अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भारत पर क्या पड़ेगा असर, जीरो हो जाएगा टैरिफ?
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ घोषणाओं को अवैध करार कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने नेशनल इमरजेंसी लॉ के तहत दुनिया भर के कई देशों पर टैरिफ लगाया था। हालांकि, इससे अमेरिका की ट्रेड पॉलिसी पर बुरा असर पर पड़ा था।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ घोषणाओं को अवैध करार कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने नेशनल इमरजेंसी लॉ के तहत दुनिया भर के कई देशों पर टैरिफ लगाया था। हालांकि, इससे अमेरिका की ट्रेड पॉलिसी पर बुरा असर पर पड़ा था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अमेरिकी राष्ट्रपति चिढ़ गए। उन्होंने 10 प्रतिशत का ग्लोबल टैरिफ लगा दिया। बता दें, यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में मिड-टर्म चुनाव इसी साल के अंत में होंगे।
कौन से नियम का उपयोग कर रहे हैं ट्रंप?
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 से इस फैसले को सुनाया। डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी 2025 से टैरिफ का ऐलान करना शुरू किया था। तब उन्होंने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकनॉमिक पावर एक्ट (International Emergency Economic Powers Act) 1977 को अपना हथियार बनाया। अमूमन यह नियम में अमेरिकी सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर उपयोग करती आ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि इस बार ऐसा नहीं हुआ है।
ट्रंप फिर भी नहीं मान रहे
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी ट्रंप मानने को तैयार नहीं दिखाई दे रहे हैं। उनके प्रशासन ने एक फैक्ट शीट जारी किया। जिसमें कहा गया है कि टैरिफ आगे भी जारी रहेगा। इस बयान में कहा गया है कि यह ट्रंप के लिए यह अच्छा टूल है। जिसके जरिए वो अमेरिकी व्यापारियों, घरेलू प्रोडक्शन आदि का बचाव कर पा रहे हैं। ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को खतरनाक निर्णय बताया। ह्वाइट हाउस के पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे पास और भी विकल्प हैं।
भारत को लेकर क्या बोल रहा है ट्रंप प्रशासन?
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार ह्वाइट हाउस में सवाल के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के साथ ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं हुआ है। एग्रीमेंट अब भी जारी है।” उन्होंने कहा,“इंडिया टैरिफ का भुगतान करेगा। हम कोई टैरिफ उन्हें नहीं देंगे।”
रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने कहा, “भारत के साथ हमारा सम्बंध शानदार है। हम भारत के साथ ट्रेड कर रहे हैं। इंडिया ने रूस से तेल नहीं खरीद रहा है। उन्होंने यह कदम मेरे आग्रह पर पीछे किया है।”
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद की क्या स्थिति?
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत को जीरो टैरिफ देने के लिए योग्य हो चुका है। हालांकि, ट्रंप प्रशासन और ह्वाइट हाउस इस बात पर जोर दे रहा है कि दोनों देशों के बीच डील फाइनल हो चुका है। जिसकी वजह से भारत को 18 प्रतिशत के टैरिफ समझौते का सम्मान करना चाहिए।
लेखक के बारे में
Tarun Pratap Singhतरुण प्रताप सिंह, लाइव हिन्दुस्तान के साथ अक्टूबर 2020 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस टीम का हिस्सा हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर पर लिखने के साथ-साथ आईपीओ पर वीडियो इंटरव्यू की भी जिम्मेदारी सम्भालते हैं। लाइव हिन्दुस्तान की वीडियो टीम के लिए 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में टीम लीड करते हुए 200 विधानसभा सीट में ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरीज कर चुके हैं। श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उत्तर प्रदेश में ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है। साल 2025 में प्रयागराज में सम्पन्न हुए महाकुंभ में 40 दिन से अधिक दिन तक कुंभ नगरी में रहकर अनेकों वीडियो इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरिज किए थे।
शिक्षा
बी.ए (ऑनर्स) और एम.ए की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी से पूरा किया है। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है।
अनुभव -
HT का हिस्सा बनने से पहले स्वतंत्र तौर पर 2019 में लोकसभा चुनाव, 2019 में हरियाणा विधानसभा, 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2020 में दिल्ली दंगा की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है। श्री राम मंदिर भूमि पूजन (साल 2020) के दौरान भी बतौर स्वतंत्र पत्रकार अपनी सेवाएं दिए हैं।
दैनिक जागरण के एक स्पेशल कार्यक्रम के तहत वाराणसी में दो अलग-अलग साल में 100-100 बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली की 15 दिनों की ट्रेनिंग भी देने का अनुभव प्राप्त है।
विशेषताएं -
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