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आईपीओ के हाई वैल्यूएशन पर उठे सवाल, सेबी चेयरमैन ने किया रिएक्ट

आईपीओ के हाई वैल्यूएशन पर उठे सवाल, सेबी चेयरमैन ने किया रिएक्ट

संक्षेप:

लेंसकार्ट के 7,200 करोड़ रुपये के आईपीओ के वैल्यूएशन को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। अतीत में भी कई हितधारकों द्वारा मूल्यांकन संबंधी चिंताएं उठाई गई हैं। खासकर से डिजिटल कंपनियों जैसे नाइका या पेटीएम के आईपीओ के मामले में।

Thu, 6 Nov 2025 04:39 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) में हाई वैल्यूएशन को लेकर कई तरह की चिंताएं हैं। हालांकि, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) इस मामले में दखल देने के मूड में नहीं है। सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने स्पष्ट कर दिया है कि पूंजी बाजार नियामक इस पहलू में हस्तक्षेप नहीं करेगा। पांडेय ने कहा- हम मूल्यांकन का निर्धारण नहीं करते। यह निवेशक के आकलन पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि बाजार को अवसरों के आधार पर मूल्य निर्धारण स्वतंत्र रूप से करना चाहिए। बता दें कि लेंसकार्ट के 7,200 करोड़ रुपये के आईपीओ के वैल्यूएशन को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। अतीत में भी कई हितधारकों द्वारा मूल्यांकन संबंधी चिंताएं उठाई गई हैं। खासकर से डिजिटल कंपनियों जैसे नाइका या पेटीएम के आईपीओ के मामले में।

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लेंसकार्ट के आईपीओ की डिटेल

आईवियर रिटेलर लेंसकार्ट सॉल्यूशंस लिमिटेड के आईपीओ को कई गुना गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, 7,278 करोड़ रुपये के आईपीओ को 9,97,61,257 शेयरों के मुकाबले 281,88,45,629 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। आईवियर कंपनी ने आईपीओ के लिए 382-402 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। लेंसकार्ट के आईपीओ में 2,150 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे और प्रवर्तकों व निवेशकों द्वारा 12.75 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) की जाएगी।

ईएसजी पर कही ये बात

इस बीच, सेबी चेयरमैन ने कंपनियों से कहा कि उन्हें पर्यावरण, सामाजिक एवं प्रबंधन (ईएसजी) प्रतिबद्धताओं के प्रति अधिक प्रामाणिक होना चाहिए। पांडेय ने कहा कि इसे मापने योग्य परिणामों से जोड़ा जाना चाहिए, स्वतंत्र आश्वासन के अधीन होना चाहिए और वास्तविक बोर्ड निरीक्षण में निहित होना चाहिए। यह स्पष्ट करते हुए कि ईएसजी अब वैकल्पिक नहीं है, पांडेय ने कहा कि व्यवसाय को विनियमों को लाभ में बदलना होगा न कि एक दायित्व में, जिसका अनुपालन किया जाना आवश्यक है। पांडेय ने यह भी कहा कि कंपनियों के निदेशकों एवं वरिष्ठ प्रबंधन को साइबर जोखिम, व्यवहार विज्ञान, डेटा नैतिकता और स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी क्षमता को मजबूत करना चाहिए।

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दीपक कुमार, हिन्दुस्तान डिजिटल में बिजनेस की खबरें लिखते हैं। वह स्टॉक मार्केट, यूटिलिटी समेत बिजनेस सेक्शन से जुड़ी हर खबरों की ना सिर्फ समझ रखते हैं, बल्कि आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। दीपक की बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी जबरदस्त पकड़ है। उन्हें बेहतरीन काम की सराहना मिलती रही है और सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से सीवान (बिहार) के रहने वाले दीपक के पास करीब 11 साल का अनुभव है। करियर की बात करें तो अमर उजाला से शुरू हुआ सफर दैनिक भास्कर,आजतक, इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप होते हुए हिन्दुस्तान डिजिटल तक पहुंच चुका है। फिलहाल, वह हिन्दुस्तान डिजिटल में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए हिमाचल यूनिवर्सिटी चले गए। दीपक सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं। उन्हें नई-नई तकनीक से रूबरू होना अच्छा लगता है। खाली वक्त में फिल्में देखना या क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं। और पढ़ें
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