चर्चित निवेशक मोबियस का निधन, थाइलैंड से रूस तक के शेयर बाजार में चलता था सिक्का
दिग्गज निवेशक मार्क मोबियस का निधन हो गया है। उन्होंने 89 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। 1997 में जब थाईलैंड ने अपनी करेंसी को फ्लोट किया तब एशिया में वित्तीय संकट आया और इस दौरान मोबियस ने सस्ते शेयर खरीदे। ऐसे ही थाइलैंड और अफ्रीका के शेयर बाजार में भी दांव लगाया।

दिग्गज निवेशक मार्क मोबियस का निधन हो गया है। उन्होंने 89 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। मोबियस इन्वेस्टमेंट्स के पार्टनर जॉन निनिया ने बताया कि उनका निधन सिंगापुर में हुआ। मोबियस वैश्विक स्तर पर निवेश के लिए चर्चित रहे। उन्होंने अमेरिका के अलावा, थाइलैंड और रूस जैसे देशों के शेयर बाजार में निवेश कर दुनिया को लोहा मनवाया।
1987 में जॉन टेम्पलटन से संपर्क
बता दें कि 1987 में जॉन टेम्पलटन ने मोबियस को काम पर रखा था। जॉन टेम्पलटन की बात करें तो वह उन शुरुआती अमेरिकी निवेशकों में से एक थे जिन्होंने अपने देश के निवेशकों को विदेश की कंपनियों में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। मोबियस ने साल 2016 तक टेम्पलटन इमर्जिंग मार्केट्स ग्रुप की देखरेख की। 2015 तक इसके प्रमुख फंड 'टेम्पलटन इमर्जिंग मार्केट्स इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट' के मुख्य प्रबंधक रहे और जनवरी 2018 में रिटायर हो गए।
2009 में बुल मार्केट की सटीक भविष्यवाणी
मोबियस कुछ साल सिंगापुर में भी रहे और साल में 250 से 300 दिन एक Gulfstream IV प्राइवेट जेट में सफर करते थे। वे दुनिया के दूर-दराज के कोनों में मौजूद फैक्टरियों और डिस्ट्रिब्यूटरों से मिलकर निवेश के मौकों की तलाश करते थे। उन्होंने साल 2009 में शुरू हुए 'बुल मार्केट' की शुरुआत की सही भविष्यवाणी की थी।
मोबियस ने 2018 में लंदन स्थित 'मोबियस कैपिटल पार्टनर्स' की स्थापना की थी और उभरते हुए बाजार की इक्विटी में निवेश करने वाले फंड्स का प्रबंधन किया था। उन्होंने 2023 के आखिर में वह कंपनी छोड़ दी लेकिन निवेश के नए मौकों की तलाश जारी रखी और दुबई में एक नया वेंचर शुरू किया। यहां वे पिछले तीन सालों से रह रहे थे।
थाइलैंड से रूस तक के शेयर बाजार पर दांव
1997 में जब थाईलैंड ने अपनी करेंसी को फ्लोट किया तब एशिया में वित्तीय संकट आया और इस दौरान मोबियस ने सस्ते शेयर खरीदे। वहीं, 1998 में जब रूस में घबराहट में शेयर बेचने का दौर चला, तब उन्होंने रूसी शेयर खरीदे।
वे उन शुरुआती संस्थागत निवेशकों में से एक थे जिन्होंने अफ्रीका को एक उभरते हुए बाजार के तौर पर पहचाना और 2012 में 'Templeton अफ्रीका फंड' की शुरुआत की। उनकी मार्केट पर जबरदस्त पकड़ थी। अभी पिछले ही महीने अपने एक कॉलम के जरिए मोबियस ने ईरान में चल रहे युद्ध और इक्विटी मार्केट्स पर उसके असर के बारे में अपने विचार साझा किए थे।
मोबियस ने कहां से की थी पढ़ाई?
1955 में मोबियस को बोस्टन यूनिवर्सिटी में ड्रामेटिक आर्ट्स (नाट्य कला) की पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप मिली और अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने में मदद के लिए उन्होंने एक नाइटक्लब में पियानोवादक के तौर पर काम किया। उन्होंने फाइन आर्ट्स में बैचलर डिग्री और कम्युनिकेशंस में मास्टर डिग्री हासिल की। उन्होंने क्योटो में जापानी संस्कृति और जापानी भाषा सीखने के लिए स्कॉलरशिप हासिल की।
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