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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद Vodafone Idea के शेयरों में बंपर उछाल

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद Vodafone Idea के शेयरों में बंपर उछाल

संक्षेप:

Vodafone Idea share: सुप्रीम कोर्ट द्वारा सोमवार को केंद्र सरकार को दूरसंचार ऑपरेटर के समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाया के पुनर्मूल्यांकन के मुद्दे पर पुनर्विचार करने की अनुमति दिए जाने के बाद वोडाफोन आइडिया के शेयरों में 7% से अधिक की उछाल आई।

Oct 27, 2025 11:52 am ISTDrigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा सोमवार को केंद्र सरकार को दूरसंचार ऑपरेटर के समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाया के पुनर्मूल्यांकन के मुद्दे पर पुनर्विचार करने की अनुमति दिए जाने के बाद वोडाफोन आइडिया के शेयरों में 7% से ज्यादा की उछाल आई। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीएसई पर वोडाफोन आइडिया के शेयर 7.48% की बढ़त के साथ 10.34 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गए।

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला केंद्र सरकार के नीतिगत अधिकार क्षेत्र में आता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे केंद्र द्वारा इस मुद्दे पर पुनर्विचार करने और उचित निर्णय लेने में कोई बाधा नहीं दिखती।

AGR मामले की कब क्या हुआ

13 अक्टूबर: सुप्रीम कोर्ट ने वोडाफोन आइडिया की याचिका की सुनवाई को 27 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया था।

कंपनी की चुनौती: कर्ज में डूबी इस टेलीकॉम कंपनी ने दूरसंचार विभाग के उस दावे को चुनौती दी है, जिसमें FY 2016-17 तक की अवधि के लिए 5,606 करोड़ रुपये के अतिरिक्त AGR शुल्क की मांग की गई है।

AGR क्या है? AGR (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) वह आय का आंकड़ा है जिसके आधार पर टेलीकॉम कंपनियों को सरकार को लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम चार्ज देना होता है।

सरकार का रुख और कंपनी की मांग

केंद्र सरकार ने पहले कहा था कि कंपनी के साथ समाधान निकालने के प्रयास जारी हैं। सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि सरकार के पास वोडाफोन आइडिया की लगभग 50% हिस्सेदारी है, जो इसे कंपनी के भविष्य में सीधा हितधारक बनाती है।

वोडाफोन आइडिया ने सुप्रीम कोर्ट से टेलीकॉम डिपॉर्टमेंट को निर्देश देने की मांग की है कि वह 3 फरवरी, 2020 की 'कटौती सत्यापन दिशा-निर्देशों' का पालन करते हुए FY 2016-17 तक की अवधि के सभी AGR शुल्क का व्यापक पुनर्मूल्यांकन और समाधान करे।

अतीत के फैसले और बदलाव

सितंबर 2020: सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को 93,520 करोड़ रुपये के AGR संबंधी बकाया को चुकाने के लिए 10 साल की समयसीमा तय की थी। कोर्ट ने कंपनियों को 31 मार्च, 2021 तक कुल बकाया राशि का 10% भुगतान करने और बाकी रकम 1 अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2031 तक वार्षिक किस्तों में चुकाने का आदेश दिया था।

AGR की परिभाषा: पहले AGR की परिभाषा में टेलीकॉम और गैर-टेलीकॉम दोनों तरह की आय शामिल थी। लेकिन 2021 में सरकार ने नियमों में बदलाव करके नॉन-टेलीकॉम आय को AGR की गणना से बाहर कर दिया, जिससे टेलीकॉम ऑपरेटरों के वित्तीय बोझ में कमी आई।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia
टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल मिलाकर 20 साल का अनुभव। एचटी डिजिटल से पहले दृगराज न्यूज नेशन, दैनिक जागरण, हिंदुस्तान, सहारा समय और वॉच न्यूज एमपी /सीजी में रिपोर्टिग और डेस्क पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। स्पेशल स्टोरीज,स्पोर्ट्स, पॉलिटिक्स, सिनेमा, स्पोर्ट्स के बाद अब बिजनेस की खबरें लिख रहे हैं। दृगराज, लाइव हिन्दुस्तान में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर काम कर रहे हैं। और पढ़ें
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