आपके पोर्टफोलियो में हैं वेदांता के शेयर? दांव लगाने वालों को मिलने लगी खुशखबरी
मुख्य बातें
- वेदांता (Vedanta) के मेगा डिमर्जर के बाद निवेशकों के डीमैट अकाउंट में चार नई कंपनियों के अनलिस्टेड शेयर दिखाई देने लगे हैं
- जी हां, ये असली स्टॉक्स हैं
- हालांकि, ये शेयर अभी ट्रेड नहीं हो सकते, क्योंकि इनकी NSE और BSE पर लिस्टिंग बाकी है
- आइए इसकी सच्चाई जानते हैं

अगर आप वेदांता (Vedanta) के शेयरधारक हैं और हाल ही में अपने डीमैट अकाउंट में कुछ नए अनलिस्टेड शेयर देखकर हैरान हो गए हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह किसी तकनीकी गड़बड़ी का मामला या फर्जीवाड़ा नहीं, बल्कि भारत के मेटल और माइनिंग सेक्टर के सबसे बड़े कॉर्पोरेट रिस्ट्रक्चरिंग (Restructuring) यानी डिमर्जर का असर है। वेदांता (Vedanta) ने अपने बिजनेस को अलग-अलग कंपनियों में बांटने की प्रक्रिया शुरू की है, जिसके बाद निवेशकों के डीमैट अकाउंट में 4 नई कंपनियों के शेयर दिखाई देने लगे हैं। आइए जरा विस्तार से इसको समझते हैं।
दरअसल, अप्रैल 2026 में वेदांता (Vedanta) ने ऐलान किया था कि कंपनी अपने कई बड़े कारोबारों को अलग-अलग कंपनियों में बांटेगी। इसके तहत वेदांता एल्युमिनियम मेटल (Vedanta Aluminium Metal- VAML), तलवंडी साबो पावर (Talwandi Sabo Power), जिसे आगे वेदांता पावर (Vedanta Power) कहा जाएगा, माल्को एनर्जी (Malco Energy) जिसे वेदांता ऑयल एंड गैस (Vedanta Oil and Gas) के रूप में रीब्रांड किया जाएगा और वेदांता आयरन एंड स्टील (Vedanta Iron and Steel) को अलग कंपनियों में बदल दिया गया। कंपनी ने कहा था कि रिकॉर्ड डेट तक जिन निवेशकों के पास वेदांता (Vedanta) का एक शेयर होगा, उन्हें इन चारों कंपनियों का एक-एक शेयर मिलेगा।
1 मई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय
वेदांता (Vedanta) ने 1 मई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की थी। लेकिन, उस दिन महाराष्ट्र दिवस के कारण शेयर बाजार बंद था, इसलिए 30 अप्रैल को ही शेयरों में डिमर्जर एडजस्टमेंट हो गया। इसी वजह से कई निवेशकों को ऐसा लगा कि वेदांता (Vedanta) का शेयर एक ही दिन में 60% से ज्यादा टूट गया है। हालांकि, असलियत में यह कोई क्रैश नहीं था। कंपनी के मुख्य शेयर से नई कंपनियों की वैल्यू अलग कर दी गई थी, जिससे पुराने शेयर की कीमत तकनीकी रूप से कम दिखाई देने लगी।
अब सवाल यह है कि डीमैट अकाउंट में दिख रहे ये नए शेयर आखिर ट्रेड क्यों नहीं हो रहे? इसका जवाब यह है कि ये कंपनियां अभी तक NSE और BSE पर लिस्ट नहीं हुई हैं। फिलहाल, ये शेयर टे ISIN या अनलिस्टिड सेक्शन में दिखाई दे रहे हैं, यानी निवेशकों के पास शेयर तो आ चुके हैं, लेकिन जब तक इनकी आधिकारिक लिस्टिंग नहीं होती, तब तक इन्हें खरीदा या बेचा नहीं जा सकता।
वेदांता रिसोर्सेस (Vedanta Resources) की CEO देशनी नायडू (Deshnee Naidoo) ने हाल ही में कहा कि कंपनी जल्द ही स्टॉक एक्सचेंजों में लिस्टिंग अप्रूवल के लिए आवेदन करेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि जून के मध्य तक ये चारों कंपनियां बाजार में लिस्ट हो सकती हैं और फिर निवेशक इनमें ट्रेडिंग कर सकेंगे।
मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि वेदांता (Vedanta) का यह डिमर्जर निवेशकों के लिए लंबे समय में बड़ा अवसर बन सकता है। अलग-अलग बिजनेस अलग कंपनियों में बंटने से हर सेक्टर की असली वैल्यू सामने आएगी। उदाहरण के तौर पर एल्युमिनियम, ऑयल एंड गैस, पावर और स्टील बिजनेस अब अलग पहचान के साथ काम करेंगे, जिससे निवेशकों को अपनी पसंद के सेक्टर में निवेश का बेहतर मौका मिलेगा।
ब्रोकरेज फर्म नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटी (Nuvama Institutional Equities) ने भी इन नई कंपनियों के लिए संभावित वैल्यूएशन जारी किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वेदांता एल्युमिनियम (Vedanta Aluminium) का अनुमानित मूल्य सबसे ज्यादा माना जा रहा है, जबकि ऑयल एंड गैस (Oil & Gas), पावर (Power) और आयरन & स्टील (Iron & Steel) बिजनेस भी भविष्य में मजबूत ग्रोथ दिखा सकते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि डिमर्जर एडजस्टमेंट के बाद भी वेदांता (Vedanta) के शेयरों में मजबूती बनी हुई है। VEDL के शेयरों में गुरुवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली और स्टॉक 4.99% यानी 16.15 रुपये उछलकर 339.50 रुपये पर पहुंच गया। वेदांता (Vedanta) के मेगा डिमर्जर प्लान और नई कंपनियों की संभावित लिस्टिंग को लेकर निवेशकों में उत्साह बढ़ा हुआ है।
विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले महीनों में जब ये नई कंपनियां लिस्ट होंगी, तब निवेशकों को इनके वास्तविक मार्केट वैल्यू का अंदाजा मिलेगा। फिलहाल, जिन निवेशकों के डीमैट अकाउंट में अनलिस्टेड शेयर दिखाई दे रहे हैं, उन्हें सिर्फ थोड़ा इंतजार करने की जरूरत है।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई
स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही
क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही
नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।


