LPG सिलेंडर के क्या हैं आज के रेट? ईरान-इजरायल युद्ध की आग किचन तक पहुंची
मुख्य बातें
- LPG Price Today: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बाद से ग्लोबल ऑयल मार्केट में उथल-पुथल बढ़ गई है, जिसका असर रसोई गैस (LPG) की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है
- युद्ध की आग किचन तक पहुंच गई है
- सप्लाई पर असर इस कदर पड़ा है कि स्ट्रीट से लेकर बड़े-बड़े रेस्टोरेंट के चूल्हे बुझ गए हैं

LPG Price Today: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बाद से ग्लोबल ऑयल मार्केट में उथल-पुथल बढ़ गई है, जिसका असर रसोई गैस (LPG) की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। युद्ध की आग किचन तक पहुंच गई है। सिलेंडर की सप्लाई का असर इस कदर पड़ा है कि स्ट्रीट से लेकर बड़े-बड़े रेस्टोरेंट के चूल्हे बुझ गए हैं। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण 7 मार्च को भारत में LPG सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए।
नई दिल्ली में घरेलू 14.2 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर की कीमत ₹913 हो गई है, जो पिछले महीने ₹853 थी। यानी मार्च 2026 में ही सिलेंडर की कीमत में ₹60 की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
होर्मुज स्ट्रेट में संकट से बढ़ी कीमतें
दुनिया के लगभग 20% तेल की सप्लाई जिस रास्ते से गुजरती है, उस होर्मुज में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इसी कारण LPG की कीमतों पर भी दबाव बढ़ा है।
एलपीजी पर क्या कह रही सरकार
हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि देश में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन कमर्शियल LPG की कमी के कारण हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के कुछ कारोबार प्रभावित हुए हैं।पिछले एक साल से LPG की कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का रुझान देखा जा रहा है, लेकिन मार्च 2026 में ₹60 की बढ़ोतरी सबसे बड़ी उछाल मानी जा रही है।
देश के प्रमुख शहरों में LPG के ताजा रेट इस प्रकार हैं
नई दिल्ली – ₹913
कोलकाता – ₹939
मुंबई – ₹912.50
चेन्नई – ₹928.50
बेंगलुरु – ₹915.50
भुवनेश्वर – ₹939
चंडीगढ़ – ₹862.50
गुरुग्राम – ₹921.50
हैदराबाद – ₹965
ये दरें घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलोग्राम LPG सिलेंडर के लिए लागू हैं।
सरकार का दावा: गैस की कमी नहीं
केंद्र सरकार ने कहा है कि देश के किसी भी LPG डिस्ट्रीब्यूटर पर गैस खत्म होने की रिपोर्ट नहीं मिली है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक 14 मार्च को 77 लाख LPG बुकिंग दर्ज की गईं। सरकार ने यह भी बताया कि कमर्शियल LPG सिलेंडर राज्यों को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
दिल्ली में प्राथमिकता के आधार पर मिल रहा कमर्शियल LPG
दिल्ली के खाद्य आपूर्ति मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा के अनुसार ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ को-ऑर्डिनेट कर कमर्शियल LPG सिलेंडर की बिक्री शुरू कर दी गई है। करीब 1,800 सिलेंडर प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनका इस्तेमाल अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, रेस्टोरेंट और डेयरी जैसे जरूरी क्षेत्रों में किया जा रहा है। यह व्यवस्था औसत दैनिक खपत के करीब 20% तक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
जमाखोरी रोकने के लिए सख्त व्यवस्था
सरकार ने LPG की जमाखोरी रोकने और सप्लाई को संतुलित रखने के लिए 19 किलोग्राम कमर्शियल सिलेंडर के नियंत्रित वितरण का फैसला किया है। बुकिंग पहले आओ-पहले पाओ (FIFO) के आधार पर की जा रही है ताकि सभी उपभोक्ताओं को गैस मिल सके।
होर्मुज से सुरक्षित निकले LPG से भरे भारतीय जहाज
इस बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के साथ हुई बातचीत को महत्वपूर्ण बताया है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही फिर शुरू हो रही है। पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार के मुताबिक दो भारतीय जहाज शिवालिक और नंदा देवी सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुके हैं। इन जहाजों में करीब 92,700 मीट्रिक टन LPG है और ये मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पर 16 और 17 मार्च को पहुंचने की उम्मीद है।
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


