भारत में और महंगा होगा तेल? लोगों की जेब काटने आया ट्रंप का ये नया बिल; बस वोटिंग बाकी

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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मुख्य बातें

  • अमेरिकी संसद के निचले सदन में एक ऐसा बिल अंतिम वोट के लिए आगे बढ़ाया गया है, जो भारत के आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालेगा
  • अगर यह बिल कानून बनता है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल जाएगा

US House Advances Russia Sanctions Bill
अमेरिकी संसद के निचले सदन ने 'लिंडसे ओ. ग्राहम सेंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' को अंतिम वोट के लिए बढ़ाया आगे।

अमेरिकी संसद के निचले सदन (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) ने एक कड़ा प्रतिबंध विधेयक पारित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस विधेयक के कानून बनने पर अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक सीमा शुल्क (टैरिफ) लगाने का अधिकार मिल जाएगा। इस फैसले का सीधा असर भारत और चीन जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देशों पर पड़ सकता है। ट्रंप के इस नए विधेयक की तलवार भारत समेत कई देशों पर लटक रही है और इसके साथ ही फ्यूल महंगा होने की आशंका भी बढ़ गई है।

क्या है विधेयक और प्रक्रिया?

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस कानून का नाम ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सेंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ (Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026) रखा गया है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में इस विधेयक को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव 214 के मुकाबले 211 मतों से पारित हुआ। इससे पहले अगस्त महीने में अमेरिकी सीनेट ने इसे 86-11 के भारी बहुमत से मंजूरी दी थी। सदन से अंतिम मुहर लगने के बाद इसे राष्ट्रपति के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा।

टैरिफ का किस पर असर पड़ेगा?

ट्रंप के इस नए विधेयक का उद्देश्य रूस के एनर्जी सेक्टर को कमजोर करना है, ताकि यूक्रेन युद्ध में उसकी फाइनेंशियल मदद रुक सके। इस नए विधेयक से रूस से तेल-गैस खरीदने वाले टॉप 5 देशों को निशाना बनाया जा सकता है। इस लिस्ट में भारत और चीन के अलावा अजरबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया शामिल हैं। इसके अलावा यह कानून ईरान के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों पर भी कड़े प्रतिबंध लागू कर सकता है।

भारत का रुख और पक्ष

भारत ने स्पष्ट किया है कि रूसी तेल की खरीद उसके राष्ट्रीय हितों, बाजार में आपूर्ति और वैश्विक कीमतों पर निर्भर करती हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत-रूस ऊर्जा सहयोग आपसी साझेदारी का एक मजबूत आधार है। दोनों देश लंबे समय से असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र सहित कई प्रोजेक्ट्स पर मिलकर काम कर रहे हैं, जिसका सफल उदाहरण कुडनकुलम परियोजना है। भारत इस सहयोग को और आगे बढ़ाने का पक्षधर है।

अमेरिकी टैरिफ का भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

भारत अपने कच्चे तेल का 88% आयात करता है, जिसका एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा (35% से अधिक कच्चा तेल) रूस से आता है, जो अमेरिकी टैरिफ निर्णय को प्रभावित करने वाला एक कारक है, क्योंकि भारत अपनी बढ़ती मांग को पूरा करने के लिये सस्ती ऊर्जा की तलाश कर रहा है, साथ ही अपने ऊर्जा स्रोत में भू-राजनीतिक विचारों को संतुलित कर रहा है।

आयात-निर्यात और प्रमुख क्षेत्रों पर महत्त्वपूर्ण प्रभाव

अमेरिकी टैरिफ का सीधा असर भारत के अमेरिका को होने वाले निर्यात पर भी पड़ेगा। सबसे अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक्स (विशेष रूप से स्मार्टफोन), फार्मास्यूटिकल्स, कपड़ा, एप्रेल, रत्न, आभूषण और ऑटोमोबाइल पार्ट्स शामिल हैं।

Sarveshwar Pathak

लेखक के बारे में

Sarveshwar Pathak

सर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।

उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।

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