजार में घबराहट का माहौल बन गया। आखिर एक ही दिन में ऐसा क्या हो गया कि बाजार लड़खड़ा रहा है? आइए मार्केट में आई इस गिरावट की वजह समझते हैं...

आज भारतीय शेयर बाज़ार क्यों गिर रहा है?

पहला कारण: ग्लोबल संकेत कमजोर, बाजार पर दबाव

शेयर मार्केट में आज की गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण कमजोर ग्लोबल संकेत हैं। सीजफायर पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं। इजरायल के ताजा हमलों के बाद अमेरिका-ईरान सीजफायर को लेकर उम्मीदें कमजोर पड़ गई हैं, जिससे ग्लोबल मार्केट्स में अनिश्चितता बढ़ गई है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है।

A man takes pictures of an electronic quotation board displaying the Nikkei 225 stock prices on the Tokyo Stock Exchange in Tokyo (Photo by Philip FONG / AFP)

दूसरा कारण: तेल की कीमतों से बढ़ा महंगाई का डर

कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर से आई तेजी ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है, जिससे कंपनियों की लागत बढ़ती है और मुनाफे पर असर पड़ता है। इसके साथ ही, केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकते हैं, जो इक्विटी बाजार के लिए नकारात्मक संकेत होता है। होर्मुज स्ट्रेट में अनिश्चितता के चलते वैश्विक सप्लाई चेन पर खतरा बना हुआ है। यह रूट दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है। अगर यहां बाधा आती है, तो ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे बाजार में और अस्थिरता बढ़ सकती है।

Crude Oil

तीसरा कारण: एशियाई बाजारों में भी कमजोरी

ग्लोबल दबाव का असर एशियाई बाजारों पर भी साफ दिखा। जापान, चीन, हांगकांग और दक्षिण कोरिया के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए।इन कमजोर संकेतों ने भारतीय बाजार की शुरुआत को और प्रभावित किया।

चौथा कारण: विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। ग्लोबल रिस्क, बढ़ती महंगाई और मजबूत डॉलर के चलते विदेशी निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है।

FPI

पांचवां कारण: औद्योगिक मांग पर भी असर की आशंका

ऊर्जा संकट के कारण गैस सप्लाई पर असर पड़ सकता है, जिससे उद्योगों की लागत बढ़ेगी और उत्पादन घट सकता है। इसका सीधा असर मांग और आर्थिक विकास पर पड़ेगा, जो शेयर बाजार के लिए नकारात्मक संकेत है।

निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?

शेयर मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा गिरावट अस्थायी हो सकती है, लेकिन जब तक जियो-पॉलिटिकल स्थिति और तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहकर निवेश करना चाहिए और जल्दबाजी से बचना चाहिए।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें

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