विदेशी शेयर बाजार में निवेश करना हुआ आसान, जेरोधा से Groww तक को हरी झंडी
मुख्य बातें
- जेरोधा, ग्रो, एंजल वन और Upstox को अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी शेयरों में निवेश की सुविधा शुरू करने की मंजूरी मिल गई है
- बता दें कि स्मॉलकेस, INDmoney और HDFC सिक्योरिटीज जैसे कई प्लेटफॉर्म पहले से ही अलग-अलग तरीकों से अंतरराष्ट्रीय स्टॉक तक एक्सेस दे रहे हैं

Share market news: विदेश के शेयर बाजारों में निवेश करने की चाहत रखते हैं तो ये खबर आपके लिए है। दरअसल, भारत के चार बड़े रिटेल ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म जेरोधा, ग्रो, एंजल वन और Upstox को GIFT सिटी के जरिए अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी शेयरों में निवेश की सुविधा शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। इन कंपनियों को इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) से जरूरी मंजूरी मिली है। बता दें कि IFSCA, GIFT सिटी के इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (IFSC) में काम करने वाले फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स, सेवाओं और संस्थानों के लिए रेगुलेटर है।
कब से शुरू होगी सुविधा?
मनीकंट्रोल की एक खबर के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी शेयरों में निवेश की सुविधा अगले दो से तीन महीनों में शुरू होने की उम्मीद है। जानकारी के मुताबिक ब्रोकरेज कंपनियां टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन, टेस्टिंग और कंप्लायंस की प्रक्रियाएं पूरी कर रही हैं। इसी के साथ ये ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म उन कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएंगे जो GIFT सिटी के जरिए विदेशी इक्विटी में निवेश की सुविधा देती हैं।
रिपोर्ट के अनुसार जेरोधा और Upstox ब्रोकर-डीलर के तौर पर काम करेंगे जबकि ग्रो और एंजेल वन ग्लोबल एक्सेस प्रोवाइडर (GAP) फ्रेमवर्क के तहत यह सेवा देंगे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जेरोधा और Upstox के विदेशी पार्टनर्स - जैसे ViewTrade इंटरनेशनल, Interactive ब्रोकर्स और Alpaca सिक्योरिटीज के जरिए ट्रेड करने की उम्मीद है।
धन को मिल चुकी है मंजूरी
ये मंजूरी धन (Dhan) द्वारा US स्टॉक में निवेश की सुविधा शुरू करने के कुछ दिनों बाद मिली है, जो यह दिखाता है कि भारतीय निवेशकों को ग्लोबल मार्केट तक एक्सेस देने में ब्रोकरेज फर्मों की दिलचस्पी बढ़ रही है। ब्रोकरेज कंपनियां अगले कुछ महीनों में इसे लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं।
बता दें कि स्मॉलकेस, INDmoney और HDFC सिक्योरिटीज जैसे कई प्लेटफॉर्म पहले से ही अलग-अलग तरीकों से अंतरराष्ट्रीय स्टॉक तक एक्सेस दे रहे हैं। अब जेरोधा, ग्रो, एंजल वन और Upstox के आने से रिटेल निवेशकों की विदेशी बाजारों तक एक्सेस और बढ़ सकती है। बता दें कि हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय निवेश की मांग बढ़ी है क्योंकि भारतीय निवेशक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं।
GIFT सिटी क्या है?
गुजरात में स्थित GIFT सिटी भारत के इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर का घर है, जो एक खास फाइनेंशियल जो है और इसे सीमा-पार फाइनेंशियल सेवाओं और ट्रांजैक्शन को आसान बनाने के लिए बनाया गया है। विदेशी सिक्योरिटीज तक एक्सेस बढ़ाने के लिए IFSCA ने ग्लोबल एक्सेस प्रोवाइडर (GAP) फ्रेमवर्क शुरू किया है। इसके तहत, GIFT सिटी से काम करने वाली रेगुलेटेड कंपनियां निवेशकों को भारत-आधारित रेगुलेटरी स्ट्रक्चर के जरिए विदेशी स्टॉक, दूसरी अंतरराष्ट्रीय सिक्योरिटीज तक एक्सेस दे सकती हैं।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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