Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़We are not an India out company Tata Technologies CEO says Trump H 1B hike won hurt operations
ट्रंप के इस फैसले से टाटा की कंपनी पर नहीं पड़ेगा असर, CEO ने दी पूरी जानकारी

ट्रंप के इस फैसले से टाटा की कंपनी पर नहीं पड़ेगा असर, CEO ने दी पूरी जानकारी

संक्षेप:

हैरिस ने कहा, 'हम India-out कंपनी नहीं हैं। हम पूरी तरह से एक वैश्विक संगठन हैं। हमारे अमेरिका में अमेरिकी नागरिक कार्यरत हैं, चीन में चीनी टीम है, जबकि कई भारतीय प्रतिस्पर्धी कंपनियां भारत से बाहर स्टाफ भेजने पर निर्भर हैं।'

Sun, 26 Oct 2025 05:33 PMVarsha Pathak लाइव हिन्दुस्तान
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Tata Technologies: टाटा ग्रुप की इंजीनियरिंग सेवा कंपनी टाटा टेक्नोलॉजीज ने स्पष्ट किया है कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा हाल ही में बढ़ाई गई H-1B वीजा फीस से कंपनी के कामकाज पर कोई तत्काल प्रभाव नहीं पड़ेगा। कंपनी के CEO और प्रबंध निदेशक वॉरेन हैरिस (Warren Harris) ने कहा कि टाटा टेक्नोलॉजीज की वैश्विक भर्ती नीति के कारण यह निर्णय कंपनी के लिए फिलहाल चिंता का विषय नहीं है।

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'हम ग्लांबल कंपनी हैं...'

हैरिस ने समाचार एजेंसी PTI से कहा, 'अमेरिका में H-1B वीज़ा की फीस में वृद्धि का टाटा टेक्नोलॉजीज़ पर फिलहाल कोई अल्पकालिक प्रभाव नहीं है। हालांकि, यह हमारे भविष्य के संसाधन नियोजन को अवश्य प्रभावित करेगा।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि कंपनी की रणनीति अन्य भारतीय आईटी कंपनियों से अलग है, क्योंकि टाटा टेक्नोलॉजीज़ में हर देश में अधिकांश कर्मचारी स्थानीय होते हैं।' हैरिस ने कहा, 'हम India-out कंपनी नहीं हैं। हम पूरी तरह से एक वैश्विक संगठन हैं। हमारे अमेरिका में अमेरिकी नागरिक कार्यरत हैं, चीन में चीनी टीम है, जबकि कई भारतीय प्रतिस्पर्धी कंपनियां भारत से बाहर स्टाफ भेजने पर निर्भर हैं।'

ग्लोबल स्ट्रक्चर से मिल रही मजबूती

टाटा टेक्नोलॉजीज़ की रणनीति के अनुसार, हर देश में कंपनी के लगभग 70% कर्मचारी उसी देश या क्षेत्र के नागरिक होते हैं। हैरिस के मुताबिक, “इसी नीति की वजह से हमारे ग्राहकों के साथ संबंध मजबूत हैं और हमारी भारतीय इंजीनियरिंग क्षमता का वैश्विक स्तर पर बेहतर उपयोग हो पाता है।”

अमेरिका की वीजा नीति पर प्रतिक्रिया

हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने H-1B वीजा की सालाना फीस को बढ़ाकर 1,00,000 डॉलर कर दिया है, जिससे कई भारतीय आईटी निर्यातक कंपनियों में चिंता बढ़ गई है। लेकिन हैरिस का कहना है कि टाटा टेक्नोलॉजीज़ की वैश्विक संरचना इसे अल्पकालिक झटकों से सुरक्षित रखती है। उन्होंने कहा, 'हम वीजा नीति में आए बदलावों से अवगत हैं और भविष्य की भर्ती रणनीति उसी के अनुरूप तैयार करेंगे, लेकिन फिलहाल इसका कोई सीधा असर हमारे काम पर नहीं है।'

कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (सितंबर तिमाही) में टाटा टेक्नोलॉजीज़ ने 5.14% की बढ़ोतरी के साथ ₹165.5 करोड़ का शुद्ध लाभ (Profit After Tax) दर्ज किया। पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा ₹157.41 करोड़ था। कंपनी की संचालन आय भी बढ़कर ₹1,323.33 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹1,296.45 करोड़ थी। वर्तमान में कंपनी के पास 18 देशों में 12,402 कर्मचारियों की वैश्विक वर्कफोर्स है।

व्यापारिक माहौल पर टिप्पणी

ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ (आयात शुल्क) पर बोलते हुए हैरिस ने कहा कि शुरुआत में इससे ग्राहकों में कुछ अनिश्चितता थी, लेकिन अब अधिकांश कंपनियों ने अपनी सप्लाई चेन और प्रोडक्ट रणनीति को रीसेट कर लिया है। उन्होंने कहा, 'अब वह दौर लगभग समाप्त हो चुका है, और व्यापारिक माहौल स्थिरता की ओर बढ़ रहा है।'

Varsha Pathak

लेखक के बारे में

Varsha Pathak
वर्षा पाठक बतौर डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर करीब 2 साल से हिन्दुस्तान डिजिटल से जुड़ी हुई हैं। मूल रूप से मधुबनी (बिहार) की रहने वाली वर्षा लाइव हिन्दुस्तान में बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें बिजनेस सेक्शन के अलग-अलग जॉनर की खबरों की समझ है। इसमें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी आदि शामिल हैं। करीब 7 साल से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय वर्षा ने यहां से पहले दैनिक भास्कर और नेटवर्क 18 में बतौर कंटेंट राइटर काम किया है। उन्हें रिपोर्टिंग का भी अनुभव है। करियर की छोटी अवधि में ही वर्षा के काम की ना सिर्फ सराहना हुई है बल्कि सम्मानित भी किया गया है। वर्षा ने जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में डिप्लोमा की डिग्री ली। और पढ़ें
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