क्या हैं एंथ्रोपिक के नए AI टूल, जिससे वॉल स्ट्रीट से दलाल स्ट्रीट तक IT स्टॉक्स हैं तबाह
एंथ्रोपिक ने एक नए एआई टूल को पेश किया। इसमें कंपनी ने क्लाउड कोवर्क और क्लाउड कोड जैसे टूल व प्लग-इन लॉन्च किए। लांच के साथ ही अमेरिकी शेयर बाजार में आईटी कंपनियों के स्टॉक्स में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली जिसका असर बुधवार और गुरुवार को भारतीय बाजार में भी देखने को मिला।

प्रसिद्ध एआई चैटबॉट 'क्लाउड' की निर्माता कंपनी एंथ्रोपिक ने हाल ही में एक नए एआई टूल को पेश किया। इसमें कंपनी ने क्लाउड कोवर्क और क्लाउड कोड जैसे टूल व प्लग-इन लॉन्च किए, जिसके आने से टेक बाजार में हलचल मच गई। लांच के साथ ही अमेरिकी शेयर बाजार में आईटी कंपनियों के स्टॉक्स में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली जिसका असर बुधवार और गुरुवार को भारतीय बाजार में भी देखने को मिला। लॉन्च के बाद से ही इस टूल को लेकर नौकरियों को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
दरअसल, एंथ्रोपिक का यह नया सिस्टम एजेंटिक एआई असिस्टेंट (कई मॉडलों को एक साथ जोड़ना) है। यह फाइलों को पढ़ने, दस्तावेज बनाने और कई चरणों वाले जटिल कार्यों करने में काबिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे डाटा एंट्री, टेस्टिंग और बेसिक कोडिंग जैसी नौकरियों पर असर पड़ सकता है।
क्या है क्लाउड कोवर्क
1. यह एक एजेंट बेस्ड एआई-वर्कस्पेस है। जो पहले सिर्फ बातचीत करता था, लेकिन अब यह टारगेट बताने पर खुद योजना बनाकर फाइलें ढूंढकर काम पूरा कर देगा।
2. इसे कोडिंग जानने की जरूरत नहीं है। यह तेज जवाब के लिए और मुश्किल समस्याओं पर गहराई से सोचने में भी निपुण है।
3. यह सीधे उन कामों को कर सकता है, जिनके लिए पहले भारी सॉफ्टवेयर की जरूरत होती थी। तभी इसे 'सास्पोकैलिप्स'(सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री के लिए खतरा) कहा जा रहा है। यह शब्द सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (सॉस) और अपोकेलिप्स को मिलाकर बना है।
नए टूल की खासियत
- टूल कंप्यूटर स्क्रीन को देख सकता है, कर्सर और बटन पर क्लिक करना और टेक्स्ट टाइप करने में सक्षम
- कानूनी दस्तावेजों की समीक्षा करने और कानूनी ब्रीफिंग तैयार करने जैसे जटिल काम खुद करने में आगे
- फाइलों को पढ़ने में काबिल, दस्तावेज एडिट करने, फोल्डर को व्यवस्थित करने और डेटा एनालिसिस रिपोर्ट तैयार में योग्य
- क्लाउड कोड के जरिये प्रोफेशनल स्तर का कोड लिख सकता है, उसे टेस्ट कर सकता है और खराब कोड को ठीक करने में भी आगे
इसमें कितने प्लग-इन
क्लाउड कोवर्क के साथ कंपनी ने 11 प्लग-इन पेश किए हैं। ये लीगल, सेल्स, मार्केटिंग, डेटा जैसे काम को ऑटोमैटिक तरीके से कर सकते हैं। इन कामों को करने के लिए कई बड़ी कंपनियों ने हजारों लोगों को काम पर रखा हुआ है।
आईटी कंपनियों पर असर
दरअसल, पहले जिन कई कामों के लिए अलग सॉफ्टेवयर की जरूरत पड़ती थी। अब वे सभी काम सिंगल एआई आधारित टूल से पूरे किए जा सकेंगे। इससे यह डर बढ़ा है कि कंपनियों की निर्भरता ट्रेडिशनल सॉस (सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस) प्लेफॉर्म्स पर घट जाएगी। एआई वर्कफ्लो इंजन उनकी जगह ले लेंगे।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


