शेयर मार्केट में तूफानी तेजी के क्या हैं कारण, निवेशकों को ₹14 लाख करोड़ का फायदा
Why Market Is Up Today: सेंसेक्स करीब 2,800 अंक यानी लगभग 4% उछलकर 77,392 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 800 अंकों से ज्यादा की तेजी के साथ 23,939 तक चढ़ गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी करीब 4% तक उछाल दर्ज किया गया। आइए इस तेजी के कारणों को समझें…

Why Market Is Up Today: भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त खरीदारी देखने को मिल रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स करीब 2,800 अंक यानी लगभग 4% उछलकर 77,392 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 800 अंकों से ज्यादा की तेजी के साथ 23,939 तक चढ़ गया। यह तेजी केवल लार्ज कैप तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी करीब 4% तक उछाल दर्ज किया गया।
निवेशकों की संपत्ति में ₹14 लाख करोड़ का इजाफा
तेजी का असर निवेशकों की संपत्ति पर भी दिखा। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹429 लाख करोड़ से बढ़कर ₹443 लाख करोड़ पहुंच गया। यानी कुछ ही घंटों में निवेशकों को करीब ₹14 लाख करोड़ का फायदा हुआ। साथ ही, बाजार का डर मापने वाला इंडेक्स India VIX 19% से ज्यादा गिरकर 20 के नीचे आ गया, जो स्थिरता का संकेत है।
शेयर मार्केट में तूफानी तेजी के कारण
1-अमेरिका-ईरान युद्धविराम बना सबसे बड़ा ट्रिगर
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दो हफ्तों के लिए टालने के फैसले ने बाजार का सेंटीमेंट पूरी तरह बदल दिया। दोनों देशों के बीच बातचीत की शुरुआत की उम्मीद ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस युद्धविराम ने ग्लोबल अनिश्चितता को कम किया, जिससे बाजार में तेजी आई।
2-कच्चे तेल में गिरावट से भारत को राहत
तेल कीमतों में बड़ी गिरावट भी बाजार के लिए पॉजिटिव रही। ब्रेंट क्रूड करीब 14% गिरकर 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया। होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद ने एनर्जी क्राइसिस की चिंता कम कर दी है। तेल सस्ता होने से भारत का आयात बिल घट सकता है, जिससे महंगाई और करेंसी पर दबाव कम होगा।
3-डॉलर कमजोर, रुपया मजबूत
तेल गिरने और तनाव कम होने से डॉलर इंडेक्स 1% से ज्यादा टूटकर 98.84 पर आ गया। वहीं भारतीय रुपया मजबूत होकर 92.56 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। मजबूत रुपया विदेशी निवेशकों (FPI) को भारतीय बाजार की ओर आकर्षित कर सकता है। कच्चे तेल की कीमतें भी 95 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गई हैं।
4. एशियाई बाजारों में भी तेजी का माहौल
ग्लोबल संकेत भी पॉजिटिव रहे। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 6% तक चढ़े। यानी युद्धविराम का असर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशियाई बाजारों पर पड़ा है।
राहत की रैली, लेकिन नजर बनी रहेगी
युद्धविराम, सस्ता तेल और मजबूत रुपया—इन तीन बड़े फैक्टर ने बाजार में जोरदार रैली दी है। हालांकि, आगे की दिशा अमेरिका-ईरान बातचीत और वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगी।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


